उत्तराखंड: कुत्तों के झुंड ने नीलगाय को नोच-नोचकर मार डाला, जान बचाने के लिए भागी, मंदिर तिराहे पर तोड़ा दम
जान बचाकर गांव की ओर भागी नीलगाय को आवारा कुत्तों ने नहीं छोड़ा। ग्रामीणों के पहुंचने तक वह बुरी तरह घायल हो चुकी थी और मंदिर तिराहे के पास उसने दम तोड़ दिया।
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बेहडेकी सैदाबाद गांव के जंगल में सोमवार दोपहर लावारिश कुत्तों के झुंड ने एक नीलगाय को घेरकर नोच-नोचकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। बुरी तरह घायल नीलगाय जान बचाने के लिए गांव की ओर दौड़ी, लेकिन श्रीकृष्ण मंदिर तिराहे के पास चकरोड पर गिर पड़ी। कुत्तों ने उसका पीछा नहीं छोड़ा और उस पर हमला करते रहे। आसपास के ग्रामीणों ने शोर मचाकर कुत्तों को भगाया, लेकिन तब तक नीलगाय की मौत हो चुकी थी।
ग्रामीणों के अनुसार, नीलगाय गर्भवती थी, जिसके कारण वह तेजी से दौड़ नहीं पाई और कुत्तों के झुंड के चंगुल में फंस गई। घटना की सूचना वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही वन कर्मचारी मौके पर पहुंचे और जेसीबी की मदद से गड्ढा खुदवाकर मृत नीलगाय को दफना दिया। ग्रामीण संजय और पहल सिंह आदि ने बताया कि जंगल क्षेत्र में आवारा और मांसाहारी कुत्तों के झुंड लगातार घूमते रहते हैं।
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ये कुत्ते जंगली जानवरों पर हमला करने के साथ ही ग्रामीणों के लिए भी खतरा बने हुए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के आसपास स्कूली बच्चों का भी आवागमन रहता है, जिससे किसी अनहोनी की आशंका बनी रहती है। उन्होंने वन विभाग और संबंधित अधिकारियों से आवारा कुत्तों के झुंड पर अंकुश लगाने की मांग की है। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।