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शुगर मिलें किसानों का दबाए बैठी 351 करोड़

Mon, 06 Jul 2020 11:18 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jul 2020 11:18 PM IST
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Sugar mills are holding 351 crores of farmers
रुड़की। हरिद्वार जिले की तीनों शुगर मिल किसानों का 351 करोड़ रुपये दबाए बैठी हैं। इसमें सबसे अधिक भुगतान लक्सर शुगर मिल पर करीब 187 करोड़ रुपये है। किसान संगठन लगातार भुगतान में तेजी लाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन भुगतान में तेजी आती नहीं दिखाई दे रही है।
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हरिद्वार जिले के पचास हजार से अधिक किसान गन्ने की फसल उगाते हैं। किसान यह गन्ना, गन्ना समितियों के माध्यम से शुगर मिलों को सप्लाई करते है। पेराई सत्र समाप्त हुए करीब दो माह का समय गुजर चुका है। इसके बाद भी तीनों शुगर मिलों पर किसानों का करीब 351 करोड़ रुपये बकाया है। ऐसा नहीं है कि शुगर मिलें भुगतान नहीं कर रही है, लेकिन भुगतान की गति बेहद धीमी है। इस कारण भुगतान आज भी 351 करोड़ बकाया है। किसान संगठन लंबे समय से भुगतान में तेजी लाने की मांग कर रहे है। वहीं कई आंदोलन भी कर चुके हैं।
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क्या है शुगर मिलों के भुगतान की स्थिति
लक्सर 187.25 करोड़
इकबालपुर 50.23 करोड़
लिब्बरहेड़ी 114 करोड़
इकबालपुर पर दो साल का भी भुगतान है बकाया
यदि हाल ही में समाप्त हुए विगत वर्ष के पेराई सत्र के भुगतान की बात छोड़ दे तो इकबालपुर शुगर मिल पर इसके अलावा दो साल का अन्य भी भुगतान बकाया है। जो करीब 50 करोड़ से अधिक है। इस मामले को लेकर कोर्ट जाने के साथ ही आरसी जैसी कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन इसके बाद भी राहत नहीं मिली है। इसके अलावा लक्सर और लिब्बरहेड़ी पर विगत वर्ष को छोड़कर अन्य कोई भुगतान बकाया नहीं है।
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प्रदेश सरकार किसानों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। इस कारण शुगर मिलें मनमर्जी कर रही है। ऐसे में भुगतान बेहद मंद गति से किया जा रहा है। भुगतान में तेजी आनी चाहिए। यदि ऐसा नहीं होता है, तो संगठन से वार्ता कर आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।

-- महकार सिंह, जिलाध्यक्ष, उकिमो
शुगर मिलों का भुगतान को लेकर रवैया ठीक नहीं है। शुगर मिल अपनी सुविधा के अनुसार भुगतान जारी करते हैं। किसानों की समस्याओं से शुगर मिलों को कोई सरोकार नहीं है। भुगतान में तेजी आनी चाहिए।
-- राकेश अग्रवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय किसान-मजदूर संगठन सोसायटी
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