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सीबीआरआई देगा युवाओं को रोजगार
अमर उजाला ब्यूरो रुड़की
Updated Tue, 21 Feb 2017 10:08 PM IST
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भवन निर्माण तकनीक के क्षेत्र में पहचान रखने वाला रुड़की स्थित केंद्रीय अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) अब बेरोजगार डिप्लोमाधारक इंजीनियरों को कौशल आधारित प्रशिक्षण देकर नौकरी दिलाएगा। संस्थान की ओर से नेशनल स्किल डेवलपमेंट काउंसिल दिल्ली को भेजे गए प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई है। जुलाई में संस्थान इसकी शुरूआत करने जा रहा है।
सीबीआरआई के प्रधान वैज्ञानिक एवं कौशल विकास इकाई के कोआर्डिनेटर एसके सिंह ने बताया कि जुलाई में तीन माह का प्रशिक्षण शुरू करने के लिए कुछ औपचारिकताएं पूरी करना अब शेष हैं। उन्हें शीघ्र पूरा कर जुलाई माह में प्रशिक्षण शुरू कर दिया जाएगा। सिंह ने बताया कि पालीटेक्निक में डिप्लोमा प्राप्त करने वाले छात्रों को फैक्ट्रियों में होने वाले कार्यों का व्यवहारिक ज्ञान नहीं होता। इसी वजह से उन्हें नौकरी भी नहीं मिल पाती, लेकिन इस प्रशिक्षण में युवाओं को फैक्ट्रियों की जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले को सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। जिस फैक्ट्री में जैसा काम होगा उसकी अनुसार युवा को प्रशिक्षित किया जाएगा और उसी फैक्ट्री में रोजगार दिलाया जाएगा। इसके लिए फैक्ट्रियों से अनुबंध आदि की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है। संस्थान के इस कदम से रुड़की और आसपास स्थित पालीटेक्निक संस्थानों से पासआउट सैकड़ों डिप्लोमाधारकों को मदद मिलेगी।
सीबीआरआई के प्रधान वैज्ञानिक एवं कौशल विकास इकाई के कोआर्डिनेटर एसके सिंह ने बताया कि जुलाई में तीन माह का प्रशिक्षण शुरू करने के लिए कुछ औपचारिकताएं पूरी करना अब शेष हैं। उन्हें शीघ्र पूरा कर जुलाई माह में प्रशिक्षण शुरू कर दिया जाएगा। सिंह ने बताया कि पालीटेक्निक में डिप्लोमा प्राप्त करने वाले छात्रों को फैक्ट्रियों में होने वाले कार्यों का व्यवहारिक ज्ञान नहीं होता। इसी वजह से उन्हें नौकरी भी नहीं मिल पाती, लेकिन इस प्रशिक्षण में युवाओं को फैक्ट्रियों की जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले को सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। जिस फैक्ट्री में जैसा काम होगा उसकी अनुसार युवा को प्रशिक्षित किया जाएगा और उसी फैक्ट्री में रोजगार दिलाया जाएगा। इसके लिए फैक्ट्रियों से अनुबंध आदि की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है। संस्थान के इस कदम से रुड़की और आसपास स्थित पालीटेक्निक संस्थानों से पासआउट सैकड़ों डिप्लोमाधारकों को मदद मिलेगी।
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