हाईकोर्ट ने दस दिन में मांगा जवाब

अमर उजाला ब्यूरो रुडकी Updated Wed, 30 Nov 2016 10:42 PM IST
 बिना स्कूल प्रशासन की अनुमति के शौचालयों को तोड़कर ग्राम प्रधान द्वारा आंगनबाड़ी भवन का निर्माण कराने के मामले में हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव, ग्राम प्रधान समेत आठ लोगों से दस दिन के भीतर जवाब मांगा है। ग्रामीणों ने स्कूल में आंगनबाड़ी भवन का निर्माण कार्य रोकने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
रहमतपुर गांव में राजकीय स्कूल में बिना स्कूल प्रशासन की अनुमति के शौचालय तोड़कर आंगनबाड़ी भवन निर्माण कार्य ग्राम प्रधान ने शुरू करा दिया गया था। जिस पर ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए आंगनबाड़ी भवन का निर्माण रुकवाने की मंाग को लेकर प्रदर्शन किया था। बाद में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से भी शिकायत कर अवैध रूप से बन रहे आंगनबाड़ी भवन के निर्माण को रुकवाने की गुहार लगाई थी, लेकिन किसी ने भी निर्माण कार्य को रुकवाने की जहमत नहीं उठाई। जिस पर गांव के नूरआलम एवं मनोज गिरि ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आंगनबाड़ी भवन को रुकवाने की मांग की गई थी।

अब हाईकोर्ट की ओर से अब मामले में राज्य सरकार के मुख्य सचिव, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, जिला परियोजना अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, ग्राम प्रधान आदि से दस दिन के भीतर मामले में नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। हाईकोर्ट की ओर से इस मामले में नोटिस जारी कर दिए जाने से अधिकारियों एवं ग्राम प्रधान में हड़कंप मच गया है।

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