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पेपरलैस होगा शुगर मिलों की पर्चियां बांटने का सिस्टम
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लक्सर। पेराई सत्र 2021-22 में गन्ना पर्चियां जारी करने का सिस्टम पेपरलेस हो जाएगा। गन्ना विभाग के मुताबिक आगामी पेराई सत्र में एसएमएस से किसानों को मोबाइल पर पर्चियां जारी की जाएंगी। इससे गन्ना समिति का हर वर्ष लाखों रुपये का स्टेशन खर्च बचेगा।
बता दें, लक्सर गन्ना विकास समिति से तहसील क्षेत्र के लगभग 50 हजार से अधिक किसान जुड़े हैं। इन किसानों को समिति से जारी गन्ना पर्चियां या तो समय पर नहीं मिल पाती या कोई दूसरा किसान का परिचित व्यक्ति उस पर्ची को लेकर गन्ने की आपूर्ति कर देता है। इसकी वजह से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। किसानों को इन समस्याओं से निजात दिलाने के लिए गन्ना विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक प्रदीप वर्मा ने बताया कि पेराई सत्र 2021-22 में विभाग द्वारा क्षेत्र के गन्ना किसानों को पर्चियां जारी नहीं की जाएंगी। आगामी पेराई सत्र में किसानों को एसएमएस के जरिए पर्चियां जारी होंगी। किसानों के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर पर्चियां भेजी जाएंगी। इसके लिए किसानों से गन्ना पर्यवेक्षक द्वारा उनके चालू नंबर लेकर विभाग में रजिस्टर्ड किए जाएंगे। अगर कोई किसान नंबर बदलता है तो वह इसकी जानकारी गन्ना विभाग को देना होगा। उत्तराखंड के नादेई शुगर मिल में इस बार एसएमएस के द्वारा पर्चियां जारी किए जाने की योजना सफल रही है। संवाद
समिति को होगा लाभ
लक्सर। गन्ना विभाग द्वारा एसमएमस से पर्चियां जारी किए जाने से लक्सर गन्ना विकास समिति का हर वर्ष पर्चियों पर होने वाला लाखों रुपये का खर्च भी बचेगा। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक प्रदीप वर्मा ने बताया कि हर वर्ष पर्चियों के कागज खरीदने व उन्हें प्रिंट करने में लगभग 10 लाख से अधिक का खर्च आता है। एसएमएस व्यवस्था लागू होने से समिति को इसका फायदा होगा। साथ ही पर्ची वितरकों का भी पर्चियां बांटने से पीछा छूट जाएगा। उन्हें विभाग द्वारा किसी दूसरे कामों में लगाया जाएगा।
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बता दें, लक्सर गन्ना विकास समिति से तहसील क्षेत्र के लगभग 50 हजार से अधिक किसान जुड़े हैं। इन किसानों को समिति से जारी गन्ना पर्चियां या तो समय पर नहीं मिल पाती या कोई दूसरा किसान का परिचित व्यक्ति उस पर्ची को लेकर गन्ने की आपूर्ति कर देता है। इसकी वजह से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। किसानों को इन समस्याओं से निजात दिलाने के लिए गन्ना विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक प्रदीप वर्मा ने बताया कि पेराई सत्र 2021-22 में विभाग द्वारा क्षेत्र के गन्ना किसानों को पर्चियां जारी नहीं की जाएंगी। आगामी पेराई सत्र में किसानों को एसएमएस के जरिए पर्चियां जारी होंगी। किसानों के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर पर्चियां भेजी जाएंगी। इसके लिए किसानों से गन्ना पर्यवेक्षक द्वारा उनके चालू नंबर लेकर विभाग में रजिस्टर्ड किए जाएंगे। अगर कोई किसान नंबर बदलता है तो वह इसकी जानकारी गन्ना विभाग को देना होगा। उत्तराखंड के नादेई शुगर मिल में इस बार एसएमएस के द्वारा पर्चियां जारी किए जाने की योजना सफल रही है। संवाद
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समिति को होगा लाभ
लक्सर। गन्ना विभाग द्वारा एसमएमस से पर्चियां जारी किए जाने से लक्सर गन्ना विकास समिति का हर वर्ष पर्चियों पर होने वाला लाखों रुपये का खर्च भी बचेगा। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक प्रदीप वर्मा ने बताया कि हर वर्ष पर्चियों के कागज खरीदने व उन्हें प्रिंट करने में लगभग 10 लाख से अधिक का खर्च आता है। एसएमएस व्यवस्था लागू होने से समिति को इसका फायदा होगा। साथ ही पर्ची वितरकों का भी पर्चियां बांटने से पीछा छूट जाएगा। उन्हें विभाग द्वारा किसी दूसरे कामों में लगाया जाएगा।
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