{"_id":"63fb9d7a5eb40814bf01e8d9","slug":"fraud-of-110-lakh-by-posing-as-a-team-of-fake-roorkee-news-c-5-1-drn1030-89300-2023-02-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Roorkee News: फर्जी मेडिकल अधिकारियों की टीम बनकर की 1.10 लाख की ठगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Roorkee News: फर्जी मेडिकल अधिकारियों की टीम बनकर की 1.10 लाख की ठगी
विज्ञापन
झबरेड़ा थाना क्षेत्र के पावटी गांव का मामला
फर्जी मेडिकल अधिकारियों की टीम बनकर ठगों ने एक वैध से एक लाख दस हजार की ठगी कर दी। मामला पुलिस तक पहुंचा तो ठगी करने वालों ने अपनी गलती मानी और रुपये वापस कर दिए। इस पर पुलिस ने उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया।
झबरेड़ा थाना क्षेत्र के पावटी गांव निवासी एक वैध के घर पर कुछ दिन पूर्व एक कार में सवार होकर महिला समेत चार लोग मेडिकल अधिकारी बनकर पहुंचे। टीम ने वैध से उसकी डिग्री आदि की जानकारी मांगीं लेकिन वह कोई सर्टिफिकेट नहीं दिखा पाया। इस पर टीम ने दो लाख रुपये देने की मांग करते हुए मामला रफा दफा करने की बात कही। वैध ने टीम को एक लाख दस हजार रुपये दे दिए जबकि बाकी की रकम अगले दिन भिजवाने की बात कही। वैध को रुपये देने बाद शक हुआ तो उसने पूरी जानकारी जुटाई। साथ ही टीम फर्जी होने पर सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने फर्जी टीम की ओर से दिए गए मोबाइल नंबर पर फोन किया तो उन्होंने अपनी गलती मानी और ली गई रकम को थाने में जमा करवा दिया। इस पर पुलिस ने उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया। एसओ दीप कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा हुआ है तो जांच की जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
फर्जी मेडिकल अधिकारियों की टीम बनकर ठगों ने एक वैध से एक लाख दस हजार की ठगी कर दी। मामला पुलिस तक पहुंचा तो ठगी करने वालों ने अपनी गलती मानी और रुपये वापस कर दिए। इस पर पुलिस ने उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया।
झबरेड़ा थाना क्षेत्र के पावटी गांव निवासी एक वैध के घर पर कुछ दिन पूर्व एक कार में सवार होकर महिला समेत चार लोग मेडिकल अधिकारी बनकर पहुंचे। टीम ने वैध से उसकी डिग्री आदि की जानकारी मांगीं लेकिन वह कोई सर्टिफिकेट नहीं दिखा पाया। इस पर टीम ने दो लाख रुपये देने की मांग करते हुए मामला रफा दफा करने की बात कही। वैध ने टीम को एक लाख दस हजार रुपये दे दिए जबकि बाकी की रकम अगले दिन भिजवाने की बात कही। वैध को रुपये देने बाद शक हुआ तो उसने पूरी जानकारी जुटाई। साथ ही टीम फर्जी होने पर सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने फर्जी टीम की ओर से दिए गए मोबाइल नंबर पर फोन किया तो उन्होंने अपनी गलती मानी और ली गई रकम को थाने में जमा करवा दिया। इस पर पुलिस ने उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया। एसओ दीप कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा हुआ है तो जांच की जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन