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गर्ग के करीबियों पर सीबीसीआईडी नरम

Mon, 30 May 2016 11:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला रुड़की
ब्यूरो/अमर उजाला रुड़की Updated Mon, 30 May 2016 11:32 PM IST
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रुड़की। आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार चकबंदी सीईओ प्रदीप गर्ग के कार्यकाल में कई भू-माफिया ग्राम पंचायत व किसानों की जमीन खुर्द-बुर्द कर फर्श से अर्श पर जा पहुंचे। वहीं साजिश के तहत जमीन छिनने से कई काश्तकार जमीन पर आ गए हैं। गर्ग के करीबी कई सफेदपोश और रसूखदारों का काला चिट्ठा सालभर पहले तत्कालीन डीएम ने सीबीसीआईडी जांच की संस्तुति सहित शासन को भेजा था। इस पर जांच तो शुरू हुई लेकिन एक कदम भी आगे नहीं बढ़ पाई। सीबीसीआईडी भले ही गर्ग के करीबियों पर नरम रही हो, लेकिन विजिलेंस की तलवार उन पर लटक रही है।

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चकबंदी विभाग में एक ही जिले में करीब डेढ़ दशक से जमे प्रदीप गर्ग को पिछले दिनों विजिलेंस टीम ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार किया है। उसके कई करीबी लेखपाल और सहयोगी विजिलेंस की राडार पर हैं। जांच में कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं। दस्तावेजों से पता चला है कि पिछले साल बेलड़ा व आसपास के गांवों में ग्राम समाज की भूमि खुर्द-बुर्द करने के मामले में ग्रामीणों की शिकायत पर तत्कालीन डीएम हरिचंद्र सेमवाल ने गर्ग के करीबियों के खिलाफ सीबीसीआईडी जांच की संस्तुति कर प्रमुख सचिव गृह विभाग से की थी। जिसमें एक करीबी के फर्जी हस्ताक्षर का हवाला भी डीएम ने दिया था। यह जांच अभी सीबीसीआईडी में हिचकोले खा रही हैं। सीबीसीआईडी जांच को गंभीरता से लेती तो प्रदीप गर्ग और उसके करीबी काफी पहले गिरफ्तार हो चुके होते। प्रदीप गर्ग को गिरफ्तार कर चुकी विजिलेंस अब उसके कार्यकाल में चर्चित मामलों को खंगाल रही है। इसी कड़ी में पिछले हफ्ते एक सफेदपोश के घर जाकर छानबीन की। विजिलेंस जिस तरह से शहर में पिछले तीन दिन से डेरा डाले हैं उससे माना जा रहा जल्द कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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एसडीएम व एएसपी की रिपोर्ट बनेगी आधार
तत्कालीन एसडीएम और तत्कालीन एएसपी की रिपोर्ट प्रदीप गर्ग के करीबियों पर कार्रवाई का आधार बनेगी। एसडीएम की ओर से डीएम और एएसपी की ओर से एसएसपी को भेजी रिपोर्ट में साफ लिखा था कि बेलड़ा क्षेत्र के भूमाफिया ने चकबंदी विभाग के कई लेखपाल समेत अफसर के साथ मिलकर किस तरह ग्राम समाज व पट्टे की जमीनों को खुर्द-बुर्द किया। इन रिपोटों पर अभी भले संज्ञान न लिया गया हो, लेकिन विजिलेंस इन पर कार्रवाई की तैयारी में हैं।
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विजिलेंस तक पहुंचे दस्तावेजी सुबूत
प्रदीप गर्ग और उसके सहयोगियों की साजिश का शिकार हुए पीड़ित काश्तकारों ने भी फर्जीवाड़े के सुबूत विजिलेंस को उपलब्ध कराए हैं। जल्द सांठ-गांठ में शामिल रहे बेलड़ा के दो सफेदपोश और विभागीय लेखपाल व कर्मचारियों पर शिकंजा कस सकता है।

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