{"_id":"61ab810b8b3d0a7f0376c9f6","slug":"it-is-necessary-for-children-to-get-higher-education-message-roorkee-news-drn3978470185","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाबा साहेब ने समाज को कई तरह के दिलाए अधिकार: संदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाबा साहेब ने समाज को कई तरह के दिलाए अधिकार: संदेश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डॉ. भीमराव आंबेडकर के परपौत्र संदेश अशोक आंबेडकर ने कहा कि समाज का स्तर ऊंचा करने के लिए बच्चों को उच्च शिक्षा ग्रहण कराना बेहद जरूरी है। कहा कि बाबा साहब का नारा था कि शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो।
शनिवार को लंढौरा स्थित रविदास मंदिर परिसर में भारतीय बौद्ध महासभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. भीमराव आंबेडकर के परपौत्र संदेश अशोक आंबेडकर ने कहा कि दबे कुचले लोगों को कई अधिकार नहीं थे। इसके चलते बाबा साहेब ने सन 1923 में सत्याग्रह शुरू किया। चार साल तक चले सत्याग्रह के बाद बाबा साहेब ने समाज को कई तरह के अधिकार दिलाए। उन्होंने कहा कि हर एक माता पिता का फर्ज है कि अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाए ताकि हमारे समाज के बच्चों की हिस्सेदारी आईएएस ऑफिसरों में रहे। हमें बाबा साहेब की मूर्ति स्थापित करने बजाय उनके नाम के ऐसे कॉलेज बनाने की जरूरत है, जिसमें समाज के गरीब बच्चों को निशुल्क उच्च शिक्षा दिलाई जा सके। कार्यक्रम का संचालन पहल सिंह मौर्य ने किया। इस मौके पर तेलूराम, प्रदीप, सतेंद्र, गीता देवी, डॉ. सुलेख, अंजू, कृष्णपाल, शाहजमां और सुभाष आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
शनिवार को लंढौरा स्थित रविदास मंदिर परिसर में भारतीय बौद्ध महासभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. भीमराव आंबेडकर के परपौत्र संदेश अशोक आंबेडकर ने कहा कि दबे कुचले लोगों को कई अधिकार नहीं थे। इसके चलते बाबा साहेब ने सन 1923 में सत्याग्रह शुरू किया। चार साल तक चले सत्याग्रह के बाद बाबा साहेब ने समाज को कई तरह के अधिकार दिलाए। उन्होंने कहा कि हर एक माता पिता का फर्ज है कि अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाए ताकि हमारे समाज के बच्चों की हिस्सेदारी आईएएस ऑफिसरों में रहे। हमें बाबा साहेब की मूर्ति स्थापित करने बजाय उनके नाम के ऐसे कॉलेज बनाने की जरूरत है, जिसमें समाज के गरीब बच्चों को निशुल्क उच्च शिक्षा दिलाई जा सके। कार्यक्रम का संचालन पहल सिंह मौर्य ने किया। इस मौके पर तेलूराम, प्रदीप, सतेंद्र, गीता देवी, डॉ. सुलेख, अंजू, कृष्णपाल, शाहजमां और सुभाष आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन