{"_id":"5730d8c04f1c1b7d0a919df5","slug":"paid-off-30-years-of-struggle","type":"story","status":"publish","title_hn":"रंग लाया 30 वर्षों का संघर्ष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रंग लाया 30 वर्षों का संघर्ष
ब्यूूराो/ अमर उजाला रुड़की
Updated Tue, 10 May 2016 12:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुड़की। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संघर्ष समिति की ओर से ढंडेरा रेलवे स्टेशन पर विभिन्न सुविधाओं के लिए 30 वर्ष से किए जा रहे आंदोलन का असर अब दिखने लग गया है। अब स्टेशन पर न फुटपाथ ओवरब्रिज का काम जल्द शुरू होने वाला है, बल्कि रेलवे बोर्ड से छह एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को भी हरी झंडी दे दी है। दूसरी ओर 27 मई तक कार्य शुरू नहीं होने पर संघर्ष समिति ने ट्रेनों के चक्काजाम करने की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
ढंडेरा स्टेशन पर आवश्यक सुविधाओं के लिए वर्षों से समिति की ओर से आंदोलन किया जा रहा है। इसके तहत हर माह की 28 तारीख को स्टेशन पर धरना प्रदर्शन किया जाता है। साथ ही समय-समय पर अधिकारियों को ज्ञापन देकर आवाज भी उठाई जाती है। इसके अलावा कई बार आंदोलनकारी समिति से जुड़ी महिलाओं ने ट्रेनों का चक्काजाम भी किया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। लेकिन लंबे संघर्ष के बाद अब आंदोलन रंग लाने लगा है।
विज्ञापन
समिति अध्यक्ष हर्ष प्रकाश काला का कहना है कि क्षेत्रवासियों के लिए किया जा रहा आंदोलन अब नतीजे तक पहुंचने लग गया है। उन्होंने बताया कि जल्द स्टेशन पर फुटपाथ ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। रेलवे के निर्माण निरीक्षक एसएस रावत ने भी इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि स्टेशन पर मेल और एक्सप्रेस छह ट्रेनों के ठहराव का रेलवे बोर्ड से हरी झंडी मिल गई है। इसके अलावा रिजर्वेशन काउंटर खोलने का प्रस्ताव भी स्वीकृत हो गया है। उम्मीद है जल्द इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
बैठक कर जताया आभार
संघर्ष समिति के अशोक नगर स्थित केंद्रीय कार्यालय में सोमवार को बैठक कर आंदोलन में हिस्सा लेने वाली महिलाओं का आभार जताया गया। केंद्रीय अध्यक्ष हर्ष प्रकाश काला नेे कहा कि आंदोलन के सफल होने का पूरा श्रेय महिला वाहिनी को जाता है। जिसमें शामिल 70-80 साल की महिलाओं ने भी ढंडेरा रेलवे स्टेशन की सुविधाओं के लिए संघर्ष में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।