फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Roorkee News ›   Sleepless night eyes cut

जागती आंखों से कटी रात

Tue, 14 Feb 2017 09:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो रुड़की
अमर उजाला ब्यूरो रुड़की Updated Tue, 14 Feb 2017 09:22 PM IST
विज्ञापन

विज्ञापन
चुनावी जमीन पर प्रत्याशी बहादुर योद्धा की तरह लड़ता है। पूरी रात एक पल का भी आराम नहीं मिलता, थकान के बावजूद आंखें सोने के लिए नहीं कहती, क्योंकि कत्ल की रात जो है। यह भी भलीभांति पता है कि भोर होने के बाद तो मोहर लगने की औपचारिकता ही है, बिसात के लिए तो यह रात ही काफी है। कुछ इसी तरह का हाल शहर सहित विभिन्न गांवों में प्रत्याशियों और उनके खासमखास समर्थकों का रहा।


चुनाव से पहले आखिरी रात में कई बार पूरी बाजी पलट जाती है। जीत रहे प्रत्याशी को अफवाहें बहा ले जाती हैं और हार रहे प्रत्याशी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की जाती है। इसी के चलते चुनाव से पहले की रात को आम भाषा में कत्ल की रात भी कहा जाता है। मंगलवार की रात को भी प्रत्याशी और उनके खास समर्थकों की रात आंखों में जागकर कटी। मुखबिरों की सूचना पर पूरी रात प्रत्याशी दौड़ते रहे। पता ही नहीं चला कब सुबह हो गई। मंगलवार की रात जब लोग गांवों में घरों के भीतर गहरी नींद में सो रहे थे तो समर्थक गाड़ियों से गली-गली नाप रहे थे। इस दौरान गुप्तचरों से मिल रही सूचनाओं और अफवाहों ने इनकी दौड़ को और भी तेज कर दिया। हर अफवाह पर गावों के मुअज्जिजों से तस्दीक की जा रही थी और वोटों को न टूटने देने का वायदा भी लिया जा रहा था। सबसे बड़ी चुनौती थी लोटे में नमक की, क्योंकि कई गावों में अभी बिरादरी की बिरादरी लोटे में नमक डालकर यानी कसम खाकर एक रुख तय करती है, इसे लेकर भाजपा, बसपा, कांग्रेस पार्टी के दिग्गजों ने रात भर गावों की विभिन्न बिरादरी के लंबरदारों पर नजरें गड़ाई रखी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed