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24 लाख के गोलमाल के मामले में गिरफ्तारी तय
Updated Mon, 02 Apr 2018 12:16 AM IST
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लक्सर। सुल्तानपुर ग्राम पंचायत में 24 लाख रुपये का गोलमाल करने के मामले में पूर्व ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव की गिरफ्तारी होना लगभग तय है। शिकायत पर कोर्ट के आदेश पर दर्ज मुकदमे की जांच में दोनों आरोपी कार्यों से संबंधित कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए।
30 मार्च 2016 को पूर्व ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो गया था, लेकिन इससे लगभग 10 दिन पहले प्रदेश सरकार ने प्रधानों के खातों में 14वें वित्त के बजट की धनराशि डाल दी थी। इस पर सुल्तानपुर पंचायत के पूर्व प्रधान उमरा दिल और तत्कालीन ग्राम पंचायत विकास अधिकारी रिजवान ने नव निर्वाचित प्रधानों को बस्ता सौंपने से पहले खाते में आए 24 लाख रुपये निकाल लिए। गांव के अमीरुल हसन ने इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से कर दी थी। लेकिन कुछ कार्रवाई नहीं हुई। अमीरुल ने इसकी शिकायत एसीजेएम कोर्ट लक्सर में की। इस पर सुनवाई करते हुए एसीजेएम कोर्ट के आदेश पर लक्सर कोतवाली पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मामले की जांच विशेष जांच प्रकोष्ठ हरिद्वार को सौंपी थी। जांच कर रहे एसआई पूरण सिंह तोमर ने बताया कि ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी की ओर से 24 लाख रुपये की धनराशि पंचायत के किन कार्यों में खर्च की है इस बाबत दोनों से कई बार पूछताछ की जा चुकी है, लेकिन हर बार दोनों इधर-उधर की बातें करते रहे। दोनों आरोपी अभी तक कार्यों से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए।
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30 मार्च 2016 को पूर्व ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो गया था, लेकिन इससे लगभग 10 दिन पहले प्रदेश सरकार ने प्रधानों के खातों में 14वें वित्त के बजट की धनराशि डाल दी थी। इस पर सुल्तानपुर पंचायत के पूर्व प्रधान उमरा दिल और तत्कालीन ग्राम पंचायत विकास अधिकारी रिजवान ने नव निर्वाचित प्रधानों को बस्ता सौंपने से पहले खाते में आए 24 लाख रुपये निकाल लिए। गांव के अमीरुल हसन ने इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से कर दी थी। लेकिन कुछ कार्रवाई नहीं हुई। अमीरुल ने इसकी शिकायत एसीजेएम कोर्ट लक्सर में की। इस पर सुनवाई करते हुए एसीजेएम कोर्ट के आदेश पर लक्सर कोतवाली पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मामले की जांच विशेष जांच प्रकोष्ठ हरिद्वार को सौंपी थी। जांच कर रहे एसआई पूरण सिंह तोमर ने बताया कि ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी की ओर से 24 लाख रुपये की धनराशि पंचायत के किन कार्यों में खर्च की है इस बाबत दोनों से कई बार पूछताछ की जा चुकी है, लेकिन हर बार दोनों इधर-उधर की बातें करते रहे। दोनों आरोपी अभी तक कार्यों से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए।
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