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जारी कर दिया फर्जी राशनकार्ड, ऑनलाइन भी कर दिया

Thu, 18 Jun 2020 10:54 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 18 Jun 2020 10:54 PM IST
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Fake ration card issued, also made online
रुड़की। एक तरफ जहां राशनकार्ड बनवाने के लिए लोग दफ्तरों में एड़ियां रगड़ने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी तरफ फर्जी राशन कार्ड बनाकर और उसे ऑनलाइन कर गरीब लोगों को धोखा देने वाला रैकेट सक्रिय हो गया है। बृहस्पतिवार को तहसील में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसमें एक उपभोक्ता का राशन कार्ड फर्जी पाया गया है।
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बृहस्पतिवार को दोपहर डेढ़ बजे एक व्यक्ति एक पीला राशनकार्ड लेकर पूर्ति विभाग के तहसील स्थित कार्यालय में पहुंचा। उसने कार्ड पर राशन मिलने की जानकारी पूछी। यह कार्ड सत्ती मोहल्ला निवासी रुखसाना पत्नी मुकीम के नाम पर जारी हुआ था। नया पीला कार्ड देख पूर्ति विभाग के कर्मचारियों को कुछ शक हुआ। वे राशनकार्ड में दर्ज क्रमांक संख्या 817 देखने लगे तो वहां किसी और नाम था। जब उन्होंने पूर्ति निरीक्षक सुधीर त्रिपाठी के हस्ताक्षर देखे वह भी फर्जी निकले। उसके बाद कर्मचारियों ने उक्त राशनकार्ड को पूर्ति निरीक्षक सुधीर त्रिपाठी से चेक कराया तो उन्होंने पूरे कार्ड को फर्जी करार दिया। यह कार्ड 15 जून 2020 को जारी किया गया है। पूर्ति निरीक्षक ने जब कार्ड पर लिखे गए ऑनलाइन डोकिट नंबर चेक कराए तो राशनकार्ड ऑनलाइन हुआ मिला। यह देख उनका माथा ठनक गया। उन्होंने ऑनलाइन करने वाले यूजर का नाम चेक कराया तो वह नारसन के नितिन कुमार ने ऑनलाइन किया था। फिलहाल पूर्ति निरीक्षक ने उक्त राशनकार्ड कैंसिल कर सील कर दिया है। इसकी सूचना जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल को दे दी है। अब पूर्ति विभाग कार्ड की जांच करने में लगा हुआ है। शुक्रवार को कार्ड स्वामी को बुलाया गया है ताकि ऑनलाइन करने वाले का पता लगाया जा सके।
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...तो सैकड़ों कार्ड कर दिए होंगे ऑनलाइन
जिस प्रकार बृहस्पतिवार को एक कार्ड को बाहर से ऑनलाइन करने का मामला पकड़ में आया है, उससे अंदाजा लगाया जा सकता है पूर्ति विभाग की ओर से राशन डीलरों को जो राशन आवंटित की जा रही है, उसमें भी कई राशनकार्ड ऐसे भी होंगे जो बाहरी लोगों ने ऑनलाइन किए होंगे।
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ऑफिस में प्राइवेट कर्मचारी रखने पर उठ रहे सवाल
राशनकार्डों को ऑनलाइन करने के लिए विभागीय अधिकारियों की ओर से रुड़की और भगवानपुर स्थित पूर्ति निरीक्षक के कार्यालय में कुछ प्राइवेट कर्मचारी भी अपने कार्यालय में रखे गए हैं। जो राशनकार्ड ऑनलाइन करने का ही काम करते हैं। ऐसे में विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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प्राइवेट एजेंसी को जारी किए थे यूजर नेम पासवर्ड
बताया जा रहा है कि करीब एक साल पहले पूर्ति विभाग की ओर से राशनकार्डों को ऑनलाइन करने के लिए प्राइवेट एजेंसी को यूजर नेम और पासवर्ड जारी किए थे। हो सकता है कि जो कार्ड बृहस्पतिवार को मिला, वह इन्हीं यूजरों में से किसी एक ने राशनकार्ड को ऑनलाइन किया होगा।

कोट-
- फर्जी राशनकार्ड मिलने और बाहर से राशनकार्ड ऑनलाइन किए जाने के मामले की जांच की जाएगी। इस बारे में संबंधित पूर्ति निरीक्षक को जांच करने के लिए कहा जाएगा। जांच के बाद इस मामले में मुकदमा भी दर्ज करवाया जाएगा।
-केके अग्रवाल, जिला पूर्ति अधिकारी हरिद्वार
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