{"_id":"5f4949ef8ebc3e0bff3816d4","slug":"now-accurate-warning-will-be-issued-even-three-hours-before-the-rain-storm-roorkee-news-drn3544701184","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब बारिश-तूफान से तीन घंटे पहले भी जारी होगी सटीक चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब बारिश-तूफान से तीन घंटे पहले भी जारी होगी सटीक चेतावनी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसानों को अब नाऊ कास्टिंग के तहत भारी बारिश, तेज हवा, अत्यधिक और न्यूनतम तापमान की सूचना ढाई से तीन घंटे पहले ही मिल जाएगी। इससे कीटनाशकों या उर्वरकों का छिड़काव या फिर सिंचाई करने की योजना बनाने वाले किसानों को काफी लाभ मिलेगा। साथ ही अपेक्षाकृत अधिक सटीकता के साथ पूर्वानुमान मिल सकेगा। यह बातें भारत मौसम विभाग, नई दिल्ली में कृषि-मौसम सलाहकार सेवा अनुभाग के प्रमुख एवं ग्रामीण कृषि-मौसम सेवा परियोजना के राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. केके सिंह ने कही। शुक्रवार को वह आईआईटी रुड़की में संचालित कृषि-मौसम परामर्श परियोजना के तहत कृषि मौसम सेवाओं के लिए किसान जागरूकता वेबिनार को संबोधित कर रहे थे।
परियोजना के नोडल अधिकारी प्रो. आशीष पांडेय ने किसानों को ब्लॉक स्तरीय बुलेटिन प्राप्त करने के लिए आईआईटी की ओर से विकसित मौसम मोबाइल एप के प्रयोग की जानकारी दी। उन्होंने वज्रपात की सूचना के लिए भारत मौसम विभाग के मोबाइल एप दामिनी का उपयोग करने की सलाह भी दी। विभागाध्यक्ष प्रो. एमएल कंसल ने सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने में हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। भारत मौसम विभाग के प्रमुख डॉ. केके सिंह ने किसानों व अन्य प्रतिभागियों के जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। वेबिनार में हरिद्वार, देहरादून और पौड़ी गढ़वाल जनपद के किसानों, ग्राम विकास अधिकारियों, प्रधानों, स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिला कृषकों, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों, पंतनगर व रानीचौरी कृषि-मौसम केंद्र के तकनीकी अधिकारियों आदि ने हिस्सा लिया। इसके अलावा प्रो. एसके मिश्रा, प्रो. आरडी सिंह, डॉ. पुरुषोत्तम कुमार, डॉ. वाईपी सैनी, प्रो. आरएस नेगी, प्रगतिशील किसान रवि किरन सैनी, विनय कांबोज, ग्राम विकास अधिकारी जोधा सिंह पंवार आदि शामिल हुए। अंत में परियोजना के तकनीकी अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार ने प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
विज्ञापन
परियोजना के नोडल अधिकारी प्रो. आशीष पांडेय ने किसानों को ब्लॉक स्तरीय बुलेटिन प्राप्त करने के लिए आईआईटी की ओर से विकसित मौसम मोबाइल एप के प्रयोग की जानकारी दी। उन्होंने वज्रपात की सूचना के लिए भारत मौसम विभाग के मोबाइल एप दामिनी का उपयोग करने की सलाह भी दी। विभागाध्यक्ष प्रो. एमएल कंसल ने सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने में हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। भारत मौसम विभाग के प्रमुख डॉ. केके सिंह ने किसानों व अन्य प्रतिभागियों के जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। वेबिनार में हरिद्वार, देहरादून और पौड़ी गढ़वाल जनपद के किसानों, ग्राम विकास अधिकारियों, प्रधानों, स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिला कृषकों, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों, पंतनगर व रानीचौरी कृषि-मौसम केंद्र के तकनीकी अधिकारियों आदि ने हिस्सा लिया। इसके अलावा प्रो. एसके मिश्रा, प्रो. आरडी सिंह, डॉ. पुरुषोत्तम कुमार, डॉ. वाईपी सैनी, प्रो. आरएस नेगी, प्रगतिशील किसान रवि किरन सैनी, विनय कांबोज, ग्राम विकास अधिकारी जोधा सिंह पंवार आदि शामिल हुए। अंत में परियोजना के तकनीकी अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार ने प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
विज्ञापन