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अब शुगर मिल खुद देगी समितियों को कमीशन
अमर उजाला ब्यूरो रुड़की
Updated Wed, 26 Apr 2017 10:52 PM IST
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अब शुगर मिल गन्ना समितियों का कमीशन खुद भरेंगे। बहुगुणा सरकार की ओर से मिलों को कमीशन की सौगात दी थी। जिसमें सरकार की तरफ से मिलों का कमीशन भरा जाता था। अब सरकार ने करोड़ों रुपये के बोझ को कम करने के लिए यह आदेश बदल दिए हैं।
वर्ष 2012 में प्रदेश में बनी कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की ओर से शुगर मिलों का कमीशन सरकार की ओर से भरने के आदेश किए गए थे, जबकि इससे पहले तीन प्रतिशत के हिसाब से गन्ना समितियों को शुगर मिल ही कमीशन देती चली आ रही थी। तब मिलों के घाटे में चलने से उनकी वित्तीय हालत खराब होने का तर्क देकर सरकार ने मिलों के फायदे में यह कमीशन देने का आदेश जारी किया था। तब से चार साल से सरकार ही शुगर मिलों की ओर से देने वाले कमीशन को सरकार गन्ना समितियों को दे रही थी। इससे शुगर मिलों को हर सत्र में करोड़ों रुपये का फायदा और सरकार पर बेवजह का भार पड़ रहा था। अब सरकार ने नए आदेश के तहत सरकार से मिलने वाले कमीशन को रोक दिया है। सरकार की ओर से जारी किए गए नए आदेशों में पूर्व की भांति शुगर मिलों को ही कमीशन की राशि देनी पड़ेगी।
गन्ना विकास समिति के सचिव प्रदीप कुमार ने बताया कि नए आदेशों के तहत शुगर मिलों को ही पेराई सत्र 2016-17 से समितियों को कमीशन देना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से दिए जाने वाले 2015-16 का कमीशन भी 75 प्रतिशत रुका हुआ है। वर्ष 2011-12 सत्र का कमीशन भी शुगर मिलों पर बकाया चल रहा है।
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वर्ष 2012 में प्रदेश में बनी कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की ओर से शुगर मिलों का कमीशन सरकार की ओर से भरने के आदेश किए गए थे, जबकि इससे पहले तीन प्रतिशत के हिसाब से गन्ना समितियों को शुगर मिल ही कमीशन देती चली आ रही थी। तब मिलों के घाटे में चलने से उनकी वित्तीय हालत खराब होने का तर्क देकर सरकार ने मिलों के फायदे में यह कमीशन देने का आदेश जारी किया था। तब से चार साल से सरकार ही शुगर मिलों की ओर से देने वाले कमीशन को सरकार गन्ना समितियों को दे रही थी। इससे शुगर मिलों को हर सत्र में करोड़ों रुपये का फायदा और सरकार पर बेवजह का भार पड़ रहा था। अब सरकार ने नए आदेश के तहत सरकार से मिलने वाले कमीशन को रोक दिया है। सरकार की ओर से जारी किए गए नए आदेशों में पूर्व की भांति शुगर मिलों को ही कमीशन की राशि देनी पड़ेगी।
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गन्ना विकास समिति के सचिव प्रदीप कुमार ने बताया कि नए आदेशों के तहत शुगर मिलों को ही पेराई सत्र 2016-17 से समितियों को कमीशन देना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से दिए जाने वाले 2015-16 का कमीशन भी 75 प्रतिशत रुका हुआ है। वर्ष 2011-12 सत्र का कमीशन भी शुगर मिलों पर बकाया चल रहा है।
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