फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Roorkee News ›   Dehradun and Haridwar growing cancer patients

देहरादून और हरिद्वार में बढ़ रहे कैंसर के मरीज

Thu, 04 Feb 2016 12:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की Updated Thu, 04 Feb 2016 12:01 AM IST
विज्ञापन

रुड़की। प्रदेश के देहरादून और हरिद्वार जनपद में लगातार कैंसर पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। कैंसर रिसर्च हिमायन इंस्टीट्यूट, जौलीग्रांट के आंकड़ों पर यकीन करें तो पूरे प्रदेश से आने वाले कैंसर मरीजों में 25 फीसदी मरीज अकेले देहरादून के हैं। जबकि 20 फीसदी मरीज जनपद हरिद्वार के रहने वाले हैं। इनमें भी अधिकांश रुड़की के हैं। पुरुषों में कैंसर का मुख्य कारण धूम्रपान माना जा रहा है। 50 फीसदी से अधिक मरीजों को मुंह, गले और लंग्स का कैंसर है।

विज्ञापन

कैंसर को लेकर तमाम जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। लेकिन इसके बाद भी कैंसर के मरीजों की संख्या साल दर साल बढ़ती जा रही है। कैंसर रिसर्च हिमालयन इंस्ट्रीट्यूट जौलीग्रांट में वर्ष 2014 में कैंसर से पीड़ित 1500 मरीज उपचार के लिए आए थे। लेकिन इस साल यह आंकड़ा बढ़कर 1800 हो गया है। इनमें भी अधिकांश मरीज देहरादून और हरिद्वार जनपद के हैं। मरीजों में 25 फीसदी मरीज देहरादून जनपद के रहने वाले हैं। जबकि 20 फीसदी मरीज जनपद हरिद्वार के हैं। इन 20 फीसदी मरीजों में अधिकांश रुड़की क्षेत्र के रहने वाले हैं। मरीजों में अधिक संख्या पुरुषों की है। चिकित्सकों की माने 50 फीसदी से अधिक मरीज मुहं, गले और लंग्स के कैंसर से पीड़ित हैं। जिसकी सबसे बड़ी वजह गुटखा, तंबाकू और सिगरेट का सेवन है। जबकि 25 फीसदी कैंसर पीड़ित महिलाओं  को ब्रेस्ट कैंसर है। 25 फीसदी अन्य कैंसर से पीड़ित हैं।
विज्ञापन


ध्यान देने योग्य बातें
गुटखा, तंबाकू का सेवन न करें
सिगरेट न पियें
अनिवार्य रुप से योग करें
मॉर्निंगवॉक करें
-मुंह में यदि कोई छाला हो तो उसे अनदेखा न करें
-शरीर पर बनी गांठ को अनदेखा न करें
-नियमित चेकअप कराएं

इनका कहना है
पिछलें सालों के मुकाबले कैंसर के मरीज बढ़े हैं। ज्यादातर मरीज मुंह, गले और लंग्स के कैंसर से पीड़ित है। गुटखा, तंबाकू और सिगरेट इसका मुख्य कारण है। महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर सबसे अधिक है। यदि अर्ली स्टेज पर कैंसर का पता चल जाए तो मरीज पूरी तरह से ठीक हो सकता है। हालांकि लोगों में अब कैंसर को लेकर जागरूकता नजर आ रही है। तमाम ऐसे मरीज हैं जो कैंसर की अर्ली स्टेज पर ही उपचार के लिए आए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

डा. विपुल नौटियाल, कैंसर विशेषज्ञ, कैंसर रिसर्च हिमायन इंस्टीट्यूट, जौलीग्रांट।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed