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दो घरों से एक साथ उठीं पिता-पुत्र की अर्थियां
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झबरेड़ा/चुड़ियाला। जहरीली शराब ने बिंडुखड़क गांव को दहलाकर रख दिया है। यहां दो घरों से पिता और पुत्रों की अर्थियां एकसाथ उठीं तो पूरा गांव चीत्कार उठा। दोनों परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग उन्हें ढांढस बंधा रहे हैं। हर तरह से उनके सहयोग का आश्वासन देने लोग उनके घर पहुंच रहे हैं, लेकिन इतना बड़ा दुख संभाले नहीं संभल रहा है।
शनिवार दोपहर करीब दो बजे गांव में शिवकुमार पुत्र सत्ता (55) की मेट्रो अस्पताल हरिद्वार में मौत हो गई। इसके बाद बेटे मोनू (26) की भी मौत हो गई। घर में दोनों थोड़ी बहुत खेती कर परिवार का पालन पोषण करते थे। शनिवार को दोनों के शव एकसाथ घर पहुंचे तो परिवार के लोगों के सामने दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अब परिवार की देखपाल के लिए मोनू का बड़ा भाई ही बचा है। घर में मृतक मोनू की मां, पत्नी, दादी और एक बेटा है। ग्रामीण सतीश कुमार और ब्रजपाल ने बताया कि एक साथ पिता और पुत्र की मौत ने परिवार के सामने बड़ा भारी संकट खड़ा कर दिया है। घर से दो अर्थियां एक साथ उठीं तो हर किसी का दिल रो पड़ा।
श्मशान घाट पर भी दोनों की चिताएं एकसाथ जलीं। घर की महिलाओं के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। इसी गांव में राजपाल पुत्र मामराज (56) की शनिवार की मौत हो गई जबकि मृतक के बेटे राजकुमार (35) की शुक्रवार को मौत हो गई। घर के लोगों को जरा भी अंदाजा नहीं था बेटे के बाद पिता की भी मौत हो जाएगी। घर के लोग दुआ कर रहे थे कि बेटे का शव आने के बाद उसके पिता किसी तरह जीवित घर लौट आएं, लेकिन होनी को यह मंजूर नहीं था। इस घर से भी एक साथ दो अर्थियां उठीं तो परिजनों का मानो जहां लुट गया। वहीं, ग्रामीणों ने बताया कि राजपाल का दूसरा बेटा भी भर्ती है, जिसकी हालत नाजुक है।
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शनिवार दोपहर करीब दो बजे गांव में शिवकुमार पुत्र सत्ता (55) की मेट्रो अस्पताल हरिद्वार में मौत हो गई। इसके बाद बेटे मोनू (26) की भी मौत हो गई। घर में दोनों थोड़ी बहुत खेती कर परिवार का पालन पोषण करते थे। शनिवार को दोनों के शव एकसाथ घर पहुंचे तो परिवार के लोगों के सामने दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अब परिवार की देखपाल के लिए मोनू का बड़ा भाई ही बचा है। घर में मृतक मोनू की मां, पत्नी, दादी और एक बेटा है। ग्रामीण सतीश कुमार और ब्रजपाल ने बताया कि एक साथ पिता और पुत्र की मौत ने परिवार के सामने बड़ा भारी संकट खड़ा कर दिया है। घर से दो अर्थियां एक साथ उठीं तो हर किसी का दिल रो पड़ा।
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श्मशान घाट पर भी दोनों की चिताएं एकसाथ जलीं। घर की महिलाओं के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। इसी गांव में राजपाल पुत्र मामराज (56) की शनिवार की मौत हो गई जबकि मृतक के बेटे राजकुमार (35) की शुक्रवार को मौत हो गई। घर के लोगों को जरा भी अंदाजा नहीं था बेटे के बाद पिता की भी मौत हो जाएगी। घर के लोग दुआ कर रहे थे कि बेटे का शव आने के बाद उसके पिता किसी तरह जीवित घर लौट आएं, लेकिन होनी को यह मंजूर नहीं था। इस घर से भी एक साथ दो अर्थियां उठीं तो परिजनों का मानो जहां लुट गया। वहीं, ग्रामीणों ने बताया कि राजपाल का दूसरा बेटा भी भर्ती है, जिसकी हालत नाजुक है।
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