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जिंदा बुजुर्ग को दून के एक अस्पताल ने किया मृत घोषित
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60 वर्षीय बुजुर्ग को देहरादून के एक अस्पताल ने कई दिन भर्ती रखने के बाद मृत घोषित कर दिया। परिजन बुजुर्ग को घर लेकर पहुंचे और अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगे। इसी दौरान किसी ने बुजुर्ग की नब्ज चलती देखी। परिजनों ने बुजुर्ग को लक्सर के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया। यहां डॉक्टरों ने बुजुर्ग की हालत अब खतरे से बाहर बताई है।
खानपुर क्षेत्र के कर्णपुर गांव निवासी अजब सिंह (60) पेशे से किसान हैं। लगभग 15 दिन पहले उनका बीपी और शुगर काफी कम होने पर परिजनों ने लक्सर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। आराम न मिलने पर डॉक्टरों की सलाह पर परिजनों ने उन्हें देहरादून के एक बड़े अस्पताल में भर्ती कराया। पिछले चार-पांच दिन से अजब सिंह वेंटिलेटर पर थे। उनके बेटे अनुज और अर्जुन ने बताया कि बृहस्पतिवार दोपहर अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद वह भी पिता को मृत समझकर घर ले आए और अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी। अंतिम संस्कार से पहले शव को गंगाजल से स्नान कराने की परंपरा है।
स्नान के लिए गांव के मोहन, मांगेराम ने बुजुर्ग के शरीर से कपड़ा हटाया तो उन्हें सांस चलती हुई महसूस हुई। उन्होंने दूसरे लोगों को बताया। इस पर बुजुर्ग का हाथ दबाकर देखा गया तो उनकी नब्ज चल रही थी। परिजनों ने आननफानन बुजुर्ग को पानी पिलाया और उन्हें तुरंत लक्सर के एक नर्सिंग होम ले गए। डॉक्टरों ने भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया। बुजुर्ग के बेटों ने बताया कि डॉक्टर उनकी हालत खतरे से बाहर बता रहे हैं। वह सभी को पहचानकर ठीक से बोल व सुन पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिता के ठीक होने पर वह अस्पताल प्रबंधन की शिकायत करेंगे।
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खानपुर क्षेत्र के कर्णपुर गांव निवासी अजब सिंह (60) पेशे से किसान हैं। लगभग 15 दिन पहले उनका बीपी और शुगर काफी कम होने पर परिजनों ने लक्सर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। आराम न मिलने पर डॉक्टरों की सलाह पर परिजनों ने उन्हें देहरादून के एक बड़े अस्पताल में भर्ती कराया। पिछले चार-पांच दिन से अजब सिंह वेंटिलेटर पर थे। उनके बेटे अनुज और अर्जुन ने बताया कि बृहस्पतिवार दोपहर अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद वह भी पिता को मृत समझकर घर ले आए और अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी। अंतिम संस्कार से पहले शव को गंगाजल से स्नान कराने की परंपरा है।
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स्नान के लिए गांव के मोहन, मांगेराम ने बुजुर्ग के शरीर से कपड़ा हटाया तो उन्हें सांस चलती हुई महसूस हुई। उन्होंने दूसरे लोगों को बताया। इस पर बुजुर्ग का हाथ दबाकर देखा गया तो उनकी नब्ज चल रही थी। परिजनों ने आननफानन बुजुर्ग को पानी पिलाया और उन्हें तुरंत लक्सर के एक नर्सिंग होम ले गए। डॉक्टरों ने भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया। बुजुर्ग के बेटों ने बताया कि डॉक्टर उनकी हालत खतरे से बाहर बता रहे हैं। वह सभी को पहचानकर ठीक से बोल व सुन पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिता के ठीक होने पर वह अस्पताल प्रबंधन की शिकायत करेंगे।
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