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फर्जी प्रमाणपत्र लगाने पर नौ कर्मचारी बर्खास्त
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जिला सहकारी बैंक में हुई प्रबंध समिति की बैठक में वर्ष 2016 में रखे गए चतुर्थ श्रेणी के नौ कर्मचारियों को फर्जी प्रमाणपत्र लगाने के मामले में बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया। साथ ही तत्कालीन बैंक अध्यक्ष एवं वर्तमान में संचालक को नोटिस जारी किया गया है। उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए सात दिन का समय दिया गया है।
मंगलवार को बीटीगंज स्थित जिला सहकारी बैंक में प्रबंध समिति की बोर्ड बैठक आयोजित हुई। बैठक में वर्ष 2016 में बैंक में वर्ग चार में की गई भर्ती की धांधली पर चर्चा की गई। बैंक अध्यक्ष प्रदीप चौधरी ने बताया कि वर्ष 2016 में चतुर्थ श्रेणी के 19 कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी। इन नियुक्तियों में धांधली का आरोप लगाते हुए रुड़की निवासी सुनीता सिंह ने सहकारिता मंत्री को शिकायत दी थी। मंत्री के आदेश पर भर्ती प्रक्रिया की जांच करवाई गई। जांच में पाया गया कि नौ ने फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी हासिल की है। मामला सामने आने पर निबंधक सहकारी समितियां उत्तराखंड ने उक्त आरोपी कर्मचारियों पर फैसला लेने के लिए बैंक प्रबंध समिति को निर्देशित किया था। ऐसे में बैठक में सर्वसम्मति से सभी नौ कर्मचारियों को बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए निबंधक सहकारी समिति उत्तराखंड को अवगत करा दिया गया है। इसके अलावा तत्कालीन बैंक अध्यक्ष एवं वर्तमान में बैंक संचालक सुशील चौधरी को नोटिस जारी किया गया है। बताया कि उन्हें अपना पक्ष एक सप्ताह में समिति के सामने रखने के लिए समय दिया गया है। इस दौरान बैठक में उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, सुशील राठी, प्रहलाद सिंह, सुशील कुमार, देवेंद्र कुमार, सुनीता देवी, संतोष देवी, छतर सिंह, धर्मेंद्र, कपिल कांता, तहेन्द्र सिंह, मंजू चौधरी, ब्रह्मपाल सिंह, राजेश चौहान आदि मौजूद रहे।
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मंगलवार को बीटीगंज स्थित जिला सहकारी बैंक में प्रबंध समिति की बोर्ड बैठक आयोजित हुई। बैठक में वर्ष 2016 में बैंक में वर्ग चार में की गई भर्ती की धांधली पर चर्चा की गई। बैंक अध्यक्ष प्रदीप चौधरी ने बताया कि वर्ष 2016 में चतुर्थ श्रेणी के 19 कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी। इन नियुक्तियों में धांधली का आरोप लगाते हुए रुड़की निवासी सुनीता सिंह ने सहकारिता मंत्री को शिकायत दी थी। मंत्री के आदेश पर भर्ती प्रक्रिया की जांच करवाई गई। जांच में पाया गया कि नौ ने फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी हासिल की है। मामला सामने आने पर निबंधक सहकारी समितियां उत्तराखंड ने उक्त आरोपी कर्मचारियों पर फैसला लेने के लिए बैंक प्रबंध समिति को निर्देशित किया था। ऐसे में बैठक में सर्वसम्मति से सभी नौ कर्मचारियों को बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए निबंधक सहकारी समिति उत्तराखंड को अवगत करा दिया गया है। इसके अलावा तत्कालीन बैंक अध्यक्ष एवं वर्तमान में बैंक संचालक सुशील चौधरी को नोटिस जारी किया गया है। बताया कि उन्हें अपना पक्ष एक सप्ताह में समिति के सामने रखने के लिए समय दिया गया है। इस दौरान बैठक में उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, सुशील राठी, प्रहलाद सिंह, सुशील कुमार, देवेंद्र कुमार, सुनीता देवी, संतोष देवी, छतर सिंह, धर्मेंद्र, कपिल कांता, तहेन्द्र सिंह, मंजू चौधरी, ब्रह्मपाल सिंह, राजेश चौहान आदि मौजूद रहे।
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