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जल्द हो गन्ना भुगतान, सिंचाई के लिए मिले मुफ्त बिजली
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रुड़की बोट क्लब स्थित एससी कार्यालय परिसर में आयोजित उत्तराखंड किसान मोर्चा की बैठक में विचार र?
- फोटो : ROORKEE
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उत्तराखंड किसान मोर्चा की ओर से संगठन के स्थापना दिवस पर महापंचायत आयोजित की गई। इस दौरान दिवंगत संस्थापक सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके कार्यों को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड में किसानों की उपेक्षा की जा रही है। उसके खिलाफ लड़ाई लड़ी जाएगी। इस दौरान सरकार से सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली के साथ ही गन्ना भुगतान किए जाने की मांग की गई।
शनिवार को ऊर्जा निगम उपमहाप्रबंधक कार्यालय पर उत्तराखंड किसान मोर्चा की ओर से स्थापना दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न क्षेत्रों से संगठन के लोगों ने हिस्सा लिया। मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड़ ने कहा कि 11 जून 2006 को स्वर्गीय सतीश रोड़ ने वरिष्ठ सदस्यों के साथ मिलकर संगठन की स्थापना की थी। तभी से संगठन लगातार किसानों के हित में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखंड के अंदर किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है। किसानों को समय पर गन्ने का भुगतान नहीं मिल रहा है। बिजली का बिल बकाया होने पर कनेक्शन काटे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिंचाई के लिए किसानों को मुफ्त बिजली दी जानी चाहिए लेकिन उल्टे राज्य में सिंचाई के लिए महंगी बिजली दी जा रही है। बिजली चोरी के नाम पर किसानों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
धर्मवीर प्रधान ने कहा कि पेराई सत्र को समाप्त हुए दो माह से अधिक का समय हो गया है। इसके बावजूद किसानों को गन्ने का भुगतान नहीं मिला। किसानों को अनुदान पर कृषि उपकरण तक नहीं दिए जा रहे हैं। जो औपचारिकताएं हैं उनको इतना जटिल बना दिया गया है कि आम किसान परेशान है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड किसान मोर्चा अनदेखी के खिलाफ सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगा। इसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है। पहल सिंह की अध्यक्षता एवं दीपक पुंडीर के संचालन में आयोजित पंचायत में राजेंद्र सिंह, महकार सिंह, आकिल हसन, राजपाल सिंह, रविंद्र त्यागी, धर्मेंद्र, जोनी कुमार, सोहनवीर सिंह, मुनेश कुमार, सरदार जोगेंद्र सिंह, सेवाराम आदि ने विचार व्यक्त किए।
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शनिवार को ऊर्जा निगम उपमहाप्रबंधक कार्यालय पर उत्तराखंड किसान मोर्चा की ओर से स्थापना दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न क्षेत्रों से संगठन के लोगों ने हिस्सा लिया। मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड़ ने कहा कि 11 जून 2006 को स्वर्गीय सतीश रोड़ ने वरिष्ठ सदस्यों के साथ मिलकर संगठन की स्थापना की थी। तभी से संगठन लगातार किसानों के हित में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखंड के अंदर किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है। किसानों को समय पर गन्ने का भुगतान नहीं मिल रहा है। बिजली का बिल बकाया होने पर कनेक्शन काटे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिंचाई के लिए किसानों को मुफ्त बिजली दी जानी चाहिए लेकिन उल्टे राज्य में सिंचाई के लिए महंगी बिजली दी जा रही है। बिजली चोरी के नाम पर किसानों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
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धर्मवीर प्रधान ने कहा कि पेराई सत्र को समाप्त हुए दो माह से अधिक का समय हो गया है। इसके बावजूद किसानों को गन्ने का भुगतान नहीं मिला। किसानों को अनुदान पर कृषि उपकरण तक नहीं दिए जा रहे हैं। जो औपचारिकताएं हैं उनको इतना जटिल बना दिया गया है कि आम किसान परेशान है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड किसान मोर्चा अनदेखी के खिलाफ सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगा। इसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है। पहल सिंह की अध्यक्षता एवं दीपक पुंडीर के संचालन में आयोजित पंचायत में राजेंद्र सिंह, महकार सिंह, आकिल हसन, राजपाल सिंह, रविंद्र त्यागी, धर्मेंद्र, जोनी कुमार, सोहनवीर सिंह, मुनेश कुमार, सरदार जोगेंद्र सिंह, सेवाराम आदि ने विचार व्यक्त किए।
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