फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Roorkee News ›   फाइनेंस कंपनी में लूट प्रयास करने वाले की रिमांड की तैयारी

फाइनेंस कंपनी में लूट प्रयास करने वाले की रिमांड की तैयारी

Wed, 06 Mar 2019 11:35 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 06 Mar 2019 11:35 PM IST
विज्ञापन
फाइनेंस कंपनी में लूट प्रयास करने वाले की रिमांड की तैयारी
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की। मालवीय चौक स्थित आईआईएफल गोल्ड लोन कंपनी से हथियारों बल पर लूट के प्रयास के मामले में पुलिस ने अंतरराज्यीय लूट गिरोह के एक सदस्य को गोरखपुर से गिरफ्तार किया है। बदमाश के पास से एक कार भी बरामद हुई है। जबकि वारदात में शामिल चार बदमाश अब भी फरार हैं। उनकी तलाश की जा रही है। बदमाश उत्तराखंड समेत यूपी, झारखंड, बंगाल और बिहार में भी लूट की वारदात को अंजाम दे चुके हैं। पुलिस ने आरोपी को 48 घंटे का ट्रांजिट रिमांड खत्म होने पर जेल भेज दिया है। पुलिस अब बदमाश का पुलिस कस्टडी रिमांड लेने की तैयारी कर रही है।
विज्ञापन

गंगनहर कोतवाली में बुधवार को एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूड़ी ने 25 फरवरी को मालवीय चौक स्थित आईआईएफएल गोल्ड लोन कंपनी में हथियारों के बल पर लूट के प्रयास की घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पुलिस की चार टीमों को लगाया गया था। कंपनी के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को यूपी, बिहार, झारखंड और बिहार राज्यों की पुलिस को भेजकर बदमाशों के बारे में जानकारी मांगी गई थी। फुटेज में कैद वारदात में शामिल सफेद रंग की कार एक्यूवी-500 का पता लगाया गया तो उसके मेरठ की ओर जाने की जानकारी लगी। इसके बाद पुलिस टीम मेरठ के लिए रवाना हुई तो यहां दौराला टोल पर फुटेज खंगाली। जहां पता चला कि कार का रजिस्ट्रेशन नंबर पंकज सिंह पुत्र स्व. सुरेश सिंह मूलरूप निवासी ग्राम डुमरघो, थाना कौंच जिला गया, बिहार और हाल निवासी बनगाई, थाना गुलहरिया जिला गोरखपुर यूपी के नाम पर है। पुलिस टीम गोरखपुर पहुंची और पंकज को गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी ने बताया कि पंकज को समय पर रुड़की पेश नहीं किया जा सकता था, इसके लिए गोरखपुर कोर्ट में उसे पेश कर 48 घंटे का ट्रांजिक्ट रिमांड प्राप्त कर रुड़की लाया गया।
विज्ञापन

एसएसपी ने बताया कि जमानत पर रिहा होने के बाद पंकज और अफजल ने रुड़की स्थित आईआईएफएल लोन फाइनेंस कंपनी में लूट की योजना बनाई। इसके बाद दोनों सोनू कुमार पुत्र उमाशंकर निवासी पनराही, थाना दोहरी घाट जिला मऊ (यूपी), सुहेल और जेड अली निवासी फुलबटिया शरीफ, जिला पटना (बिहार) के साथ 16 फरवरी को गोरखपुर से नोएडा पहुंचे और यहां एक होटल में ठहरे। यहां इन्होंने देहरादून नंबर की एक फर्जी नंबर प्लेट तैयार की और 25 फरवरी को रुड़की पहुंचे। इसके बाद बदमाशों ने हथियारों के बल पर आईआईएफल लोन कंपनी में लूट का प्रयास किया। असफल होने पर दौराला (मेरठ) से होते हुए गोरखपुर पहुंचे। एसएसपी ने बताया कि यहां दौराला के पास जंगल में इन्होंने कार की फर्जी नंबर प्लेट हटाकर असली नंबर प्लेट लगाई थी। एसएसपी ने बताया कि फरार आरोपियों की भी जल्द गिरफ्तारी होगी। एसएसपी ने बताया कि आरोपी पंकज शातिर दिमाग है। आरोपी गूगल पर गोल्ड लोन फाइनेंस करता था और इसके बाद अफजल के साथ वारदात को अंजाम देता था। पुलिस टीम में कोतवाली प्रभारी राजेश साह, एसएसआई रणजीत तोमर समेत सीआईयू प्रभारी रविंद्र कुमार, देवेंद्र भारती, देवेंद्र ममगाईं, सुरेश रमोला, आशुतोष तिवारी, कपिल देव, रविंद्र खत्री, महिपाल, अशोक कुमार शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

