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आखिरकार सिविल लाइंस कोतवाल पर गिरी गाज
Updated Fri, 14 Sep 2018 01:44 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
सिविल लाइंस कोतवाली प्रभारी साधना त्यागी का बृहस्पतिवार को एसएसपी कृष्णकुमार वीके ने रानीपुर कोतवाली में स्थानांतरण कर दिया। राष्ट्रीय स्तर के एक कोच की ओर से झूठा मुकदमा दर्ज कर जेल भेजे जाने के आरोप में कोतवाल के खिलाफ जांच चल रही थी। इसके अलावा भी पुलिस मुख्यालय में उनके खिलाफ शिकायतों की फाइल मोटी होती जा रही थी। कुछ दिन पूर्व कोच वाले मामले में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने भी एसएसपी से जानकारी ली थी। बताया जा रहा है कि जनप्रतिनिधियों की ओर से भी उनके ट्रांसफर को लेकर भारी दबाव था। वहीं, एक मामले में विभागीय स्तर पर भी जांच चल रही थी।
रुड़की में कैनोइंग क्याकिंग के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी फिरोज खान को एक मामले में इंस्पेक्टर ने मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा था, लेकिन जेल से छूटने के बाद फिरोज ने कोतवाल पर उनको और उनकी एक खिलाड़ी को झूठे मुकदमे में जेल भेजने का आरोप लगाते हुए आईजी, डीआईजी और एसएसपी से शिकायत की थी। साथ ही शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक से भी न्याय की गुहार लगाई थी। इसके बाद मंत्री ने एसएसपी से जांच कर कार्रवाई करने को कहा था। डीआईजी के आदेश के बाद विभागीय स्तर पर इस मामले की जांच चल रही थी। बताया जा रहा है कि इस मामले में जो बयान दर्ज कराए गए थे, वह भी कोतवाल के पक्ष में नहीं होने की चर्चा थी। यही नहीं पीड़ित फिरोज खान की ओर से विभिन्न स्तरों पर लगातार न्याय की गुहार लगाई जा रही थी, जिसके चलते एसएसपी पर भी भारी दबाव होने की बात सामने आ रही थी। आखिरकार बृहस्पतिवार को एसएसपी ने उनके तबादले के आदेश जारी कर दिए।
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हाईकोर्ट तक पहुंचे हैं कोतवाल के कई विवाद
कोतवाल साधना त्यागी अपने कार्यकाल के दौरान मुकदमों को लेकर चर्चाओं में रही हैं। पूर्व में एक बीडीसी सदस्य को जेल भेजने के बाद यह मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा। बताया गया है कि हाईकोर्ट ने इस मामले में पुलिस की कार्यशैली पर तीखी टिप्पणी की थी। इसके अलावा मार्च में कान्हापुरा गांव निवासी एक व्यक्ति ने कोतवाल के खिलाफ प्रेस कान्फ्रेंस कर बताया था कि उसे झूठे मामले में हवालात में बंद कर प्रताड़ित किया गया। इसकी शिकायत उसने डीआईजी से की थी। उसने आरोप लगाया था कि कोतवाल और तत्कालीन एसएसआई उसे झूठा फंसाने की तैयारी कर रहे हैं। इस तरह के दर्जनों मामले आला अधिकारियों के पास पहुंचे थे।
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सिविल लाइंस कोतवाली प्रभारी साधना त्यागी का बृहस्पतिवार को एसएसपी कृष्णकुमार वीके ने रानीपुर कोतवाली में स्थानांतरण कर दिया। राष्ट्रीय स्तर के एक कोच की ओर से झूठा मुकदमा दर्ज कर जेल भेजे जाने के आरोप में कोतवाल के खिलाफ जांच चल रही थी। इसके अलावा भी पुलिस मुख्यालय में उनके खिलाफ शिकायतों की फाइल मोटी होती जा रही थी। कुछ दिन पूर्व कोच वाले मामले में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने भी एसएसपी से जानकारी ली थी। बताया जा रहा है कि जनप्रतिनिधियों की ओर से भी उनके ट्रांसफर को लेकर भारी दबाव था। वहीं, एक मामले में विभागीय स्तर पर भी जांच चल रही थी।
रुड़की में कैनोइंग क्याकिंग के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी फिरोज खान को एक मामले में इंस्पेक्टर ने मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा था, लेकिन जेल से छूटने के बाद फिरोज ने कोतवाल पर उनको और उनकी एक खिलाड़ी को झूठे मुकदमे में जेल भेजने का आरोप लगाते हुए आईजी, डीआईजी और एसएसपी से शिकायत की थी। साथ ही शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक से भी न्याय की गुहार लगाई थी। इसके बाद मंत्री ने एसएसपी से जांच कर कार्रवाई करने को कहा था। डीआईजी के आदेश के बाद विभागीय स्तर पर इस मामले की जांच चल रही थी। बताया जा रहा है कि इस मामले में जो बयान दर्ज कराए गए थे, वह भी कोतवाल के पक्ष में नहीं होने की चर्चा थी। यही नहीं पीड़ित फिरोज खान की ओर से विभिन्न स्तरों पर लगातार न्याय की गुहार लगाई जा रही थी, जिसके चलते एसएसपी पर भी भारी दबाव होने की बात सामने आ रही थी। आखिरकार बृहस्पतिवार को एसएसपी ने उनके तबादले के आदेश जारी कर दिए।
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हाईकोर्ट तक पहुंचे हैं कोतवाल के कई विवाद
कोतवाल साधना त्यागी अपने कार्यकाल के दौरान मुकदमों को लेकर चर्चाओं में रही हैं। पूर्व में एक बीडीसी सदस्य को जेल भेजने के बाद यह मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा। बताया गया है कि हाईकोर्ट ने इस मामले में पुलिस की कार्यशैली पर तीखी टिप्पणी की थी। इसके अलावा मार्च में कान्हापुरा गांव निवासी एक व्यक्ति ने कोतवाल के खिलाफ प्रेस कान्फ्रेंस कर बताया था कि उसे झूठे मामले में हवालात में बंद कर प्रताड़ित किया गया। इसकी शिकायत उसने डीआईजी से की थी। उसने आरोप लगाया था कि कोतवाल और तत्कालीन एसएसआई उसे झूठा फंसाने की तैयारी कर रहे हैं। इस तरह के दर्जनों मामले आला अधिकारियों के पास पहुंचे थे।
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