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किसानों की मेहनत पर पानी फेर रहे जानवर
अमर उजाला ब्यूरो पथरी
Updated Sun, 05 Mar 2017 10:21 PM IST
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देहात क्षेत्र में जंगल जानवर किसानों की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। जंगल जानवर गन्ना, गेहूं और सरसों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। जंगली जानवरों को आबादी क्षेत्र में नाकाम रहने पर किसानों में वन विभाग को लेकर रोष बना है।
रानीमाजरा में शुक्रवार की रात में हाथियों ने खेतों में घुसकर गेहूं और गन्ने की फसल को बर्बाद कर दिया। कटारपुर, बहादरपुर जट, मिस्सरपुर, पंजनहेडी, अजीतपुर, जियापोता, बिशनपुर कुंडी, चांदपुर, पुरानी कुंडी, रानीमाजरा आदि किसी न किसी स्थान पर रोजाना गंगा के उस पार से आकर हाथी खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। सुशील सैनी, सुखदेवपाल, जगपाल सिंह, रामशरण, घनश्याम, बिजेंद्र चौहान, सुरेंद्र सिंह, सतीश आदि किसानों का कहना है पिछले दो साल से वन विभाग से फसलों के नुकसान का मुआवजा नहीं मिला है। वन अधिकारी आश्वासन देकर उन्हें टाल रहे है।
दूसरी तरफ श्यामपुर क्षेत्र के सजनपुर पीली गांव में जमकर उत्पात मचाया और करीब 25 बीघा गेहूं की फसल रौंद डाली।
शुक्रवार की रात करीब 11 बजे सजनपुर गांव में जंगल से हाथी आबादी की तरफ आ गए। इस दौरान उन्होंने पहले गांव के रास्तों और उसके बाद खेतों में जमकर उत्पात मचाया। ग्रामीणों ने पहले तो खुद ही हाथियों को भगाने का प्रयास किया साथ ही वनकर्मियों को सूचना भी दी, लेकिन कोई भी कर्मचरारी मौके पर नहीं पहुंचा। तब ग्रामीणों ने खुद ही पटाखे फोड़ कर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा। कांगड़ी गांव के निवासी बबलू पाल प्रमोद पाल सोनू मुन्नू आदि लोगों का कहना है कि उन्होंने गेहूं व बरसीम की फसल बो रखी है लेकिन आए दिन जंगली जानवर फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। गाजीवाली के निवासी गंगाधर सतपाल नंदराम ओम प्रकाश आदि लोगों को कहना है कि जंगली हाथी शाम होते ही जंगल से निकलकर आ जाते हैं।
रानीमाजरा में शुक्रवार की रात में हाथियों ने खेतों में घुसकर गेहूं और गन्ने की फसल को बर्बाद कर दिया। कटारपुर, बहादरपुर जट, मिस्सरपुर, पंजनहेडी, अजीतपुर, जियापोता, बिशनपुर कुंडी, चांदपुर, पुरानी कुंडी, रानीमाजरा आदि किसी न किसी स्थान पर रोजाना गंगा के उस पार से आकर हाथी खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। सुशील सैनी, सुखदेवपाल, जगपाल सिंह, रामशरण, घनश्याम, बिजेंद्र चौहान, सुरेंद्र सिंह, सतीश आदि किसानों का कहना है पिछले दो साल से वन विभाग से फसलों के नुकसान का मुआवजा नहीं मिला है। वन अधिकारी आश्वासन देकर उन्हें टाल रहे है।
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दूसरी तरफ श्यामपुर क्षेत्र के सजनपुर पीली गांव में जमकर उत्पात मचाया और करीब 25 बीघा गेहूं की फसल रौंद डाली।
शुक्रवार की रात करीब 11 बजे सजनपुर गांव में जंगल से हाथी आबादी की तरफ आ गए। इस दौरान उन्होंने पहले गांव के रास्तों और उसके बाद खेतों में जमकर उत्पात मचाया। ग्रामीणों ने पहले तो खुद ही हाथियों को भगाने का प्रयास किया साथ ही वनकर्मियों को सूचना भी दी, लेकिन कोई भी कर्मचरारी मौके पर नहीं पहुंचा। तब ग्रामीणों ने खुद ही पटाखे फोड़ कर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा। कांगड़ी गांव के निवासी बबलू पाल प्रमोद पाल सोनू मुन्नू आदि लोगों का कहना है कि उन्होंने गेहूं व बरसीम की फसल बो रखी है लेकिन आए दिन जंगली जानवर फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। गाजीवाली के निवासी गंगाधर सतपाल नंदराम ओम प्रकाश आदि लोगों को कहना है कि जंगली हाथी शाम होते ही जंगल से निकलकर आ जाते हैं।
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