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हत्या में एक को आजीवन कारावास
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
Updated Sat, 30 Jan 2016 12:05 AM IST
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रुड़की। हत्या के मामले में कोर्ट ने एक आरोपी को दोषसिद्ध करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मंगलौर कोतवाली में 22 अक्तूबर 1999 को दर्ज मुकदमे में 16 साल बाद फैसला आया है, हालांकि इससे पहले 29 मई 2006 को इसी मामले में एक अन्य दोषी को आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है, जबकि एक आरोपी को सजा के लिए चार फरवरी की तिथि तय की गई है।
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मंगलौर कोतवाली में नगला सलारू निवासी योगेश कुमार की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसमें बताया गया था कि उसके पिता ओमपाल और भाई विपिन हरिद्वार जा रहे थे। तभी आरोपी महेंद्र, वीरेंद्र उर्फ खलीफा, मनोज और पंकज ने उन्हें रास्ते में घेरकर हमला कर दिया। तमंचे से हुए हमले में भाई विपिन की मौत हो गई थी, जबकि पिता ओमपाल ने भागकर बामुश्किल जान बचाई थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने 302, 307 सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। सुनवाई के बाद महेंद्र पुत्र हुकुम सिंह को पहले ही आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है, जबकि वीरेंद्र उर्फ खलीफा को शुक्रवार को एडीजी सेकेंड अरविंद कुमार की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। मामले में एक अन्य आरोपी मनोज पुत्र महेंद्र की सुनवाई पूरी होने के बाद चार फरवरी के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया गया है। चौथा आरोपी पंकज नाबालिग है, जिसकी अलग सुनवाई चल रही है। शासकीय अधिवक्ता आलोक पुंडीर के अनुसार उक्त मामले में कुल 11 गवाह पेश किए गए, जिनके परीक्षण के बाद आरोपियों को सजा सुनाई गई है।
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