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जीत पक्की करने को नेताजी ने परदेसियों से लड़ाई %आंख%
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प्रत्याशियों को एक-एक वोट की कीमत की अहमियत पता है। ये भी पता है कि एक-एक वोट से जीत का द्वार खुलता है। ऐसे में प्रत्याशी कोई भी कमी नहीं छोड़ रहे हैं। प्रत्याशियों की नजर बाहरी राज्यों में रहने वाले स्थानीय वोटरों पर भी थी। बाहरी वोटरों को मतदान से एक दिन और मतदान वाले दिन बुलाने के लिए प्रत्याशियों ने एड़ी से लेकर चोटी तक जोर लगाया है। बाहरी राज्यों में रहने वाले वोटरों को बुलाने के लिए प्रत्याशियों ने उन्हें आने-जाने और खाने-पीने का खर्च दिया है। साथ ही वोट अपने पक्ष में डालने के लिए वह इनके साथ ही परिजनों की भी मनुहार कर रहे हैं।
चुनावी सीजन में प्रत्याशियों की हर वोट पर नजर होती है। लोकल में रहने वाले वोटरों से अलग प्रत्याशियों की नजर बाहरी राज्यों में नौकरी और पढ़ाई कर रहे वोटरों पर रहती है। इसके लिए वह टिकट मिलते ही इनके संपर्क में आ जाते हैं। साथ ही अपने समर्थकों से बाहरी राज्यों में रहने वालों के परिजनों से मोबाइल से लेकर फेसबुक अकाउंट तक की जानकारी कराते हैं। ऐसा ही नजारा इस बार रुड़की और देहात में है। प्रत्याशियों के समर्थकों का कहना है कि टिकट मिलते ही बाहरी राज्यों में रहने वालों की पूरी सूची तैयार की गई थी। सूची तैयार करने के बाद इनसे संपर्क किया गया था। साथ ही इन्हें सोशल मीडिया के जरिए भी प्रत्याशियों के साथ जोड़ा गया था। इसके अलावा मतदान से एक दिन पहले या मतदान वाले दिन आने के लिए आने-जाने का पूरा खर्च भी दिया गया है। इसके अलावा जब वह अपने घर पर रहेंगे उनके लिए स्पेशल खाने-पीने की सुविधा भी गई है। साथ ही इनके परिजनों और रिश्तेदारों से हाथ जोड़कर वोट अपने पक्ष में करने की अपील की जा रही है।
रेल और हवाई जहाज के टिकट कराए थे बुक
प्रत्याशियों के समर्थकों का कहना है कि मतदान के लिए बुलाने को कई लोगों के रेल और हवाई जहाज के टिकट पहले से ही बुक कराए गए थे। ताकि वह समय रहते यहां पहुंचे और मतदान करें। समर्थकों का कहना है कि बाहरी राज्यों में रहने वाले कई लोगों की डिमांड थी कि उन्हें हवाई जहाज के ही टिकट चाहिए। साथ ही टिकट आने और जाने की ही होनी चाहिए। इस पर उनकी डिमांड को पूरा किया गया है।
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चुनावी सीजन में प्रत्याशियों की हर वोट पर नजर होती है। लोकल में रहने वाले वोटरों से अलग प्रत्याशियों की नजर बाहरी राज्यों में नौकरी और पढ़ाई कर रहे वोटरों पर रहती है। इसके लिए वह टिकट मिलते ही इनके संपर्क में आ जाते हैं। साथ ही अपने समर्थकों से बाहरी राज्यों में रहने वालों के परिजनों से मोबाइल से लेकर फेसबुक अकाउंट तक की जानकारी कराते हैं। ऐसा ही नजारा इस बार रुड़की और देहात में है। प्रत्याशियों के समर्थकों का कहना है कि टिकट मिलते ही बाहरी राज्यों में रहने वालों की पूरी सूची तैयार की गई थी। सूची तैयार करने के बाद इनसे संपर्क किया गया था। साथ ही इन्हें सोशल मीडिया के जरिए भी प्रत्याशियों के साथ जोड़ा गया था। इसके अलावा मतदान से एक दिन पहले या मतदान वाले दिन आने के लिए आने-जाने का पूरा खर्च भी दिया गया है। इसके अलावा जब वह अपने घर पर रहेंगे उनके लिए स्पेशल खाने-पीने की सुविधा भी गई है। साथ ही इनके परिजनों और रिश्तेदारों से हाथ जोड़कर वोट अपने पक्ष में करने की अपील की जा रही है।
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रेल और हवाई जहाज के टिकट कराए थे बुक
प्रत्याशियों के समर्थकों का कहना है कि मतदान के लिए बुलाने को कई लोगों के रेल और हवाई जहाज के टिकट पहले से ही बुक कराए गए थे। ताकि वह समय रहते यहां पहुंचे और मतदान करें। समर्थकों का कहना है कि बाहरी राज्यों में रहने वाले कई लोगों की डिमांड थी कि उन्हें हवाई जहाज के ही टिकट चाहिए। साथ ही टिकट आने और जाने की ही होनी चाहिए। इस पर उनकी डिमांड को पूरा किया गया है।
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