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कॉलेज की कारगुजारी पर छात्रा का आत्महत्या का प्रयास
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भगवानपुर। एक कॉलेज की कारगुजारी के चलते मेडिकल की एक छात्रा ने अपने दोनों हाथों की नसें काटकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। समय रहते परिजनों ने छात्रा को अस्पताल में भर्ती कराकर उपचार दिलाया। इसके चलते छात्रा की जान बच गई। छात्रा के पिता ने भगवानपुर थाने में तहरीर देकर कॉलेज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस तहरीर के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
रुड़की के ढंडेरा निवासी सत्यवीर की बेटी मंजू भगवानपुर के एक मेडिकल कॉलेज में जीएनएम (जेनरल नर्सिंग मिडवाइफरी) की पढ़ाई कर रही है। इस साल छात्रा जीएनएम की अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रही है। मंजू के पिता सत्यवीर ने बताया कि वह किसी कारणवश कॉलेज में बेटी की तीन माह की फीस जमा नहीं कर पाए थे। इस पर कॉलेज ने तीन माह के लिए बेटी पर कॉलेज आने की रोक लगा दी थी। ऐसे में उन्होंने किसी तरह बेटी की फीस का इंतजाम किया और 29 मई को कॉलेज पहुंचकर बेटी की फीस जमा की। इस दौरान कॉलेज ने 75 सौ रुपये लेट फीस जमा करने की बात कही। उन्होंने बेटी को तीन माह तक कॉलेज न आने की बाबत सवाल किया तो वह बहाना बनाने लगे। सत्यवीर ने बताया कि फीस जमा करने के बाद शनिवार को बेटी कॉलेज गई थी। आरोप लगाया कि इस दौरान क्लास में टीचर ने लेट फीस जमा करने पर उनकी बेटी की बेइज्जती की और अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। इससे आहत होकर बेटी क्लास छोड़कर घर आ गई। घर आने पर बेटी ने अपने दोनों हाथों की नसें काट ली। उसे लहूलुहान हालत में देखकर उनकी पत्नी व बेटा आननफानन में एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे और उसे उपचार दिलाया। इसके बाद उनकी बेटी की जिदंगी बच पाई। सत्यवीर ने भगवानपुर थाने पहुंचकर कॉलेज के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। उधर, एसओ संजीव थपलियाल ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी सामने आएगा, उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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रुड़की के ढंडेरा निवासी सत्यवीर की बेटी मंजू भगवानपुर के एक मेडिकल कॉलेज में जीएनएम (जेनरल नर्सिंग मिडवाइफरी) की पढ़ाई कर रही है। इस साल छात्रा जीएनएम की अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रही है। मंजू के पिता सत्यवीर ने बताया कि वह किसी कारणवश कॉलेज में बेटी की तीन माह की फीस जमा नहीं कर पाए थे। इस पर कॉलेज ने तीन माह के लिए बेटी पर कॉलेज आने की रोक लगा दी थी। ऐसे में उन्होंने किसी तरह बेटी की फीस का इंतजाम किया और 29 मई को कॉलेज पहुंचकर बेटी की फीस जमा की। इस दौरान कॉलेज ने 75 सौ रुपये लेट फीस जमा करने की बात कही। उन्होंने बेटी को तीन माह तक कॉलेज न आने की बाबत सवाल किया तो वह बहाना बनाने लगे। सत्यवीर ने बताया कि फीस जमा करने के बाद शनिवार को बेटी कॉलेज गई थी। आरोप लगाया कि इस दौरान क्लास में टीचर ने लेट फीस जमा करने पर उनकी बेटी की बेइज्जती की और अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। इससे आहत होकर बेटी क्लास छोड़कर घर आ गई। घर आने पर बेटी ने अपने दोनों हाथों की नसें काट ली। उसे लहूलुहान हालत में देखकर उनकी पत्नी व बेटा आननफानन में एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे और उसे उपचार दिलाया। इसके बाद उनकी बेटी की जिदंगी बच पाई। सत्यवीर ने भगवानपुर थाने पहुंचकर कॉलेज के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। उधर, एसओ संजीव थपलियाल ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी सामने आएगा, उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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