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तालाब में डूबने से युवक की मौत
Updated Sat, 09 Jun 2018 11:24 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
लक्सर। बहादरपुर गांव में एक युवक की तालाब में डूबने से मौत हो गई। युवक का शव पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मिला।
लक्सर कोतवाली क्षेत्र के बहादरपुर खादर गांव निवासी मीर हसन शनिवार को अपने बेटों फरीद व अमान के साथ गांव के निकट स्थित एक तालाब में मछली पकड़ने के लिए गया था। बताया जाता है कि मछली पकड़ने के बाद 19 वर्षीय फरीद तालाब में नहाने लगा। इस दौरान उसका पैर फिसल गया। फरीद को डूबता देख उसके पिता और भाई ने शोर मचाना शुरू किया। गांव में युवक के डूबने की सूचना मिलने पर मछुआरे समेत अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने तालाब में युवक को तलाश करना शुरू कर दिया। इसी बीच जानकारी मिलने पर सीओ चंदन सिंह बिष्ट व एसडीएम कौस्तुभ मिश्र ने मौके पर पहुंचकर युवक की तलाश के लिए रुड़की से दो गोताखोर बुलाए। इस दौरान तालाब के आसपास ग्रामीणों की काफी भीड़ जमा हो गई। करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद युवक को तालाब से निकाला गया। किशोर को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत से उसके घर में कोहराम मचा हुआ है।
युवकी की मौत से टूटा दुखों का पहाड़
अकेला कमाऊ पूत होने से था घर का था बड़ा सहारा
नीरज शर्मा
लक्सर। मीरहसन के परिवार पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। खुशी की जगह उसके परिवार में मातम पसर गया है। बेटे की मौत से परिवार की कमर टूट गई है। कारण यह है कि फरीद के पिता अक्सर बीमार रहते हैं। इसलिए फरीद की कमाई से ही परिवार की गुजर-बसर होती थी।
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बहादरपुर खादर गांव के मीरहसन के परिवार ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि जिस घर में ईद की तैयारियां चल रही हैं, उस घर में ईद से सप्ताह भर पहले ही मातम पसर जाएगा। मीर हसन के परिवार में उसकी पत्नी इमराना के अलावा सबसे बड़ा बेटा फरीद (19), अमन (17) व फईम (10) है। गरीबी में दिन गुजार रहे मीरहसन के परिवार में जब उसका सबसे बड़ा बेटा फरीद नौजवान हुआ तो वह लक्सर में बिजली का काम करने लगा। इसके बाद उसके परिवार के लोगों को लगने लगा कि अब उनकी गरीबी दूर हो जाएगी। वह मिलनसार युवक था। परिवार के साथ ही मोहल्ले में भी लोगों से व्यवहार बनाकर चलता था। शनिवार को फरीद रोजमर्रा की तरह लक्सर में बिजली का काम करने के लिए गया था। इसके बाद वापस लौटने पर उसके पिता फरीद व दूसरे बेटे अमान को साथ लेकर गांव के निकट ही तालाब पर मछली पकड़ने के लिए चले गए थे। वहां तालाब में नहाते समय उसके डूबने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। फरीद की मां इमराना का रो- रोकर बुरा हाल है। उसके पिता अमीर हसन का कहना है की पूरा परिवार ईद की खुशियां सजाने में लगा था। उन्हें नहीं मालूम था कि इस ईद उनके घर से खुशियां रूठ जाएंगी। उसकी मौत की खबर सुनकर मीर हसन के रिश्तेदार व अन्य ग्रामीणों का उनके घर पहुंचकर ढ़ंाढस बधाने वालों का भी सिलसिला शुरू हो गया था।
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