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शहर से देहात तक बिजली गुल, मचा हाहाकार
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रुड़की। ऊर्जा निगम के तीनों निगमों के अधिकारियों और कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर से देहात तक बिजली गुल रहने से लोगों में हाहाकार मच गया। शहर के कई इलाके ऐसे थे, जहां रात से बिजली गुल थी और सुबह हड़ताल के चलते उसे ठीक नहीं किया गया। ऐसे में उन्हें 18 घंटे तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ा। अधिकतर इलाकों में करीब नौ से 10 घंटे बिजली कटौती रही। दिनभर लोग अधिकारियों को फोन करते रहे और अधिकारी बिजली ठीक नहीं करने की बात कहते रहे। ऐसे में लोगों में ऊर्जा निगम के साथ ही प्रशासन और सरकार के खिलाफ भी रोष रहा।
विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा की सोमवार मध्य रात्रि से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू होने से शहर और देहात की बिजली व्यवस्था बेपटरी हो गई। क्षेत्र के कुछ इलाके ऐसे थे, जहां तकनीकी खामियों के चलते रात में बिजली सप्लाई ठप हो गई थी। इसके बाद हड़ताल शुरू होते ही कर्मचारियों ने बिजली ठीक करने का काम बंद कर दिया। इससे इन लोगों के घरों में मंगलवार शाम तक भी सप्लाई शुरू नहीं हो पाई। वहीं ब्रह्मपुर बिजलीघर से रुड़की फीडर करीब दस बजे बंद हो गया था। इस फीडर से ब्रह्मपुर, कान्हापुर, शंकरपुरी, माजरा, शेरपुर, मयूर विहार आदि इलाके जुड़े हुए थे। इसके बाद करीब 12 बजे इस बिजलीघर से दूसरा भारापुर फीडर भी बंद हो गया। इस फीडर से भी भारापुर, घोड़ेवाला, मरगूबपुर, दीदाहेड़ी, हलवाहेड़ी, भौरी, डेरा आदि गांव जुड़े हैं। करीब तीन बजे इन इलाकों के लोग बिजली सप्लाई शुरू करवाने के लिए बिजलीघर पहुंचे तो वहां कर्मचारियों ने बिजली सप्लाई शुरू करने से इनकार कर दिया। इससे गुस्साए लोगों ने बिजलीघर से जुड़े अन्य चारों खंजरपुर, सब स्टेशन, पिरान कलियर और बेलडा फीडर को भी बंद करवा दिया। इससे करीब 40 गांवों में एक साथ बिजली सप्लाई ठप हो गई। वहीं दूसरी ओर बिजलीघर नंबर छह से जुड़े इलाकों में भी करीब आठ घंटे बिजली गुल रही। रामनगर में भी गली नंबर 14 से 16 तक में सुबह बिजली गुल हो गई थी। स्थानीय लोगों ने जब लाइनमैन को फोन कर बिजली ठीक करने के लिए कहा तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। यहां तक कि जेई और एसडीओ ने भी बिजली सप्लाई शुरू करने से हाथ खड़े कर दिया। इसके अलावा शहर के राजेंद्र नगर, गणेशपुर, आसफनगर, दिल्ली रोड, तांशीपुर, नेहरू कॉलोनी और आवास विकास आदि शहर के अधिकतर इलाकों में बिजली ठप रही। देर शाम तक भी इन इलाकों में बिजली सप्लाई शुरू नहीं हो पाई थी।
ऊर्जा निगम के अधिकारी भी रहे अंधेरे में
मंगलवार को बिजली कटौती से शहर के आमजन से लेकर अधिकारी वर्ग भी परेशान रहा। हड़ताल के चलते ऊर्जा निगम के अधिकारियों के घरों में भी बिजली गुल रही। चाहकर भी अधिकारी कर्मचारियों को अपने यहां की बिजली सप्लाई शुरू करने के लिए आदेश नहीं दे पाए। इसका मुख्य कारण यह था कि सभी जेई, एसएसओ और लाइनमैनों पर यूनियन के नेताओं की नजर थी। क्योंकि सुबह के समय ऐसा देखने में आया था कि कुछ लाइनमैन व्यक्तिगत फायदे के लिए कुछ इलाकों की बिजली सप्लाई शुरू करने चले गए थे। इसके बाद यूनियन नेताओं ने हड़ताल के बीच में ही स्पष्ट कर दिया था कि यदि कोई जेई या लाइनमैन किसी व्यक्तिगत की बिजली ठीक करने पहुंचता है तो उसे संगठन के गुस्से का सामना करना पड़ेगा। इससे अधिकारी भी अपने यहां बिजली सप्लाई शुरू नहीं करवा पाए।
