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कहां गए नो-ड्यूज के नाम पर वसूले 21 लाख
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
Updated Sun, 17 Jan 2016 11:51 PM IST
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बसंत कुमार
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रुड़की। ग्राम पंचायत चुनावों के दौरान नो-ड्यूज के नाम पर वसूले गए करीब 21 लाख रुपये का कोई अता-पता नहीं है। पहले तो ब्लॉक कर्मचारी बकायदा रजिस्टर बनाकर बैठकर खुलेआम तमाम अधिकारियों के सामने पैसे लेकर नो-ड्यूज दे रहे थे, लेकिन अब इस पैसे का कोई हिसाब-किताब सरकारी अधिकारियों के पास नहीं मिल रहा है। इन्हें राजस्व में जमा तो क्या करेंगे।
एक दिसंबर को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए शुरू हुई ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत सदस्यों एवं ग्राम प्रधान की नामांकन प्रक्रिया के दौरान तीन-तीन नो-ड्यूज दिए गए थे। जिनमें ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत के एक-एक नो-ड्यूज की एवज में 50-50 यानि तीनों नो-ड्यूज के 150 रुपये ब्लॉक मुख्यालयों के कर्मचारियों की ओर से लिए गए थे। जिले में ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत सदस्य तथा ग्राम प्रधानों के पदों पर नजर डालें तो यह आंकड़ा 14 हजार नामांकन पत्र होने का सामना आ रहा है। यानि 14 हजार नामांकन करने के लिए कर्मचारियों की ओर से प्रत्येक नामांकत पत्र को जमा करने के लिए 150 रुपये लिए जाने के हिसाब से 21 लाख रुपये वसूले गए हैं। जिस समय नो-ड्यूज के नाम पर पैसा वसूला जा रहा था उस समय ब्लॉकों में समस्त अधिकारी मौजूद रहते थे, लेकिन अब नामांकन प्रक्रिया के एक माह बाद ब्लॉक मुख्यालयों में इस पैसे का कहीं कोई रिकार्ड ही नहीं मिल रहा है, सरकारी कोष में जमा करना तो दूर की बात है।
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अब जरा इनकी भी सुनिए
अभी नो-ड्यूज देने के लिए वसूले गए पैसे का कोई हिसाब किताब नहीं है, पंचायत में उसे प्रारूप पत्र सात कटकर जमा कर दिया जाएगा, आज तक किसी ने इसकी जानकारी ही नहीं मांगी तो विवरण रखने की कोई आवश्यकता ही नहीं पड़ी, कोई मांगेगा तो दें देंगे।
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शिवरानी चौहान, बीडीओ रुड़की
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मामला उनके संज्ञान में नहीं है, वह इस बारे में जानकारी लेंगे। इसके बाद ही वह कुछ सकेंगे।
हरबंश सिंह चुघ, जिलाधिकारी हरिद्वार