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विधानसभा चुनाव में पिछड़ी आधी आबादी
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जिले में विधानसभा चुनाव में जीत के जोश के साथ उतरी 11 महिला प्रत्याशी चुनाव परिणाम सामने आने पर फिर पिछड़ गई हैं। जिले में नौ सीटों पर विभिन्न पार्टियों और निर्दलीय चुनाव में उतरी महिला प्रत्याशियों में से केवल .18 प्रतिशत यानी दो महिलाओं ने जीत दर्ज कराई। वहीं मंगलौर और रुड़की ऐसी विधानसभाएं थीं जहां कोई भी महिला प्रत्याशी मैदान में नहीं थी।
हरिद्वार में भगवानपुर और हरिद्वार ग्रामीण सीट को छोड़कर कोई महिला प्रत्याशी कमाल नहीं दिखा पाई। इस बार जिले में नौ सीटों पर विभिन्न पार्टियों से 11 महिला प्रत्याशियों ने हुंकार भरी थी। रुड़की और मंगलौर सीट पर न तो किसी पार्टी ने महिला प्रत्याशी को टिकट दिया और न ही यहां कोई निर्दलीय महिला प्रत्याशी मैदान में उतरी थी। सबसे ज्यादा झबरेड़ा सीट पर तीन महिला प्रत्याशी मैदान में थीं। हरिद्वार ग्रामीण में दो और अन्य सभी सीट पर एक-एक महिला प्रत्याशी चुनाव लड़ीं। मुख्य पार्टियों की बात करें तो भाजपा ने खानपुर से रानी देवयानी और कांग्रेस ने हरिद्वार ग्रामीण से अनुपमा रावत व भगवानपुर सीट पर ममता राकेश को चुनाव मैदान में उतारा था। इसमें कांग्रेस की महिला प्रत्याशियों ने पार्टी के भरोसे को जिताया। इन दोनों ही महिला प्रत्याशियों ने बेहतर प्रतिशत के साथ जीत दर्ज की। हरिद्वार ग्रामीण सीट से अनुपमा रावत ने 46.59 और भगवानपुर से ममता राकेश ने 45.36 प्रतिशत वोट प्राप्त कर जीत दर्ज की लेकिन भाजपा का खानपुर सीट पर महिला प्रत्याशी को टिकट देने का फैसला गलत साबित हुआ। यहां पर खानपुर के पूर्व विधायक कुुंवर प्रणव सिंह चैंपियन की पत्नी ने 27.18 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। अन्य सभी महिला प्रत्याशी 0.15 से 0.49 प्रतिशत वोटों तक ही सिमट गई। ऐसे में हरिद्वार में महिला प्रत्याशियों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है।
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हरिद्वार में भगवानपुर और हरिद्वार ग्रामीण सीट को छोड़कर कोई महिला प्रत्याशी कमाल नहीं दिखा पाई। इस बार जिले में नौ सीटों पर विभिन्न पार्टियों से 11 महिला प्रत्याशियों ने हुंकार भरी थी। रुड़की और मंगलौर सीट पर न तो किसी पार्टी ने महिला प्रत्याशी को टिकट दिया और न ही यहां कोई निर्दलीय महिला प्रत्याशी मैदान में उतरी थी। सबसे ज्यादा झबरेड़ा सीट पर तीन महिला प्रत्याशी मैदान में थीं। हरिद्वार ग्रामीण में दो और अन्य सभी सीट पर एक-एक महिला प्रत्याशी चुनाव लड़ीं। मुख्य पार्टियों की बात करें तो भाजपा ने खानपुर से रानी देवयानी और कांग्रेस ने हरिद्वार ग्रामीण से अनुपमा रावत व भगवानपुर सीट पर ममता राकेश को चुनाव मैदान में उतारा था। इसमें कांग्रेस की महिला प्रत्याशियों ने पार्टी के भरोसे को जिताया। इन दोनों ही महिला प्रत्याशियों ने बेहतर प्रतिशत के साथ जीत दर्ज की। हरिद्वार ग्रामीण सीट से अनुपमा रावत ने 46.59 और भगवानपुर से ममता राकेश ने 45.36 प्रतिशत वोट प्राप्त कर जीत दर्ज की लेकिन भाजपा का खानपुर सीट पर महिला प्रत्याशी को टिकट देने का फैसला गलत साबित हुआ। यहां पर खानपुर के पूर्व विधायक कुुंवर प्रणव सिंह चैंपियन की पत्नी ने 27.18 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। अन्य सभी महिला प्रत्याशी 0.15 से 0.49 प्रतिशत वोटों तक ही सिमट गई। ऐसे में हरिद्वार में महिला प्रत्याशियों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है।
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