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दिनभर बिजली का इंतजार करते रहे लोग
मंगलौर। मंगलवार को ऊर्जा निगम के कर्मचारियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल के कारण मंगलौर में भी बिजली आपूर्ति ठप रही। इसके कारण दिनभर लोगों को गर्मी में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह नौ बजे से ही विद्युत आपूर्ति बाधित होने के कारण घरों में पानी की किल्लत का सामना करना पड़ा। अवर अभियंता सौरभ सिंह भाटी ने बताया कि सभी कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जिस कारण मंगलवार को बिजली आपूर्ति बाधित रही। संवाद
बिजलीघरों पर तैनात की गई पुलिस
लक्सर/खानपुर। ऊर्जा निगम के कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से खानपुर और लक्सर क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति बंद हो गई। वही पेयजल के लिए भी लोगों को दिनभर हैंडपंपों तक दौड़ लगानी पड़ी। नगर क्षेत्र से लेकर खानपुर, सुल्तानपुर, रायसी, भिक्कमपुर, गोवर्धनपुर सहित देहात के सैकड़ों गांवों में बिजली आपूर्ति बंद रही। एहतियात के तौर पर बिजलीघरों पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है ताकि किसी प्रकार की कोई अनहोनी न हो सके। शाम चार बजे के बाद विद्युत आपूर्ति सुचारु होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
हड़ताल के चलते कुछ इलाकों की बिजली सप्लाई ठप रही। उसे समय से ठीक करा पाना संभव नहीं था। हालांकि शहर की स्थिति से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया था। लगातार हड़ताल खत्म कर कामकाज शुरू करने के प्रयास किए जाते रहे।
- राहुल जैन, एसई, ऊर्जा निगम
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विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा की सोमवार मध्य रात्रि से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू होने से शहर और देहात की बिजली व्यवस्था बेपटरी हो गई। क्षेत्र के कुछ इलाके ऐसे थे, जहां तकनीकी खामियों के चलते रात में बिजली सप्लाई ठप हो गई थी। इसके बाद हड़ताल शुरू होते ही कर्मचारियों ने बिजली ठीक करने का काम बंद कर दिया। इससे इन लोगों के घरों में मंगलवार शाम तक भी सप्लाई शुरू नहीं हो पाई। वहीं ब्रह्मपुर बिजलीघर से रुड़की फीडर करीब दस बजे बंद हो गया था। इस फीडर से ब्रह्मपुर, कान्हापुर, शंकरपुरी, माजरा, शेरपुर, मयूर विहार आदि इलाके जुड़े हुए थे। इसके बाद करीब 12 बजे इस बिजलीघर से दूसरा भारापुर फीडर भी बंद हो गया। इस फीडर से भी भारापुर, घोड़ेवाला, मरगूबपुर, दीदाहेड़ी, हलवाहेड़ी, भौरी, डेरा आदि गांव जुड़े हैं। करीब तीन बजे इन इलाकों के लोग बिजली सप्लाई शुरू करवाने के लिए बिजलीघर पहुंचे तो वहां कर्मचारियों ने बिजली सप्लाई शुरू करने से इनकार कर दिया। इससे गुस्साए लोगों ने बिजलीघर से जुड़े अन्य चारों खंजरपुर, सब स्टेशन, पिरान कलियर और बेलडा फीडर को भी बंद करवा दिया। इससे करीब 40 गांवों में एक साथ बिजली सप्लाई ठप हो गई। वहीं दूसरी ओर बिजलीघर नंबर छह से जुड़े इलाकों में भी करीब आठ घंटे बिजली गुल रही। रामनगर में भी गली नंबर 14 से 16 तक में सुबह बिजली गुल हो गई थी। स्थानीय लोगों ने जब लाइनमैन को फोन कर बिजली ठीक करने के लिए कहा तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। यहां तक कि जेई और एसडीओ ने भी बिजली सप्लाई शुरू करने से हाथ खड़े कर दिया। इसके अलावा शहर के राजेंद्र नगर, गणेशपुर, आसफनगर, दिल्ली रोड, तांशीपुर, नेहरू कॉलोनी और आवास विकास आदि शहर के अधिकतर इलाकों में बिजली ठप रही। देर शाम तक भी इन इलाकों में बिजली सप्लाई शुरू नहीं हो पाई थी।
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ऊर्जा निगम के अधिकारी भी रहे अंधेरे में
मंगलवार को बिजली कटौती से शहर के आमजन से लेकर अधिकारी वर्ग भी परेशान रहा। हड़ताल के चलते ऊर्जा निगम के अधिकारियों के घरों में भी बिजली गुल रही। चाहकर भी अधिकारी कर्मचारियों को अपने यहां की बिजली सप्लाई शुरू करने के लिए आदेश नहीं दे पाए। इसका मुख्य कारण यह था कि सभी जेई, एसएसओ और लाइनमैनों पर यूनियन के नेताओं की नजर थी। क्योंकि सुबह के समय ऐसा देखने में आया था कि कुछ लाइनमैन व्यक्तिगत फायदे के लिए कुछ इलाकों की बिजली सप्लाई शुरू करने चले गए थे। इसके बाद यूनियन नेताओं ने हड़ताल के बीच में ही स्पष्ट कर दिया था कि यदि कोई जेई या लाइनमैन किसी व्यक्तिगत की बिजली ठीक करने पहुंचता है तो उसे संगठन के गुस्से का सामना करना पड़ेगा। इससे अधिकारी भी अपने यहां बिजली सप्लाई शुरू नहीं करवा पाए।
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दिनभर बिजली का इंतजार करते रहे लोग
मंगलौर। मंगलवार को ऊर्जा निगम के कर्मचारियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल के कारण मंगलौर में भी बिजली आपूर्ति ठप रही। इसके कारण दिनभर लोगों को गर्मी में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह नौ बजे से ही विद्युत आपूर्ति बाधित होने के कारण घरों में पानी की किल्लत का सामना करना पड़ा। अवर अभियंता सौरभ सिंह भाटी ने बताया कि सभी कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जिस कारण मंगलवार को बिजली आपूर्ति बाधित रही। संवाद
बिजलीघरों पर तैनात की गई पुलिस
लक्सर/खानपुर। ऊर्जा निगम के कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से खानपुर और लक्सर क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति बंद हो गई। वही पेयजल के लिए भी लोगों को दिनभर हैंडपंपों तक दौड़ लगानी पड़ी। नगर क्षेत्र से लेकर खानपुर, सुल्तानपुर, रायसी, भिक्कमपुर, गोवर्धनपुर सहित देहात के सैकड़ों गांवों में बिजली आपूर्ति बंद रही। एहतियात के तौर पर बिजलीघरों पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है ताकि किसी प्रकार की कोई अनहोनी न हो सके। शाम चार बजे के बाद विद्युत आपूर्ति सुचारु होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
हड़ताल के चलते कुछ इलाकों की बिजली सप्लाई ठप रही। उसे समय से ठीक करा पाना संभव नहीं था। हालांकि शहर की स्थिति से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया था। लगातार हड़ताल खत्म कर कामकाज शुरू करने के प्रयास किए जाते रहे।
- राहुल जैन, एसई, ऊर्जा निगम