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चुनाव में फील्ड में भी ड्यूटी बजा रहे पुलिस के %मुंशी जी%
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चुनाव शांतिपूर्ण कराने की कवायद में इस बार दफ्तरों में बैठे पुलिस के मुंशियों को फील्ड ड्यूटी में भी शामिल कर लिया गया है। चुनाव संपन्न होने तक ये मुंशियों को दफ्तर की ड्यूटी के बाद इलाके की गश्त में भी शामिल किया गया है। ये मुंशी सेक्टर मजिस्ट्रेटों के साथ छोटे से लेकर बड़े वाहनों की निगरानी में लगे हैं। साथ ही ड्यूटी लगाने से लेकर गश्त करने की जिम्मेदारी मुंशियों के कंधे पर है।
विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण कराने के लिए पुलिस अधिकारी कोई भी कमी नहीं छोड़ना चाहते हैं। भले ही थानों और कोतवाली में पुलिस स्टाफ की कमी हो लेकिन पुलिस अधिकारी खुद फील्ड में उतरकर अधीनस्थों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर उनकी हौसला अफजाई कर रहे हैं। इस बार पुलिस अधिकारियों की ओर से जिले में कई थानों और कोतवाली में चुनाव को लेकर नया प्रयोग किया गया है। थानों और कोतवाली में बैठकर लिखा-पढ़ी और ड्यूटी चार्ट तैयार करने वाले मुुंशी को चुनाव में गश्त की भी जिम्मेदारी दी गई है। इन मुंशियों की ड्यू्टी विधानसभावार बनाए गए सेक्टर मजिस्ट्रेटों के साथ चेकिंग में लगाई गई है। थाने और कोतवाली में चार मुंशी हैं तो उनकी अलग-अलग दिन गश्त पर ड्यूटी लगाई गई है। ऐसे में मुंशी रजिस्टर और कलम छोड़कर डंडा पकड़कर चुनाव में अपराधियों की निगरानी कर रहे हैं।
महिला मुंशियों की चुनाव में लगी ड्यूटी
इस बार विधानसभा चुनाव में महिला मुंशियों की भी कार्यालय से बाहर फील्ड में ड्यूटी लगाई गई है। महिला मुंशी भी सड़क पर पुरुष और महिला दरोगाओं के साथ वाहन चेकिंग में ड्यूटी दे रही हैं। हालांकि महिला मुंशियों की ड्यूटी दिन में ही अलग-अलग प्वाइंटों पर लगी है। रात में इनकी ड्यूटी नहीं लगाई गई है। पुलिस अधिकारी भी इन मुंशियों के कार्यशैली पर नजर रखे हुए हैं।
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अपराध रोकने की मुहिम का है हिस्सा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि थाने और कोतवाली में तैनात मुंशियों की चुनाव में फील्ड में ड्यूटी लगने से मैन पावर बढ़ी है। मैन पावर बढ़ने से महिला और पुरुष दरोगाओं को भी राहत मिलेगी। अधिकारियों की मानें तो इस बार चुनाव में असल मकसद शांतिपूर्ण कराकर अपराध पर अंकुश लगाना है। सीधे गश्त ड्यूटियों में लगे कर्मियों की संख्या चुनाव में बढ़ी है।
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विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण कराने के लिए पुलिस अधिकारी कोई भी कमी नहीं छोड़ना चाहते हैं। भले ही थानों और कोतवाली में पुलिस स्टाफ की कमी हो लेकिन पुलिस अधिकारी खुद फील्ड में उतरकर अधीनस्थों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर उनकी हौसला अफजाई कर रहे हैं। इस बार पुलिस अधिकारियों की ओर से जिले में कई थानों और कोतवाली में चुनाव को लेकर नया प्रयोग किया गया है। थानों और कोतवाली में बैठकर लिखा-पढ़ी और ड्यूटी चार्ट तैयार करने वाले मुुंशी को चुनाव में गश्त की भी जिम्मेदारी दी गई है। इन मुंशियों की ड्यू्टी विधानसभावार बनाए गए सेक्टर मजिस्ट्रेटों के साथ चेकिंग में लगाई गई है। थाने और कोतवाली में चार मुंशी हैं तो उनकी अलग-अलग दिन गश्त पर ड्यूटी लगाई गई है। ऐसे में मुंशी रजिस्टर और कलम छोड़कर डंडा पकड़कर चुनाव में अपराधियों की निगरानी कर रहे हैं।
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महिला मुंशियों की चुनाव में लगी ड्यूटी
इस बार विधानसभा चुनाव में महिला मुंशियों की भी कार्यालय से बाहर फील्ड में ड्यूटी लगाई गई है। महिला मुंशी भी सड़क पर पुरुष और महिला दरोगाओं के साथ वाहन चेकिंग में ड्यूटी दे रही हैं। हालांकि महिला मुंशियों की ड्यूटी दिन में ही अलग-अलग प्वाइंटों पर लगी है। रात में इनकी ड्यूटी नहीं लगाई गई है। पुलिस अधिकारी भी इन मुंशियों के कार्यशैली पर नजर रखे हुए हैं।
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अपराध रोकने की मुहिम का है हिस्सा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि थाने और कोतवाली में तैनात मुंशियों की चुनाव में फील्ड में ड्यूटी लगने से मैन पावर बढ़ी है। मैन पावर बढ़ने से महिला और पुरुष दरोगाओं को भी राहत मिलेगी। अधिकारियों की मानें तो इस बार चुनाव में असल मकसद शांतिपूर्ण कराकर अपराध पर अंकुश लगाना है। सीधे गश्त ड्यूटियों में लगे कर्मियों की संख्या चुनाव में बढ़ी है।