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चिकित्सक की ज्वाइनिंग में अस्पताल प्रबंधन का पेच
अमर उजाला ब्यूरो रुड़की
Updated Tue, 23 Aug 2016 11:56 PM IST
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एक चिकित्सक की ज्वाइनिंग में अस्पताल प्रबंधन ने पेच लगा दिया है। ऐेसे में परेशान चिकित्सक ने इस्तीफे की चेतावनी दी है। यह स्थिति तब है जब अस्पतालों में चिकित्सकों का टोटा बना हुआ है।
सिविल अस्पताल में तैनात डा. राजकुमार का पिछले साल सितंबर में नैनीताल स्थानांतरण कर दिया गया था, हालांकि इससे पहले ही वह मेडिकल लीव पर चल रहे थे। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन की ओर से उन्हें एकतरफा रिलीव कर दिया गया था। इस दौरान वह मेडिकल लीव पर रहे और उन्होंने नैनीताल ज्वाइन नहीं किया। अब शासन ने दोबारा उनका स्थानांतरण रुड़की सिविल अस्पताल में कर दिया है, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने उनकी ज्वाइनिंग में पेच लगा दिया है।
कार्यवाहक सीएमएस डा. संजय कंसल का कहना है कि चिकित्सक का स्थानांतरण नैनीताल कर दिया गया था। ऐसे में वहां से रिलीव नहीं होने तक ज्वाइनिंग नहीं हो सकती। वहीं दूसरी ओर डा. राजकुमार का कहना है कि नैनीताल उन्होंने ज्वाइनिंग ही नहीं दी थी तो रिलीव करने का सवाल हीं नहीं है। उन्होंने कहा कि शासन ने ही पहले स्थानांतरण नैनीताल किया था अब दोबारा सिविल अस्पताल रुड़की में किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यही स्थिति रही तो उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
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सिविल अस्पताल में तैनात डा. राजकुमार का पिछले साल सितंबर में नैनीताल स्थानांतरण कर दिया गया था, हालांकि इससे पहले ही वह मेडिकल लीव पर चल रहे थे। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन की ओर से उन्हें एकतरफा रिलीव कर दिया गया था। इस दौरान वह मेडिकल लीव पर रहे और उन्होंने नैनीताल ज्वाइन नहीं किया। अब शासन ने दोबारा उनका स्थानांतरण रुड़की सिविल अस्पताल में कर दिया है, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने उनकी ज्वाइनिंग में पेच लगा दिया है।
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कार्यवाहक सीएमएस डा. संजय कंसल का कहना है कि चिकित्सक का स्थानांतरण नैनीताल कर दिया गया था। ऐसे में वहां से रिलीव नहीं होने तक ज्वाइनिंग नहीं हो सकती। वहीं दूसरी ओर डा. राजकुमार का कहना है कि नैनीताल उन्होंने ज्वाइनिंग ही नहीं दी थी तो रिलीव करने का सवाल हीं नहीं है। उन्होंने कहा कि शासन ने ही पहले स्थानांतरण नैनीताल किया था अब दोबारा सिविल अस्पताल रुड़की में किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यही स्थिति रही तो उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
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