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कॉल आने पर घर से निकला कारोबारी, मिला शव
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
Updated Mon, 21 Dec 2015 12:06 AM IST
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रुड़की। एक फोन कॉल आने के बाद घर से निकले मोहनपुरा निवासी ट्रेवल्स कारोबारी घनश्याम (40) का संदिग्ध परिस्थितियों में हाईवे के पास से शव बरामद हुआ। कारोबारी की कंपनी में कार्यरत एक ड्राइवर ने शव को सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवाने के बाद शनिवार देर रात परिजनों को सूचना दी। शरीर पर चोट के निशान मिलने पर परिजनों ने हत्या कर शव फेंकने का आरोप लगाया। खुलासे की मांग को लेकर बहादराबाद थाने में हंगामा भी किया गया। पुलिस ने शक के आधार पर ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है।
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मोहनपुरा कालोनी निवासी घनश्याम पुत्र ध्यान सिंह का हाईवे पर पतंजलि योगपीठ के पास नेहा ट्रेवल्स के नाम से अपना कारोबार है। परिजनों के मुताबिक शनिवार देर शाम घर लौटने के बाद घनश्याम के मोबाइल पर एक कॉल आई। जिसके बाद वह घर से निकल गए। रात करीब 10 बजे ड्राइवर ने घनश्याम का शव मिलने की जानकारी परिजनों को दी तो पैरों तले जमीन खिसक गई। परिजनों को बताने से पहले ही शव सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवाने की बात से शक गहरा गया।
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शरीर पर चोट के निशान पाए जाने पर परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया। पुलिस ने शव रखवाने वाले ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। परिजनों की मांग पर डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। रविवार शाम खुलासे की मांग को लेकर परिजनों ने बहादराबाद थाने पहुंचकर हंगामा किया। पुलिस कॉल डिटेल खंगालते हुए जांच में जुट गई है। वहीं सिविल लाइंस कोतवाली के कार्यवाहक प्रभारी गोविंद कुमार का कहना है कि शव बहादराबाद थानाक्षेत्र में मिला है, लिहाजा बहादराबाद पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
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जेब से गायब मिले रुपये
ट्रेवल्स कारोबारी घनश्याम का एयर और रेलवे टिकट का भी कारोबार था। वाहनों से जुड़ा कारोबार होने के चलते घनश्याम की जेब में 40 से 60 हजार रुपये तक रहते थे। परिजनों ने बताया कि उनकी जेब खाली मिली है। माना जा रहा है कि जेब से रुपये निकाले गए हैं।
ड्राइवर की भूमिका संदिग्ध
ट्रेवल्स कारोबारी का संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने के मामले में ड्राइवर की भूमिका संदिग्ध लग रही है। परिजनों ने सवाल उठाए कि शव को मोर्चरी में रखने से पहले उसने पुलिस या परिजनों को सूचना क्यों दी।
मुकदमा दर्ज
मामले में ट्रैवल्स कारोबारी के छोटे भाई जीतपाल ने पुलिस को तहरीर दी। जिसमें ट्रैवल्स कारोबारी की कार चलाने वाले मामा भांजे विनोद यादव और सोनू यादव को नामजद किया गया है। पुलिस ने उनकी भूमिका की पड़ताल शुरू कर दी है। देर रात मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही थी।