फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Roorkee News ›   Luxor organically 16 women and 30 sent to prison

लक्सर बवालः 16 महिलाओं समेत 30 को भेजा जेल

Mon, 21 Dec 2015 11:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की Updated Mon, 21 Dec 2015 11:55 PM IST
विज्ञापन

लक्सर। विवादित जमीन पर अंबेडकर मूर्ति रखने के बाद हुए बवाल में पुलिस ने

विज्ञापन
20 महिलाओं समेत 34 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। हिरासत में लेने के बाद गिरफ्तार की गई 16 महिलाओं और 14 पुरुषों को जेल भेज दिया गया। जबकि चार महिलाओं को जमानत पर रिहा कर दिया गया।
रविवार को लक्सर गांव में एक विवादित भूमि पर आधी रात को कुछ ग्रामीणों ने डाक्टर भीम राव अंबेडकर की मूर्ति स्थापित कर दी थी। न्यायालय में भूमि को लेकर चांदमल व नगर पंचायत के बीच विवाद चल रहा था। पुलिस प्रशासन व ग्रामीण आमने सामने आने पर पथराव और लाठीचार्ज हुआ। आखिरकार पुलिस मूर्ति हटाने में सफल हो गई थी। मामले में लक्सर नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी एसपी जोशी की तहरीर पर 20 महिलाओं सहित 34 लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने व पथराव करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। कोतवाली प्रभारी जयदेव आर्य ने बताया कि सभी आरोपियों का मेडिकल कराने के बाद कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

इन पर दर्ज हुआ मुकदमा
पुरूष- सूरज, सतीश, अंकित, रोहित, चुन्नू, ओमप्रकाश, मोहित, राजेश, राम सिंह, राज्जू, राजपाल, तेल्लूराम, बब्लू, जोगेंद्र।

महिलाएं - सीता, दीपा, ओमवती, रेखा, संजी, शंकुतला, सविता पत्नी शेर सिंह, सविता पत्नी रमेश, दयावती, उषा, उर्मिला, मोनी, प्रभा, माया, परसी, सावित्री, बबली, रेखा, इंद्रा, सलेलता।

बवाल के समय कहां काफूर हो गए नेताजी!
रविवार को मूर्ति स्थापना को लेकर पुलिस ने करीब तीन घंटे में विरोध कर रहे लोगों पर तो काबू पा लिया। इस दौरान दलितों के प्रति हमदर्दी दिखाकर वोट की राजनीति करने वाले नेताओं की शक्ल नहीं दिखी। यही नहीं जिस समय मामला थम गया और पुलिस की ओर से ग्रामीणों के घरों पर कहर बरपाया जा रहा था। उस समय भी कोई नेता इन ग्रामीणों को बचाने के लिए गांव नहीं पहुंचा। हालांकि भाजपा विधायक संजय गुप्ता रविवार को रात को गांव में जरूर पहुंचे और ग्रामीणों का हालचाल जाना। वहीं सोमवार को अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष व पूर्व सांसद हरपाल साथी ने भी गांव और कोतवाली में पहुंचकर मामले की जानकारी ली। ग्रामीणों में मन में यह टीस उभर रही है कि जब पुलिस उन पर अत्याचार कर रही थी तब उनकी मदद के लिए उनके पास कोई नहीं था।



भाजपा विधायक ने गांव में शुरू किया धरना
ग्रामीणों पर बर्बरतापूर्ण कार्रवाई के विरोध में विधायक संजय गुप्ता और मानकपुर सीट से भाजपा के जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी देशराज कर्णवाल सोमवार की शाम को घटनास्थल पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने प्रदेश सरकार पर दलितों के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए मामले की न्यायिक जांच कराने, दोषी अधिकारियों को निलंबित करने और ग्रामीणों को मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
विज्ञापन


आयोग अध्यक्ष की अधिकारियों से तीखी नोकझोंक
पूर्व सांसद एवं अनुसूचित जाति आयोग अध्यक्ष हरपाल साथी सोमवार को पहले लक्सर गांव में ग्रामीणों से मिलने पहुंचे और इसके बाद लक्सर कोतवाली पहुंचकर मामले की जानकारी ली। इस दौरान एसडीएम मोहम्मद नासिर, एसपी देहात प्रमेंद्र डोबाल, कोतवाली प्रभारी जयदेव आर्य से उनकी संबंधित मामले में तहरीर की कापी मांगने पर बात बिगड़ गई। बताया गया है कि पूर्व सांसद ने पुलिस से पूछा था कि ग्रामीणों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई क्यों की गई। उन्होंने कहा कि जब यह साफ ही नहीं था कि भूमि किसकी है तो फिर उन्हें किस आधार पर वहां से जबरन हटाने के आदेश दिए गए। इस पर पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने नगर पंचायत की ओर से तहरीर मिलने की बात कही गई। जिस पर हरपाल साथी ने तहरीर की कापी मांग ली। इस बात पर अधिकारियों के साथ उनकी तीखी नोकझोंक भी हो गई। उन्होंने कहा कि वह आयोग की ओर से मामले का पूरा ब्यौरा तलब करेंगे और मुख्यमंत्री दरबार में पूरे मामले को रखेंगे। उन्होंने मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की बात भी कही।
विज्ञापन
विज्ञापन



बवाल के बाद सड़कें सूनी, घर पुरुषों से खाली
लक्सर गांव में जमीन को लेकर विवाद काफी समय से चला आ रहा था। लेकिन, जमीन पर रातों रात अंबेडकर मूर्ति रखने का फैसला इतना भारी पड़ेगा, यह किसी को मालूम नहीं था। चुनाव के मद्देनजर लक्सर में पहले से ही अतिरिक्त पुलिस बल मौजूद था। बवाल की सूचना पर जिले भर के थानों से पुलिस फोर्स लक्सर पहुंच गई और हालात पर काबू पाने का नतीजा पथराव के बाद लाठीचार्ज के रूप में सामने आया। पुलिस ने पंचायत चुनाव और शांति व्यवस्था को ध्यान में रखकर जैसे तैसे बवाल तो थाम लिया। अब स्थिति यह है कि ग्रामीणों को कार्रवाई का डर सता रहा है। घरों में सिर्फ महिलाएं हैं और टूटा फूटा बिखरा सामान कहर की गवाही दे रहा है। सुल्तानपुर से बहन के घर की रखवाली करने पहुंची चमन देई ने बताया कि उसकी बहन दया पुलिस हिरासत में हैं और भांजी सुंदरी घायल हालत में जिला अस्पताल हरिद्वार भर्ती है। बस्ती में दहशत का हाल यह है कि महिलाओं ने अपने आठ नौ साल तक के बच्चों को भी रिश्तेदारी में भेजा हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed