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तीनों शुगर मिलों पर ढ़ाई सौ करोड़ के पार पहुंचा भुगतान
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हरिद्वार जिले के तीनों शुगर मिल पेराई के सापेक्ष गन्ने का भुगतान नहीं कर रहे हैं। दिन प्रतिदिन शुगर मिलों पर गन्ना भुगतान बढ़ता जा रहा है। आलम यह है कि तीनों शुगर मिलों पर वर्तमान पेराई सत्र का ढाई सौ करोड़ से ज्यादा बकाया भुगतान पहुंच चुका है। किसान नेता शासन-प्रशासन से गन्ना भुगतान तुरंत जारी कराने की मांग कर रहे हैं। वहीं भुगतान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं।
हरिद्वार जिले के किसान लक्सर, लिब्बरहेड़ी व इकबालपुर शुगर मिल को गन्ने की आपूर्ति करते हैं। पेराई सत्र 2019-2020 शुरू हुए करीब चार माह का समय गुजर चुका है। पेराई सत्र की शुरुआत से ही तीनों शुगर मिलों द्वारा किसानों का गन्ना खरीदा जा रहा है। ऐसा नहीं है कि शुगर मिलों द्वारा भुगतान नहीं किया जा रहा है, लेकिन भुगतान की गति बेहद धीमी है। इस कारण शुगर मिलों पर किसानों का भुगतान दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। ऐसे में वर्तमान पेराई सत्र का करीब ढाई सौ करोड़ से ज्यादा तीनों शुगर मिलों पर बकाया हो गया है।
समय पर गन्ना भुगतान न होने से किसान परेशान हैं। उत्तराखंड किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड़, राष्ट्रीय किसान-मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश अग्रवाल, भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री का कहना है कि यदि प्रशासन को किसानों से सरोकार है तो गन्ना भुगतान तुरंत जारी कराया जाना चाहिए। अन्यथा उनके सामने आंदोलन के सिवाय कोई रास्ता नहीं बचेगा। सहायक गन्ना आयुक्त शैलेंद्र सिंह ने बताया कि शुगर मिलों द्वारा धीरे-धीरे भुगतान किया जा रहा है। बकाया भुगतान को लेकर भी प्रयास चल रहे हैं।
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यह है बकाया भुगतान की स्थिति (करोड़ में)
लक्सर - 106 करोड़
लिब्बरहेड़ी - 105 करोड़
इकबालपुर - 52 करोड़
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डोईवाला शुगर मिल पर पांच करोड़ बकाया
तीनों शुगर मिलों के साथ-साथ ही जिले के कुछ किसान डोईवाला शुगर मिल को भी अपने गन्ने की आपूर्ति करते हैं। उस पर भी हरिद्वार जिले के किसानों का करीब पांच करोड़ रुपये बकाया है।
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दो साल का 180 करोड़ भी है बकाया
लक्सर और लिब्बरहेड़ी शुगर मिल विगत पेराई सत्र का पूरा भुगतान कर चुके हैं, लेकिन इकबालपुर शुगर मिल पर विगत दो वर्षों का 180 करोड़ रुपये बकाया है। पिछले दिनों हाईकोर्ट ने चीनी की नीलामी करने के आदेश स्थानीय प्रशासन को दिए थे, लेकिन चीनी का खरीदार न मिलने के कारण नीलामी नहीं हो पाई थी। इसके बाद कोर्ट में मामला विचाराधीन है।
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हरिद्वार जिले के किसान लक्सर, लिब्बरहेड़ी व इकबालपुर शुगर मिल को गन्ने की आपूर्ति करते हैं। पेराई सत्र 2019-2020 शुरू हुए करीब चार माह का समय गुजर चुका है। पेराई सत्र की शुरुआत से ही तीनों शुगर मिलों द्वारा किसानों का गन्ना खरीदा जा रहा है। ऐसा नहीं है कि शुगर मिलों द्वारा भुगतान नहीं किया जा रहा है, लेकिन भुगतान की गति बेहद धीमी है। इस कारण शुगर मिलों पर किसानों का भुगतान दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। ऐसे में वर्तमान पेराई सत्र का करीब ढाई सौ करोड़ से ज्यादा तीनों शुगर मिलों पर बकाया हो गया है।
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समय पर गन्ना भुगतान न होने से किसान परेशान हैं। उत्तराखंड किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड़, राष्ट्रीय किसान-मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश अग्रवाल, भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री का कहना है कि यदि प्रशासन को किसानों से सरोकार है तो गन्ना भुगतान तुरंत जारी कराया जाना चाहिए। अन्यथा उनके सामने आंदोलन के सिवाय कोई रास्ता नहीं बचेगा। सहायक गन्ना आयुक्त शैलेंद्र सिंह ने बताया कि शुगर मिलों द्वारा धीरे-धीरे भुगतान किया जा रहा है। बकाया भुगतान को लेकर भी प्रयास चल रहे हैं।
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यह है बकाया भुगतान की स्थिति (करोड़ में)
लक्सर - 106 करोड़
लिब्बरहेड़ी - 105 करोड़
इकबालपुर - 52 करोड़
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डोईवाला शुगर मिल पर पांच करोड़ बकाया
तीनों शुगर मिलों के साथ-साथ ही जिले के कुछ किसान डोईवाला शुगर मिल को भी अपने गन्ने की आपूर्ति करते हैं। उस पर भी हरिद्वार जिले के किसानों का करीब पांच करोड़ रुपये बकाया है।
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दो साल का 180 करोड़ भी है बकाया
लक्सर और लिब्बरहेड़ी शुगर मिल विगत पेराई सत्र का पूरा भुगतान कर चुके हैं, लेकिन इकबालपुर शुगर मिल पर विगत दो वर्षों का 180 करोड़ रुपये बकाया है। पिछले दिनों हाईकोर्ट ने चीनी की नीलामी करने के आदेश स्थानीय प्रशासन को दिए थे, लेकिन चीनी का खरीदार न मिलने के कारण नीलामी नहीं हो पाई थी। इसके बाद कोर्ट में मामला विचाराधीन है।