रामपुर क्षेत्र स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय परिसर में चल रहे राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (जीजीआईसी) की छात्राओं को सोमवार को कूड़े के ढेर से गुजरना पड़ा। कूड़े से उठ रही दुर्गंध से छात्राओं को नाक बंद कर आगे जाना पड़ा। यहीं नहीं, कूड़े की बदबू कक्षाओं तक आती रही। ऐसे में पहले दिन ही छात्राओं को पढ़ने में परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रधानाचार्य की शिकायत के बाद भी कूड़ा नहीं उठाया गया।
दरअसल, रामपुर क्षेत्र में गुलाबशाह पीर के पास स्थित जीजीआईसी के पास ही एक खाली प्लाट में कूड़े का ढेर लगा है। यहां आए दिन मछली मोहल्ले से जानवरों के अवशेष, आसपास के मृत जानवर, घरों और नालों की गंदगी डाली जाती है। स्कूल की प्रभारी प्रधानाचार्य सुदेशना महर ने इसकी शिकायत क्षेत्रीय विधायक फुरकान अहमद और शहर विधायक प्रदीप बत्रा से की थी। उन्होंने कहा था कि कुछ समय पहले तक यहां कूड़े का इतना ढेर नहीं था, लेकिन कुछ समय से लगातार तीन से चार ट्रक रोजाना कूड़ा यहां डाला जा रहा है। इसी कूड़े के ढेर से निकलकर स्कूल के स्टाफ और छात्राओं को आना पड़ता है। अब बरसात होने पर कूड़े से ज्यादा दुर्गंध आने लगी है। स्कूल में स्टाफ और छात्राओं का बैठना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि कूड़े से संक्रमण फैलने से स्कूल के स्टाफ और छात्राओं के बीमार पड़ने की आशंका है। उन्होंने कूड़े का ढेर हटवाने की मांग की थी। वहीं, चार महीने बाद सोमवार को स्कूल खुले तो छात्राएं पहुंचीं। उन्हें कूड़े के ढेर से नाक बंद कर गुजरना पड़ा। अध्यापिका सीमा, शशि बाला, सोनिया, कविता शर्मा, सुनीता, पूनम, प्रभा का कहना है कि कूड़े की बदबू स्कूल की कक्षाओं तक आती रही। यदि यही स्थिति रही तो छात्राओं में संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाएगा।