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बिना फिटनेस के ही हल्द्वानी भेज दी रोडवेज बस
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रोडवेज डिपो में बसों के संचालन को लेकर सारे नियम-कायदे ताक पर हैं। शनिवार को जेएसआई ने हल्द्वानी से आई बस को बिना वर्कशॉप में जांच कराए ही दोबारा हल्द्वानी-काठगोदाम भेज दिया। इस पर सीनियर फोरमैन ने ऐतराज जताया है। उन्होंने रोडवेज के अधिकारियों से इसकी शिकायत की है।
शनिवार को डिपो की बस (यूके07पीए- 3108) शाम चार बजे हल्द्वानी से डिपो में पहुंची थी। सीनियर फोरमैन रक्षपाल सिंह ने बताया कि जेएसआई (जूनियर स्टेशन इंचार्ज) रामकुमारी ने वर्कशॉप में बस की फिटनेस संबंधी जांच कराए बिना ही बस को शाम सात बजे हल्द्वानी-काठगोदाम के लिए रवाना कर दिया।
उन्होंने बताया कि बस 540 किलोमीटर की दूरी तय कर यहां तक पहुंची थी। बिना जांच के बस को इस प्रकार भेजने से यात्रियों की जान पर बन आ सकती थी। उन्होंने रोडवेज के अधिकारियों से इसकी शिकायत की है। साथ ही कहा कि वह इस प्रकरण से रोडवेज के महाप्रबंधक दीपक जैन और एसएम अनूप रावत को लिखित में रिपोर्ट भेजकर अवगत कराएंगे
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रोडवेज का यूं भी हाल बेहाल...
बिना संचालन सूची के चल रही बसें
रोडवेज बसों का बिना संचालन सूची के ही संचालन किया जा रहा है। बसों के संचालन की सूची न तो एसएसआई कार्यालय में है और न ही वर्कशॉप में।
दिल्ली रूट की बसें दौड़ रहीं लोकल रूट पर
दिल्ली रूट पर संचालित होने वाली बसों को हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून के लोकल रूट पर भेजा रहा है। जबकि पुरानी हो चुकी बसों को दिल्ली रूट पर भेजा जा रहा है। जो बस जिस ड्राइवर के नाम पर आवंटित है, उसे उसकी जगह कोई और बस थमाई जा रही है। महीने में 22 दिन एक बस को 15 ड्राइवर संचालित कर रहे हैं।
हरिद्वार के बजाय रुड़की से ही चंडीगढ़ भेजी बस
डिपो की एक बस चंडीगढ़ जाती है। यह बस रुड़की से सुबह 5:45 बजे हरिद्वार के लिए रवाना होती है। हरिद्वार से सुबह सात बजे चंडीगढ़ के लिए चलती है, जो कि 7:30 बजे रुड़की डिपो से चंडीगढ़ के लिए रवाना होती है। बताया जा रहा है कि 11 और 12 सितंबर को टाइम कीपर के समय पर डिपो में न पहुंचने से बस को हरिद्वार भेजने की बजाय सुबह 7:30 बजे चंडीगढ़ भेजा गया।
जिस प्रकार प्रकार बिना फिटनेस कराए ही वरिष्ठ केंद्र प्रभारी और कनिष्ठ केंद्र प्रभारी की ओर से बसों को रूट पर भेजा जा रहा है, उससे किसी अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता। बिना संचालन सूची के ही बसों का संचालन किया जा रहा है। एक बस को कई-कई ड्राइवरों के हाथों में दिया जा रहा है, मुख्यालय में अधिकारियों को शिकायत की जाएगी।
-रक्षपाल सिंह, सीनियर फोरमैन, रुड़की डिपो
अगर बसों को बिना फिटनेस कराए टाइम ऑफिस से रूट पर भेजा जा रहा है तो यह गलत है। जल्द ही अधिकारियों से इस बाबत वार्ता की जाएगी। लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
-अनूप रावत, मंडलीय प्रबंधक (तकनीकी) देहरादून
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शनिवार को डिपो की बस (यूके07पीए- 3108) शाम चार बजे हल्द्वानी से डिपो में पहुंची थी। सीनियर फोरमैन रक्षपाल सिंह ने बताया कि जेएसआई (जूनियर स्टेशन इंचार्ज) रामकुमारी ने वर्कशॉप में बस की फिटनेस संबंधी जांच कराए बिना ही बस को शाम सात बजे हल्द्वानी-काठगोदाम के लिए रवाना कर दिया।
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उन्होंने बताया कि बस 540 किलोमीटर की दूरी तय कर यहां तक पहुंची थी। बिना जांच के बस को इस प्रकार भेजने से यात्रियों की जान पर बन आ सकती थी। उन्होंने रोडवेज के अधिकारियों से इसकी शिकायत की है। साथ ही कहा कि वह इस प्रकरण से रोडवेज के महाप्रबंधक दीपक जैन और एसएम अनूप रावत को लिखित में रिपोर्ट भेजकर अवगत कराएंगे
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रोडवेज का यूं भी हाल बेहाल...
बिना संचालन सूची के चल रही बसें
रोडवेज बसों का बिना संचालन सूची के ही संचालन किया जा रहा है। बसों के संचालन की सूची न तो एसएसआई कार्यालय में है और न ही वर्कशॉप में।
दिल्ली रूट की बसें दौड़ रहीं लोकल रूट पर
दिल्ली रूट पर संचालित होने वाली बसों को हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून के लोकल रूट पर भेजा रहा है। जबकि पुरानी हो चुकी बसों को दिल्ली रूट पर भेजा जा रहा है। जो बस जिस ड्राइवर के नाम पर आवंटित है, उसे उसकी जगह कोई और बस थमाई जा रही है। महीने में 22 दिन एक बस को 15 ड्राइवर संचालित कर रहे हैं।
हरिद्वार के बजाय रुड़की से ही चंडीगढ़ भेजी बस
डिपो की एक बस चंडीगढ़ जाती है। यह बस रुड़की से सुबह 5:45 बजे हरिद्वार के लिए रवाना होती है। हरिद्वार से सुबह सात बजे चंडीगढ़ के लिए चलती है, जो कि 7:30 बजे रुड़की डिपो से चंडीगढ़ के लिए रवाना होती है। बताया जा रहा है कि 11 और 12 सितंबर को टाइम कीपर के समय पर डिपो में न पहुंचने से बस को हरिद्वार भेजने की बजाय सुबह 7:30 बजे चंडीगढ़ भेजा गया।
जिस प्रकार प्रकार बिना फिटनेस कराए ही वरिष्ठ केंद्र प्रभारी और कनिष्ठ केंद्र प्रभारी की ओर से बसों को रूट पर भेजा जा रहा है, उससे किसी अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता। बिना संचालन सूची के ही बसों का संचालन किया जा रहा है। एक बस को कई-कई ड्राइवरों के हाथों में दिया जा रहा है, मुख्यालय में अधिकारियों को शिकायत की जाएगी।
-रक्षपाल सिंह, सीनियर फोरमैन, रुड़की डिपो
अगर बसों को बिना फिटनेस कराए टाइम ऑफिस से रूट पर भेजा जा रहा है तो यह गलत है। जल्द ही अधिकारियों से इस बाबत वार्ता की जाएगी। लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
-अनूप रावत, मंडलीय प्रबंधक (तकनीकी) देहरादून