पंकज का आपराधिक इतिहास खंगाला
पुलिस ने पंकज का पुराना आपराधिक इतिहास खंगाला तो पता चला कि वर्ष 2006 में मामूली विवाद पर उसने अपने साथी रंजन पर तमंचे से फायर कर दिया था, जिसके बाद वह धनबाद जेल में बंद था। वर्ष 2008 में बिहार के थाना कौंच में मारपीट के केस में गया जेल गया था। यहां उसकी मुलाकात अफजल निवासी फुलवटिया, पटना (बिहार) से हुई और दोनों में दोस्ती हो गई। अफजल व पंकज ने जेल से छूटने पर अपने आधा दर्जन साथियों के साथ बिहार व पश्चिमी बंगाल में कई जगहों पर लोगों से लूटपाट की। वर्ष 2013 में अफजल व पंकज ने पश्चिमी बंगाल के दुर्गापुर स्थित मुथूट फाइनेंस में लूट की योजना बनाई। वर्ष 2014 में दोनों ने 10 साथियों के साथ मुथूट फाइनेंस से 35 किलो सोना लूट लिया। बाद में बंगाल पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उस वक्त पुलिस ने पंकज के कब्जे से आधा किलो सोना बरामद किया था।
फर्जी प्लेट बनी पुलिस की कड़ी
एसएसपी ने बताया कि रुड़की में फाइनेंस कंपनी में लूट में विफल रहने के बाद सभी बदमाश मेरठ की तरफ कार लेकर फरार हो गए थे। मेरठ के पास दौराला पहुंचने पर कार की असली नंबर प्लेट लगा ली थी, जबकि फर्जी प्लेट नंबर खेत में फेंक दी थी। पुलिस फर्जी नंबर प्लेट से मेरठ तक पहुंची और दौराल टोल टैक्स पर फुटेज खंगाली। यहां पता इसी कार पर नंबर प्लेट बदली देखी तो शक हुआ। शक होने पर गोरखपुर नंबर की जांच की तो पूरा मामला खुलकर सामने आ गया।
11 तक पढ़ा है पंकज
पंकज के पिता बोकारो में एक कंपनी में फोरमैन के पद पर थे। रिटायर होने के बाद वह बिहार से गोरखपुर आकर बस गए थे। पंकज ने 11वीं तक पढ़ाई करने के बाद स्कूल छोड़ दिया था। पंकज के दो बहन भी हैं। लेकिन गलत संगत में पड़ने और अकेला होने पर माता-पिता के लाड प्यार के कारण उसने गलत राह पकड़ ली और आपराधिक वारदातें करने लगा।

कटवा दी थी दाढ़ी और मूंछ
एसएसपी ने बताया कि रुड़की में सीसीटीवी फुटेज में पंकज का चेहरा कैद हो गया था। साथ ही उसे सोशल मीडिया के जरिए यह भी जानकारी मिल गई थी कि उसका चेहरा कैमरे में साफ नजर आ रहा है। पुलिस से बचने के लिए उसने गोरखपुर पहुंचकर अपनी मूंछ और दाढ़ी दोनों कटवा दी थी। साथ ही अपने साथियों को भी यह जानकारी दी थी कि वह सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed