Akash Madhwal: रुड़की से लेकर मुंबई तक छाई बेटे की तस्वीर तो मां को याद आया ये दिन...बताई दिल की बात
अमर उजाला से एक खास इंटरव्यू में क्रिकेटर आकाश मधवाल की माता आशा मधवाल ने उनके जीवन में आए बदलावों और संघर्षों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि बीटेक के बाद उनका बेटा इंजीनियर बन गया था लेकिन क्रिकेट खेलने का सिलसिला जारी था।
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आकाश मधवाल ने पांच साल पहले अपनी मां को फोन कर बताया कि वह उत्तराखंड में क्रिकेट ट्रायल के लिए 300 रुपये का फार्म भर रहा है। मां ने हां कह दिया। उस समय उन्हें इस बात का अहसास भर नहीं था कि यही फार्म उनके बेटे के लिए आईपीएल तक पहुंचने की राह तैयार कर रहा है।
आज रुड़की से लेकर मुंबई तक छाई अपने बेटे की तस्वीर को देखकर मां बस यही कहती है ये सब उसके पिता और ईश्वर के आशीर्वाद की बदौलत है। अमर उजाला से एक खास इंटरव्यू में क्रिकेटर आकाश मधवाल की माता आशा मधवाल ने उनके जीवन में आए बदलावों और संघर्षों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि बीटेक के बाद उनका बेटा इंजीनियर बन गया था लेकिन क्रिकेट खेलने का सिलसिला जारी था।
मुंबई इंडियन की तरफ से खेलते हुए तरक्की
इसी बीच उत्तराखंड को बीसीसीआई की मान्यता मिल गई थी। यह 2018 की बात है। जब एक दिन आकाश का फोन आया और उसने बताया कि वह ट्रायल के लिए 300 रुपये का एक फार्म भर रहा है। इस पर उसने हामी भर दी। फार्म भरने के बाद उसका सेलेक्शन हो गया। इसके बाद खेल में और ज्यादा निखार आने लगा। उसके अधिकारी भी खेल से प्रभावित हो रहे थे।
इसी बीच आईपीएल में आरसीबी ने खेल को देखकर आकाश को नेट बॉलर के रूप में रख लिया। बाद में मुंबई इंडियन की तरफ से आकाश के नाम की बोली नहीं लगी लेकिन मुंबई इंडियंस ने आकाश को सूर्य कुमार यादव की जगह रिप्लेसमेंट के रूप में ले लिया। इसके बाद से आकाश मधवाल आगे बढ़ते गया और आज मुंबई इंडियन की तरफ से खेलते हुए तरक्की को छू रहा है।
पति के जाने पर शुरू हुआ मुफलिसी का वक्त
आकाश का जब इंटरमीडिएट का पहला पेपर था। उसी दिन उनके पिता की हार्ट अटैक आने से मृत्यु हो गई। इस पहाड़ जैसे दुख के बीच आकाश ने सभी परीक्षाएं दीं और फर्स्ट डिवीजन से पास हुआ। इसके बाद मां के सामने बच्चों की परवरिश और मुफलिसी के समय दोनों चुनौतियां एक साथ खड़ी हो गईं।
आशा मधवाल बताती हैं कि उनके पति बीईजी में इंजीनियर थे। उनकी मृत्यु के बाद छह माह महीने तक पति के सभी अकाउंट ब्लॉक हो गए। जिस पर वे मुंबई में भाइयों के पास गई और मदद मांगी। पेंशन शुरू होने के बाद भी कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इसके बाद बेटा इंजीनियर बन गया और नौकरी लग गई तो कुछ सहारा दिखने लगा और अब बेटे ने अपनी कामयाबी से काफी हद तक जिंदगी के घाव पर मरहम लगा दिया है। मन में एक ही मलाल है कि उनके पति जिंदा होते तो वे भी अपने बेटे को खेलता हुए देखते।
पहले इंजीनियर बनकर पूरा किया पिता का अरमान
आशा मधवाल ने बताया कि उनके पति कहा करते थे कि वह इंजीनियर है और उनका बेटा भी इंजीनियर बनेगा। आकाश ने पहले इंजीनियर बनकर अपने पिता का सपना पूरा किया और अब क्रिकेटर बनकर उनका सम्मान बढ़ा रहा है।
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बड़े भाई के बाद करेंगी आकाश की शादी
धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को पूरी अहमियत देने वाली आशा मधवाल बेहद मृदु स्वभाव की हैं। आकाश की शादी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अभी उसके बड़े भाई आशीष की शादी नहीं हुई तो आकाश की कैसे करेंगी। उन्होंने बताया कि आशीष कुछ बिजनेस करने की सोच रहा है। पहले आशीष की शादी करूंगी और उसके बाद आकाश की।