{"_id":"589207474f1c1bc24ee812fd","slug":"faces-bloom-from-ta","type":"story","status":"publish","title_hn":"टैक्स में छूट से खिले लोगों के चेहरे ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टैक्स में छूट से खिले लोगों के चेहरे
अमर उजाला ब्यूरो रुड़की।
Updated Wed, 01 Feb 2017 09:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
आम बजट आम आदमी के लिए खुशी की सौगात लेकर आया है। टैक्स की सीमा ढाई लाख से बढ़ाकर तीन लाख रुपये करने और पांच लाख रुपये तक की इन्कम पर टैक्स की दर दस फीसदी से घटाकर पांच फीसदी करने से लोग उत्साहित हैं। नौकरीपेशा लोगों के चेहरे भी खिले हुए हैं। कुछ विशेषज्ञों ने बजट को मूलभूत संसाधन विकास करने वाला बताया है तो कुछ ने इसे उम्मीद से कम बताया है।
चार्टेड एकाउंटेंट हेमंत आरोरा का कहना है कि वास्तव में जितनी छूट की उम्मीद थी उतनी बजट में नहीं मिली है। इससे एक बात साफ है कि यह बजट गैर राजनीतिक है, हालांकि पांच लाख रुपये की इन्कम पर टैक्स प्रतिशत आधा करना आम लोगों के हक में हैं। इसके अलावा बजट में मूलभूत संसाधनों पर जोर दिया गया है। राजनीतिक पार्टियों के चंदे की सीमा दो हजार निर्धारित की गई है। इससे आने वाले समय में बेहतर नतीजे मिलने की पूरी उम्मीद है। बीएसएम कालेज में अर्थशास्त्र के असिस्टेंट प्रोफेसर संदीप पोसवाल की मानें तो केंद्र में जितनी मजबूत सरकार है उतना मजबूत बजट पेश नहीं हो पाया है। टैक्स छूट की सीमा ढाई से तीन लाख करना और पांच लाख
किसानों के लिए भी राहत
बजट में 40 फीसदी किसानों को को-ऑपरेटिव सोसायटी से क्रेडिट दिलाने और 60 दिन का ब्याज माफी की घोषणा की गई है। एक लाख पचास हजार ग्राम पंचायतों में हाईस्पीड ब्रॉड बैंड सर्विस उपलब्ध कराने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसको लेकर किसान उत्साहित हैं। लक्सर क्षेत्र के किसान प्रमोद कुमार एवं संजीव कुमार ने बताया कि इस बजट से गांव और खेती के विकास से ग्रामीणों को मदद मिलेगी।
विज्ञापन
परिचर्चा
बजट में 10 प्रतिशत के टैक्स स्लैब को घटाकर पांच प्रतिशत किया गया है, जबकि यह छूट 20 प्रतिशत टैक्स दे रहे लोगों को भी मिलनी चाहिए थी। -अश्वनी भारद्वाज, सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर
बजट अच्छा है। टैक्स छूट सीमा ढाई से बढ़ाकर तीन लाख किया जाना अच्छा कदम है। इससे मध्यमवर्गीय लोगों को जरूर लाभ मिलेगा और फायदा होगा। -ओम वाधवा, व्यापारी
आम लोगों के लिए बहुत अच्छा बजट है। खासतौर से कम इन्कम वाले लोगों को टैक्स छूट का लाभ मिलेगा। पहली बार बड़े लोगों के बजाय छोटों पर करम किया गया है। -किशोर कुमार, पकोड़े वाले
चार्टेड एकाउंटेंट हेमंत आरोरा का कहना है कि वास्तव में जितनी छूट की उम्मीद थी उतनी बजट में नहीं मिली है। इससे एक बात साफ है कि यह बजट गैर राजनीतिक है, हालांकि पांच लाख रुपये की इन्कम पर टैक्स प्रतिशत आधा करना आम लोगों के हक में हैं। इसके अलावा बजट में मूलभूत संसाधनों पर जोर दिया गया है। राजनीतिक पार्टियों के चंदे की सीमा दो हजार निर्धारित की गई है। इससे आने वाले समय में बेहतर नतीजे मिलने की पूरी उम्मीद है। बीएसएम कालेज में अर्थशास्त्र के असिस्टेंट प्रोफेसर संदीप पोसवाल की मानें तो केंद्र में जितनी मजबूत सरकार है उतना मजबूत बजट पेश नहीं हो पाया है। टैक्स छूट की सीमा ढाई से तीन लाख करना और पांच लाख
विज्ञापन
किसानों के लिए भी राहत
बजट में 40 फीसदी किसानों को को-ऑपरेटिव सोसायटी से क्रेडिट दिलाने और 60 दिन का ब्याज माफी की घोषणा की गई है। एक लाख पचास हजार ग्राम पंचायतों में हाईस्पीड ब्रॉड बैंड सर्विस उपलब्ध कराने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसको लेकर किसान उत्साहित हैं। लक्सर क्षेत्र के किसान प्रमोद कुमार एवं संजीव कुमार ने बताया कि इस बजट से गांव और खेती के विकास से ग्रामीणों को मदद मिलेगी।
विज्ञापन
परिचर्चा
बजट में 10 प्रतिशत के टैक्स स्लैब को घटाकर पांच प्रतिशत किया गया है, जबकि यह छूट 20 प्रतिशत टैक्स दे रहे लोगों को भी मिलनी चाहिए थी। -अश्वनी भारद्वाज, सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर
बजट अच्छा है। टैक्स छूट सीमा ढाई से बढ़ाकर तीन लाख किया जाना अच्छा कदम है। इससे मध्यमवर्गीय लोगों को जरूर लाभ मिलेगा और फायदा होगा। -ओम वाधवा, व्यापारी
आम लोगों के लिए बहुत अच्छा बजट है। खासतौर से कम इन्कम वाले लोगों को टैक्स छूट का लाभ मिलेगा। पहली बार बड़े लोगों के बजाय छोटों पर करम किया गया है। -किशोर कुमार, पकोड़े वाले