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नहीं होगी सामुहिक नमाज, कॉल कर देंगे मुबारकबाद

Wed, 20 May 2020 10:45 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 20 May 2020 10:45 PM IST
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There will not be community prayers, we will call you
कलियर क्षेत्र के महमूदपुर गांव का रोजेदार 9 साल का बच्चा आयान। - फोटो : ROORKEE
रुड़की में इस बार ईदगाह और मस्जिदों में ईद की सामूहिक नमाज नहीं होगी। जुमे की नमाज की तरह चार लोग ही मस्जिदों और घरों में ईद की नमाज अदा करेंगे। साथ ही मुफ्तियों ने मुस्लिम समुदाय के लोगों से यह भी अपील की है कि ईद की मुबारकबाद के लिए किसी के घर न जाकर मोबाइल पर ही ईद की मुबारकबाद पेश करें।
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सर्वधर्म त्योहार कमेटी के संयोजक एवं शायर अफजल मंगलोरी ने बताया कि बुधवार को मदरसा अरबिया रहमानिया में मुफ्तियों की बैठक फतवा विभाग में हुई। इसमें ईद की नमाज के संबंध में उन्होंने फतवा तलब किया। मुफ्ती सलीम अहमद, मुफ्ती मौलाना तौकीर आलम और मौलाना मोहम्मद अरशद ने कहा कि दारुल उलूम देवबंद और दूसरे भारतीय मुस्लिम संस्थानों के फैसले की रोशनी में रुड़की इंतेजामिया ने निर्णय लिया है कि ईदगाह में ईद की सामूहिक नमाज नहीं होगी बल्कि मदरसा के चार लोग इमाम की कयादत में नमाज अदा करेंगे। साथ ही मस्जिदों और घरों में निर्धारित सरकारी तादाद के अनुसार ही लोग ईद की नमाज अदा कर सकेंगे।
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150 वर्षों में पहली बार टूटेगी रवायत, नहीं होगा शबीना का आयोजन
पिरान कलियर। कोरोना के चलते दरगाह साबिर पाक की साबरी जामा मस्जिद में इस बार रमजान की 27वीं शब (रात) में शबीना का आयोजन नहीं होगा। रमाजन की 27वीं शब (रात) में शबीना में पूरे कुरान शरीफ की तिलावत की जाती है। कई हाफिज बारी-बारी से तिलावत कर एक ही रात में पूरा कुरान शरीफ मुकम्मल करते हैं।
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सईद मुर्तजा मेमोरियल ट्रस्ट के सचिव सलमान सईद ने बताया कि दरगाह साबिर पाक की साबरी जामा मस्जिद में 150 वर्षों से चला आ रहा शबीना इस साल करोना की वजह से नहीं हो पाएगा। 150 साल पहले पुरकाजी के जमींदार हाफिज अब्दुल हई ने शबीना का आयोजन शुरू कराया था। उनके बाद उनके बेटे, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं दरगाह साबिर पाक के प्रशासक सईद मुर्तजा ने इस रस्म को कायम रखा। इसके बाद उनके बेटे एवं यूपी के पूर्व गृह राज्यमंत्री सईद उज्जमा ने भी इस रस्म को बदस्तूर जारी रखा। अब इस खानदान के परपोते सलमान सईद भी इस रिवायत को बदस्तूर निभाते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि दरगाह साबिर पाक के सज्जादानशीन शाह मंसूर एजाज साबरी और नायब सज्जादानशीन शाह अली एजाज साबरी से इस संबंध में बातचीत के बाद लॉकडाउन के नियमों के तहत कार्यक्रम को रद्द करने निर्णय लिया गया है। हर वर्ष शबीना में शामिल होने वाले अकीदतमंदों से घरों में रहकर शब-ए-कदर और नमाज अदा करने की अपील की गई है।

नौ वर्षीय अयान का भी रोजा
पिरान कलियर। महमूदपुर में नौ साल के अयान परिवार के साथ रोजा रख रहे हैं। सिर्फ एक दिन छोड़कर उन्होंने अब तक सारे रोजे रखे हैं। परिवार के मना करने पर भी वह नहीं मान रहे हैं। अयान का कहना है मुसलमानों के लिए ये महीना बरकत वाला होता है। मोमिन इबादत में मशगूल रहते हैं। रोजा इफ्तारी के वक्त अल्लाह पाक अपने बंदों के बहुत करीब होते हैं। उनकी हर जायज दुआ कबूल करते हैं। यही बात ध्यान में रखकर अयान भी पांचों वक्त नमाज पढ़ते हैं। इस गर्मी में भी अयान का हौसला नहीं टूटा।
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