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11 से फोन बंद रखेंगे ऊर्जा निगम के अधिकारी-कर्मचारी
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रुड़की। विद्युत अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने 14 सूत्री मांगों को लेकर अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना देकर विरोध प्रकट किया। इस दौरान बैठक कर मांगें पूरी करवाने के लिए आंदोलन की रणनीति भी बनाई गई। तय किया गया कि अब 21 सितंबर तक हर मंगलवार और शनिवार को गेट मीटिंग की जाएगी, जबकि 11 सितंबर से तीनों निगमों के अधिकारी और कर्मचारी शाम पांच से अगले दिन सुबह 10 बजे तक अपने फोन बंद रखेंगे।
मंगलवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर विद्युत अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारी एकत्र हुए। यहां उन्होंने अपनी मांगों को लेकर धरना दिया। प्रदर्शन का संचालन कर रहे कर्मचारी नेता दीपक शांडिल्य ने बताया कि विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले ऊर्जा निगम के तीनों निगमों के अधिकारी और कर्मचारी लंबे समय से आंदोलनरत हैं। 27 जुलाई को शासन और मोर्चा पदाधिकारियों के बीच हुई वार्ता के बाद हड़ताल को स्थगित कर दिया था। अब एक माह का समय बीत जाने के बाद भी शासन ने आश्वासन के बावजूद 14 सूत्री मांगों पर कोई विचार नहीं किया, इसलिए विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने फिर से चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि हर मंगलवार को 21 सितंबर तक गेट मीटिंग होगी। इसके अलावा 11 सितंबर से तीनों निगमों के कर्मचारी शाम पांच से सुबह 10 बजे तक अपने फोन बंद रखेंगे। 21 से 23 सितंबर तक कलमबंद हड़ताल रहेगी। वहीं 23 सितंबर से यूजेवीएन मुख्यालय पर सत्याग्रह किया जाएगा। इस मौके पर उत्तराखंड पावर इंजीनियर एसोसिएशन, उत्तराखंड पावर जूनियर इंजीनियर एसोसिएशन, उत्तराखंड बिजली कर्मचारी संघ, उत्तराखंड पावर लेखा संघ आदि संगठनों ने अपने विचार रखे। इस दौरान उपखंड अधिकारी विपिन गुप्ता, संजीव चौहान, देवेंद्र शर्मा, सौरभ कौशिक, अनूप गोगिया, सुरेंद्र दत्त शर्मा, भरत सिंह रावत, विकास कुकरेती, मुकेश कुमार, राजीव शर्मा और नरेश आदि मौजूद रहे।
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मंगलवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर विद्युत अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारी एकत्र हुए। यहां उन्होंने अपनी मांगों को लेकर धरना दिया। प्रदर्शन का संचालन कर रहे कर्मचारी नेता दीपक शांडिल्य ने बताया कि विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले ऊर्जा निगम के तीनों निगमों के अधिकारी और कर्मचारी लंबे समय से आंदोलनरत हैं। 27 जुलाई को शासन और मोर्चा पदाधिकारियों के बीच हुई वार्ता के बाद हड़ताल को स्थगित कर दिया था। अब एक माह का समय बीत जाने के बाद भी शासन ने आश्वासन के बावजूद 14 सूत्री मांगों पर कोई विचार नहीं किया, इसलिए विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने फिर से चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि हर मंगलवार को 21 सितंबर तक गेट मीटिंग होगी। इसके अलावा 11 सितंबर से तीनों निगमों के कर्मचारी शाम पांच से सुबह 10 बजे तक अपने फोन बंद रखेंगे। 21 से 23 सितंबर तक कलमबंद हड़ताल रहेगी। वहीं 23 सितंबर से यूजेवीएन मुख्यालय पर सत्याग्रह किया जाएगा। इस मौके पर उत्तराखंड पावर इंजीनियर एसोसिएशन, उत्तराखंड पावर जूनियर इंजीनियर एसोसिएशन, उत्तराखंड बिजली कर्मचारी संघ, उत्तराखंड पावर लेखा संघ आदि संगठनों ने अपने विचार रखे। इस दौरान उपखंड अधिकारी विपिन गुप्ता, संजीव चौहान, देवेंद्र शर्मा, सौरभ कौशिक, अनूप गोगिया, सुरेंद्र दत्त शर्मा, भरत सिंह रावत, विकास कुकरेती, मुकेश कुमार, राजीव शर्मा और नरेश आदि मौजूद रहे।
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