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बढ़ा बिल आने पर किसानों का ईई दफ्तर पर हंगामा
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एक किसान का बिजली का बिल लाखों रुपये में आने पर गुस्साए अन्य किसान भाकियू रोड़ गुट के नेतृत्व में ऊर्जा निगम के कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए ईई का घेराव किया और बिल ठीक करवाने की मांग की। ईई के मौके पर बिल को ठीक करवाने के बाद किसान शांत हुए।
इकबालपुर के देवपुरा निवासी एक किसान का कुछ समय पहले करीब 1.70 लाख रुपये बिल आया। बिल देखकर किसान चौंक गया, क्योंकि उसने कुछ समय पहले ही बिल जमा करवाया था। ऐसे में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन रोड़ गुट के नेतृत्व में किसान एकत्र होकर ग्रामीण अधिशासी अभियंता कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने पहले बाहर हंगामा किया फिर ईई का घेराव किया। प्रदेश अध्यक्ष पद्म सिंह रोड़ ने बताया कि ऊर्जा निगम के अधिकारी मनमानी कर रहे हैं।
किसानों के बिल मनमर्जी से बनाए जा रहे हैं। एक किसान का 1.70 लाख रुपये का बिल आना निगम की मनमानी दर्शाता है। आरोप लगाया कि निगम के अधिकारी इस समय बड़े बकायेदारों को छोड़ रहे हैं जबकि पांच हजार रुपये वाले बकायेदार किसानों के कनेक्शन काटे जा रहे हैं। जबकि किसान जैसे ही फसल का पैसा आता है, सबसे पहले सरकारी कार्यालयों में बकाया जमा करता है। किसानों ने बढ़कर आए बिल को ठीक कर समस्या का समाधान कराए जाने की मांग की। इस दौरान ईई ने अधीनस्थों को तुरंत बिल ठीक करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने माना कि कंप्यूटर की गलती की वजह से बिल गलत आया है। बिल ठीक होने के बाद किसान शांत हुए।
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इकबालपुर के देवपुरा निवासी एक किसान का कुछ समय पहले करीब 1.70 लाख रुपये बिल आया। बिल देखकर किसान चौंक गया, क्योंकि उसने कुछ समय पहले ही बिल जमा करवाया था। ऐसे में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन रोड़ गुट के नेतृत्व में किसान एकत्र होकर ग्रामीण अधिशासी अभियंता कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने पहले बाहर हंगामा किया फिर ईई का घेराव किया। प्रदेश अध्यक्ष पद्म सिंह रोड़ ने बताया कि ऊर्जा निगम के अधिकारी मनमानी कर रहे हैं।
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किसानों के बिल मनमर्जी से बनाए जा रहे हैं। एक किसान का 1.70 लाख रुपये का बिल आना निगम की मनमानी दर्शाता है। आरोप लगाया कि निगम के अधिकारी इस समय बड़े बकायेदारों को छोड़ रहे हैं जबकि पांच हजार रुपये वाले बकायेदार किसानों के कनेक्शन काटे जा रहे हैं। जबकि किसान जैसे ही फसल का पैसा आता है, सबसे पहले सरकारी कार्यालयों में बकाया जमा करता है। किसानों ने बढ़कर आए बिल को ठीक कर समस्या का समाधान कराए जाने की मांग की। इस दौरान ईई ने अधीनस्थों को तुरंत बिल ठीक करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने माना कि कंप्यूटर की गलती की वजह से बिल गलत आया है। बिल ठीक होने के बाद किसान शांत हुए।
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