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Roorkee News: स्टाफ की कमी से किसानों को चुकाना पड़ेगा ज्यादा ब्याज
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ग्रामीणों ने इकबालपुर स्थित चुड़ियाला साधन सहकारी समिति के स्टॉफ पर लोन के ब्याज व खाते अपडेट करने में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है। जिसकी शिकायत जिला सहायक निबंधक से की है।
इकबालपुर क्षेत्र के भाकियू कार्यकर्ता सेठपाल, ओमकुमार व बिजेंद्र आदि ने जिला सहायक निबंधक को भेजे शिकायती पत्र में बताया है कि साधन सहकारी समिति से लिए गए लोन को मार्च में चुकाने के लिए किसान चार दिनों से चक्कर काट रहे हैं। लेकिन समिति के कर्मचारी उनका हिसाब तय ब्याज से ज्यादा बता कर मनमानी कर रहें हैं।
आरोप है कि किसानों को खाते ट्रांसप्रेंट्री के जरिए अपडेट करने पर जोर दे रहा है। जिसके एवज में कुछ रकम ज्यादा देने की मांग की जा रही है। इसी के साथ कुछ खाते जीरो ब्याज वाले भी है। इन खातों को मार्च में अपडेट नहीं करने पर अप्रैल में डिफॉल्टर की श्रेणी में डाल दिया जाता है।
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अप्रैल में इन जीरो ब्याज लोन खातों पर ब्याज देना पड़ता है। आरोप है कि इस तरह के कई खातेदार पिछले चार दिनों से बकाया रकम लेकर समिति के चक्कर काटते रहे लेकिन नगदी जमा नही होने पर जीरो ब्याज वाले खातेदारों को अब बैंक दर का ब्याज चुकाना पड़ेगा। इस मामले को लेकर किसानों में रोष बना हुआ है।
भाकियू कार्यकर्ताओं ने यूनियन के उच्चाधिकारियों को भी किसानों के साथ मनमानी करने की जानकारी साझा की है। समिति के एमडी अभिषेक के मोबाइल फोन की घंटी तो बजी लेकिन वह दो दिनों से फोन नहीं उठा पाए। कर्मचारी विनीत ने बताया कि किसानों की समस्या को प्राथमिकता से निपटाया जाएगा उनकी समिति में स्टाफ का टोटा बना हुआ है।
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इकबालपुर क्षेत्र के भाकियू कार्यकर्ता सेठपाल, ओमकुमार व बिजेंद्र आदि ने जिला सहायक निबंधक को भेजे शिकायती पत्र में बताया है कि साधन सहकारी समिति से लिए गए लोन को मार्च में चुकाने के लिए किसान चार दिनों से चक्कर काट रहे हैं। लेकिन समिति के कर्मचारी उनका हिसाब तय ब्याज से ज्यादा बता कर मनमानी कर रहें हैं।
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आरोप है कि किसानों को खाते ट्रांसप्रेंट्री के जरिए अपडेट करने पर जोर दे रहा है। जिसके एवज में कुछ रकम ज्यादा देने की मांग की जा रही है। इसी के साथ कुछ खाते जीरो ब्याज वाले भी है। इन खातों को मार्च में अपडेट नहीं करने पर अप्रैल में डिफॉल्टर की श्रेणी में डाल दिया जाता है।
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अप्रैल में इन जीरो ब्याज लोन खातों पर ब्याज देना पड़ता है। आरोप है कि इस तरह के कई खातेदार पिछले चार दिनों से बकाया रकम लेकर समिति के चक्कर काटते रहे लेकिन नगदी जमा नही होने पर जीरो ब्याज वाले खातेदारों को अब बैंक दर का ब्याज चुकाना पड़ेगा। इस मामले को लेकर किसानों में रोष बना हुआ है।
भाकियू कार्यकर्ताओं ने यूनियन के उच्चाधिकारियों को भी किसानों के साथ मनमानी करने की जानकारी साझा की है। समिति के एमडी अभिषेक के मोबाइल फोन की घंटी तो बजी लेकिन वह दो दिनों से फोन नहीं उठा पाए। कर्मचारी विनीत ने बताया कि किसानों की समस्या को प्राथमिकता से निपटाया जाएगा उनकी समिति में स्टाफ का टोटा बना हुआ है।