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नौकरी के नाम पर दो ग्रामीणों से चार लाख की ठगी
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नौकरी का झांसा देकर एक परिचित ने दो ग्रामीणों से लाखों की ठगी कर ली। इतना ही नहीं आरोपी ने फर्जी आई कार्ड और नियुक्ति पत्र भी दे दिया। करीब दो माह बाद फर्जीवाड़े का पता चला तो दोनों ग्रामीणों ने अपनी रकम वापस मांगी। आरोप है कि इस पर उसने रकम देने से इनकार कर दिया और अभद्रता की। पीड़ितों ने सीओ को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। सीओ ने मामले में जांच के निर्देश दिए हैं।
रुड़की के सालियर गांव निवासी जगत सिंह और कलियर क्षेत्र के गांव हद्दीपुर निवासी कंवर सिंह ने रुड़की सीओ विवेक कुमार को दी तहरीर में बताया कि कुछ माह पूर्व लक्सर के निरंजनपुर निवासी एक परिचित से उनकी मुलाकात हुई थी। उसने बताया था कि एक विभाग में सुपरवाइजर की भर्ती निकली है। इस पर दोनों ग्रामीणों ने अपने बेटों को सुपरवाइजर की नौकरी पर रखवाने की बात कही। इस पर उसने नौकरी के लिए दो-दो लाख रुपये खर्च आने की बात कही। दोनों ग्रामीण तैयार हो गए और परिचित को दो-दो लाख रुपये व शैक्षिक प्रमाण पत्र दे दिए। इस बीच उसने दोनों ग्रामीणों के बेटों को आई कार्ड और नियुक्ति पत्र दिया और क्षेत्र में गांवों का सर्वे करने की बात कही। दोनों दो माह तक सर्वे करते रहे। इस बीच वेतन नहीं आने पर उन्होंने अपने स्तर से जांच की तो पता चला कि ऐसी कोई भर्ती निकली ही नहीं है। जो आई कार्ड और नियुक्ति पत्र दिया गया है, वह फर्जी है। उन्होंने उससे अपने दो-दो लाख रुपये वापस मांगे लेकिन उसने देने से इनकार कर दिया। आरोप है कि रुपये मांगने का दबाव बनाने पर उसने अभद्रता कर धमकी दी। दोनों ग्रामीणों ने सीओ से मामले में कार्रवाई की मांग की। सीओ विवेक कुमार ने बताया कि पुलिस को मामले के जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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रुड़की के सालियर गांव निवासी जगत सिंह और कलियर क्षेत्र के गांव हद्दीपुर निवासी कंवर सिंह ने रुड़की सीओ विवेक कुमार को दी तहरीर में बताया कि कुछ माह पूर्व लक्सर के निरंजनपुर निवासी एक परिचित से उनकी मुलाकात हुई थी। उसने बताया था कि एक विभाग में सुपरवाइजर की भर्ती निकली है। इस पर दोनों ग्रामीणों ने अपने बेटों को सुपरवाइजर की नौकरी पर रखवाने की बात कही। इस पर उसने नौकरी के लिए दो-दो लाख रुपये खर्च आने की बात कही। दोनों ग्रामीण तैयार हो गए और परिचित को दो-दो लाख रुपये व शैक्षिक प्रमाण पत्र दे दिए। इस बीच उसने दोनों ग्रामीणों के बेटों को आई कार्ड और नियुक्ति पत्र दिया और क्षेत्र में गांवों का सर्वे करने की बात कही। दोनों दो माह तक सर्वे करते रहे। इस बीच वेतन नहीं आने पर उन्होंने अपने स्तर से जांच की तो पता चला कि ऐसी कोई भर्ती निकली ही नहीं है। जो आई कार्ड और नियुक्ति पत्र दिया गया है, वह फर्जी है। उन्होंने उससे अपने दो-दो लाख रुपये वापस मांगे लेकिन उसने देने से इनकार कर दिया। आरोप है कि रुपये मांगने का दबाव बनाने पर उसने अभद्रता कर धमकी दी। दोनों ग्रामीणों ने सीओ से मामले में कार्रवाई की मांग की। सीओ विवेक कुमार ने बताया कि पुलिस को मामले के जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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