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67 करोड़ की बिजली से बुझा दी खेतों की प्यास, बिल देने की बारी आई तो खींचे हाथ

Sun, 05 Dec 2021 08:27 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 05 Dec 2021 08:27 PM IST
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Sowing of fields with 67 crores
ट्यूबवेल के कनेक्शनधारियों ने 67 करोड़ रुपये की बिजली से खेतों की सिंचाई कर ली, लेकिन जब बिल जमा करने की बारी आई तो हाथ खड़े कर दिए। ऐसे में ऊर्जा निगम का ट्यूबवेल कनेक्शनधारियों पर वर्तमान में 67 करोड़ रुपये बकाया चल रहा है, लेकिन कोई बिल जमा करने के लिए तैयार नहीं है। ऐसे में ऊर्जा निगम राजस्व नुकसान के बोझ तले दबा पड़ा है।
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रुड़की सर्किल में इस समय ऊर्जा निगम के करीब दो लाख 10 हजार उपभोक्ता हैं। इनमें औद्योगिक इकाइयों के कनेक्शन, व्यवसायिक कनेक्शन, घरेलू कनेक्शन, सरकारी कार्यालयों के कनेक्शन और निजी ट्यूबवेल के कनेक्शन शामिल हैं। ट्यूबवेल कनेक्शनों की बात करें तो इसके ऊर्जा निगम में 12,264 उपभोक्ता हैं। ये बिजली के ट्यूबवेल से खेतों की सिंचाई कर रहे हैं, लेकिन इनमें से करीब चार हजार उपभोक्ता ही नियमित बिलों का भुगतान करते हैं। करीब एक हजार उपभोक्ताओं पर पांच से आठ हजार रुपये का बकाया है।
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सात हजार से ज्यादा ऐसे उपभोक्ता हैं, जिन्होंने लंबे समय से ट्यूबवेल के कनेक्शन का बिल जमा ही नहीं किया है। इन उपभोक्ताओं पर धीरे-धीरे बढ़ता हुआ करीब 67 करोड़ रुपये बकाया हो गया है। इस बकाया को देने में उपभोक्ता लगातार हाथ खींच रहे हैं। बार-बार कहे जाने के बाद भी उपभोक्ता बिल जमा नहीं कर रहे हैं। स्थिति ये है कि अब इन उपभोक्ताओं पर करीब 20 करोड़ की पेनाल्टी लग चुकी है। इसके बावजूद उपभोक्ता बिल जमा करने को तैयार नहीं हो रहे हैं। ऐसे में ऊर्जा निगम को राजस्व नुकसान हो रहा है। संवाद
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एक झटके में माफ हो रहे 20 करोड़
राजस्व वसूली के अभियान के बीच सरकार ने भी चुनावी साल में बिजली उपभोक्ताओं को तोहफा दिया है, लेकिन वे इस तोहफे को लेने के लिए तैयार नहीं है। दरअसल, सरचार्ज माफी योजना के तहत उपभोक्ता बिजली का मूल बिल जमा कर उस पर लगे सरचार्ज को माफ करवा सकता है। यदि ट्यूबवेल के सभी कनेक्शनधारी एक साथ अपने-अपने बिजली के बिल जमा करते हैं तो उन्हें केवल 47 करोड़ रुपये जमा करने पड़ेंगे। जबकि उनके 20 करोड़ रुपये माफ हो जाएंगे। हालांकि, 31 दिसंबर के बाद योजना समाप्त हो रही है। इसके बाद उपभोक्ताओं से बिल वसूली का अभियान बड़े स्तर पर शुरू होगा। बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं की आरसी जारी की जाएगी और कनेक्शन काटे जाएंगे।
छह महीने में आता है एक बिल
ट्यूूबवेल के कनेक्शन का बिल छह महीने में एक बार आता है। अक्सर बिल उस समय आता है, जब किसानों के पास पैसे नहीं होते। ऐसे में अगले छह महीने में आने वाला बिल दुगना हो जाता है। यदि उस दौरान भी उपभोक्ता बिल जमा नहीं कर पाए तो बिल लगातार बढ़ता रहता है। यही वजह है कि ट्यूबवेल के कनेक्शनों का बिल ज्यादा बकाया रहता है।

बिजली बिल पर छूट लेने के लिए उपभोक्ताओं के पास 31 दिसंबर तक का समय है। शिविर और कार्यालयों में बिल जमा करवा सकते हैं। एकमुश्त बिल जमा करने पर उपभोक्ताओं का सरचार्ज माफ होगा। निर्धारित समय पर बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ एक जनवरी से कार्रवाई शुरू की जाएगी।
-राहुल जैन, अधीक्षण अभियंता, ऊर्जा निगम
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