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Roorkee News: पशु चिकित्सकों ने गाय की बचाई जान
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कई महीनों से संक्रमण और पेट संबंधी गंभीर बीमारी से जूझ रही एक देसी गाय की जान पशु चिकित्सकों की टीम ने सफल ऑपरेशन कर बचा ली। बृहस्पतिवार देर शाम किए गए ऑपरेशन में गाय के पेट से मृत शिशु को बाहर निकाला गया जिसके बाद उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है। पशुपालक का आरोप है कि पहले मिली गलत लैब रिपोर्ट के कारण समय पर सही उपचार नहीं मिल सका और गाय की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई।
रुड़की के गणेशपुर गीतांजलि विहार निवासी पशुपालक जितेंद्र त्यागी ने बताया कि गाय कई महीनों से बीमार थी। उसके इलाज के लिए रुड़की, ऋषिकेश और करनाल तक में चिकित्सकीय परामर्श लिया गया लेकिन कोई स्थायी राहत नहीं मिली। उन्होंने बताया कि गाय की हालत इतनी गंभीर हो गई थी कि उसे प्रतिदिन 16 ग्लूकोज की बोतलें तक चढ़ानी पड़ रही थी।
बाद में विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम ने जांच के दौरान गाय के पेट में मृत शिशु होने की आशंका जताई और ऑपरेशन का निर्णय लिया। ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकों ने मृत शिशु को सफलतापूर्वक बाहर निकाल दिया जिससे गाय की जान बच सकी। इस दौरान डॉ. मायामती सैनी, डॉ. राजकुमारी, डॉ. गिन्नी चहल और फार्मासिस्ट अधिकारी घनेंद्र सिंह मौजूद रहे।
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रुड़की के गणेशपुर गीतांजलि विहार निवासी पशुपालक जितेंद्र त्यागी ने बताया कि गाय कई महीनों से बीमार थी। उसके इलाज के लिए रुड़की, ऋषिकेश और करनाल तक में चिकित्सकीय परामर्श लिया गया लेकिन कोई स्थायी राहत नहीं मिली। उन्होंने बताया कि गाय की हालत इतनी गंभीर हो गई थी कि उसे प्रतिदिन 16 ग्लूकोज की बोतलें तक चढ़ानी पड़ रही थी।
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बाद में विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम ने जांच के दौरान गाय के पेट में मृत शिशु होने की आशंका जताई और ऑपरेशन का निर्णय लिया। ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकों ने मृत शिशु को सफलतापूर्वक बाहर निकाल दिया जिससे गाय की जान बच सकी। इस दौरान डॉ. मायामती सैनी, डॉ. राजकुमारी, डॉ. गिन्नी चहल और फार्मासिस्ट अधिकारी घनेंद्र सिंह मौजूद रहे।
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