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छात्रों ने पोस्टकार्ड में खिली अपनी भावनाएं
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रुड़की दिल्ली रोड स्थित आनंद स्वरुप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित पोस्ट कार्ड प्रतियोगि?
- फोटो : ROORKEE
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‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर में चले पोस्टकार्ड कैंपेन में छात्रों ने पोस्टकार्ड पर अपनी भावनाएं लिखीं। छात्रों ने स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम नायकों और ‘2047 में भारत के लिए मेरी दृष्टि’ विषय पर विचार लिखे।
सोमवार को आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर में पोस्टकार्ड कैंपेन में कक्षा चार से 12 तक के छात्रों ने प्रतिभाग किया। छात्रों ने दोनों विषयों पर अपनी समझ से पोस्टकार्ड पर विचार व्यक्त किए। प्रधानाचार्य अमरदीप सिंह ने कहा कि इस कैंपेन से छात्र-छात्राओं में रचनात्मक और सृजनात्मक विकास होगा। साथ ही छात्र-छात्राएं कठिन परिश्रम, मजबूत इच्छाशक्ति के माध्यम से संस्कार युक्त शिक्षा प्राप्त कर समाज एवं राष्ट्र निर्माण में अपना अमूल्य सहयोग दे सकते हैं। कहा कि छात्रों की ओर से लिखे गए पोस्टकार्ड अब प्रधानमंत्री को भेजे जाएंगे।
प्रबंधक मनमोहन शर्मा ने कहा कि विद्यालय का सदैव ये प्रयास रहता है कि किस प्रकार भारतीय महापुरुषों, विद्वानों के कार्यों और जीवन व्यवहार से प्रेरणा देकर छात्र-छात्राओं को लाभान्वित कर प्रेरित किया जाए। विद्यालय छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए संस्कारित, नैतिक, चारित्रिक, शैक्षिक, खेलकूद और बौद्धिक प्रतियोगिताओं का आयोजन होता रहता है। उपप्रधानाचार्य मोहन सिंह मटियानी, कलीराम भट्ट मौजूद रहे।
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सोमवार को आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर में पोस्टकार्ड कैंपेन में कक्षा चार से 12 तक के छात्रों ने प्रतिभाग किया। छात्रों ने दोनों विषयों पर अपनी समझ से पोस्टकार्ड पर विचार व्यक्त किए। प्रधानाचार्य अमरदीप सिंह ने कहा कि इस कैंपेन से छात्र-छात्राओं में रचनात्मक और सृजनात्मक विकास होगा। साथ ही छात्र-छात्राएं कठिन परिश्रम, मजबूत इच्छाशक्ति के माध्यम से संस्कार युक्त शिक्षा प्राप्त कर समाज एवं राष्ट्र निर्माण में अपना अमूल्य सहयोग दे सकते हैं। कहा कि छात्रों की ओर से लिखे गए पोस्टकार्ड अब प्रधानमंत्री को भेजे जाएंगे।
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प्रबंधक मनमोहन शर्मा ने कहा कि विद्यालय का सदैव ये प्रयास रहता है कि किस प्रकार भारतीय महापुरुषों, विद्वानों के कार्यों और जीवन व्यवहार से प्रेरणा देकर छात्र-छात्राओं को लाभान्वित कर प्रेरित किया जाए। विद्यालय छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए संस्कारित, नैतिक, चारित्रिक, शैक्षिक, खेलकूद और बौद्धिक प्रतियोगिताओं का आयोजन होता रहता है। उपप्रधानाचार्य मोहन सिंह मटियानी, कलीराम भट्ट मौजूद रहे।
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