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सीएचसी भगवानपुर : अव्यवस्थाओं की भरमार.....परेशान हैं बीमार
Sun, 10 May 2026 06:01 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की
संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की
Updated Sun, 10 May 2026 06:01 PM IST
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सीएचसी भगवानपुर में वार्ड में लगी खिड़कियों की टूटी पड़ी जाली - संवाद
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पड़ताल
टूटी जालियां, गंदगी और बदहाल शौचालय... देखिए भगवानपुर सीएचसी की तस्वीर
सीएचसी भगवानपुर में अव्यवस्थाओं की भरमार
- शौचालय में टंकी गायब, वार्ड में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था तक नहीं
- वार्ड में लगी खिड़कियों की टूटी जाली, मच्छरों से मरीज परेशान
रुड़की/भगवानपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भगवानपुर में अव्यवस्थाओं की भरमार है। यहां मरीजों और तीमारदारों को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर में साफ-सफाई से लेकर पेयजल और शौचालय व्यवस्था तक बदहाल नजर आ रही है। वहीं अस्पताल में पानी के स्थान पर गंदगी पसरी हुई है। वार्ड में भर्ती मरीजों के लिए पीने के पानी की कोई समुचित व्यवस्था तक नहीं है। वार्ड में लगी खिड़कियों की भी जाली तक टूटी पड़ी है जिससे मरीजों को रातभर मच्छरों काटटे हैं।
अस्पताल के शौचालयों की स्थिति भी बेहद खराब है। यहां हाथ धोने के लिए पानी की टंकी तक नहीं लगी है जिसके चलते मरीजों और तीमारदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं साफ-सफाई के अभाव में शौचालयों से दुर्गंध तक उठ रही है। एक मरीज के तीमारदार रामू ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाओं के नाम पर केवल खानापूर्ति हो रही है। बताया कि एक वार्ड में लगी खिड़कियों की जालियां तक टूटी हुई हैं। इससे वार्ड में मच्छरों का खतरा बढ़ गया है। वहीं भर्ती महिला मरीज ने बताया कि रात के समय मच्छरों के कारण परेशानी होती है। इतना ही नहीं पेयजल टंकी के स्थान पर पानी के आसपास गुटका खाकर थूक के धब्बे जमे हुए है। आरओ वाटर भी खराब पड़ा है। विभाग की ओर से सरकारी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के दावे किए जाते हैंलेकिन धरातल पर भगवानपुर सीएचसी की तस्वीर इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है।
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अस्पताल में रोजाना 150 मरीज पहुंचते है
सीएचसी भगवानपुर में आसपास बसे गांव जैसे सिसोना, मक्खनपुर, भगवानपुर, रायपुर, चौली शहाबुद्दीन आदि से रोजाना करीब 150 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचते है लेकिन अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण मरीजों व तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, दवा काउंटर के बाहर भरी गर्मी में मरीजों को तपती टीन शेड के नीचे लाइन में लगकर दवा लेनी पड़ रही है, अस्पताल प्रशासन ने मरीजों के लिए यहां एक पंखा तक नहीं लगाया गया है।
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अस्पताल में चिकित्सकों की कमी, मरीज परेशान
सीएचसी भगवानपुर क्षेत्र और गांवों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र हैं। यहां रोजाना सैकड़ों की संख्या में मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचते हैं लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण गंभीर मरीजों को उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल में जनरल सर्जन, फिजिशियन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ और रेडियोलॉजिस्ट तक की कमी बनी हुई है। ऐसे में मरीजों को रुड़की या फिर अन्य निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
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टूटी जालियां, गंदगी और बदहाल शौचालय... देखिए भगवानपुर सीएचसी की तस्वीर
सीएचसी भगवानपुर में अव्यवस्थाओं की भरमार
- शौचालय में टंकी गायब, वार्ड में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था तक नहीं
- वार्ड में लगी खिड़कियों की टूटी जाली, मच्छरों से मरीज परेशान
रुड़की/भगवानपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भगवानपुर में अव्यवस्थाओं की भरमार है। यहां मरीजों और तीमारदारों को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर में साफ-सफाई से लेकर पेयजल और शौचालय व्यवस्था तक बदहाल नजर आ रही है। वहीं अस्पताल में पानी के स्थान पर गंदगी पसरी हुई है। वार्ड में भर्ती मरीजों के लिए पीने के पानी की कोई समुचित व्यवस्था तक नहीं है। वार्ड में लगी खिड़कियों की भी जाली तक टूटी पड़ी है जिससे मरीजों को रातभर मच्छरों काटटे हैं।
अस्पताल के शौचालयों की स्थिति भी बेहद खराब है। यहां हाथ धोने के लिए पानी की टंकी तक नहीं लगी है जिसके चलते मरीजों और तीमारदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं साफ-सफाई के अभाव में शौचालयों से दुर्गंध तक उठ रही है। एक मरीज के तीमारदार रामू ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाओं के नाम पर केवल खानापूर्ति हो रही है। बताया कि एक वार्ड में लगी खिड़कियों की जालियां तक टूटी हुई हैं। इससे वार्ड में मच्छरों का खतरा बढ़ गया है। वहीं भर्ती महिला मरीज ने बताया कि रात के समय मच्छरों के कारण परेशानी होती है। इतना ही नहीं पेयजल टंकी के स्थान पर पानी के आसपास गुटका खाकर थूक के धब्बे जमे हुए है। आरओ वाटर भी खराब पड़ा है। विभाग की ओर से सरकारी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के दावे किए जाते हैंलेकिन धरातल पर भगवानपुर सीएचसी की तस्वीर इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है।
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अस्पताल में रोजाना 150 मरीज पहुंचते है
सीएचसी भगवानपुर में आसपास बसे गांव जैसे सिसोना, मक्खनपुर, भगवानपुर, रायपुर, चौली शहाबुद्दीन आदि से रोजाना करीब 150 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचते है लेकिन अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण मरीजों व तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, दवा काउंटर के बाहर भरी गर्मी में मरीजों को तपती टीन शेड के नीचे लाइन में लगकर दवा लेनी पड़ रही है, अस्पताल प्रशासन ने मरीजों के लिए यहां एक पंखा तक नहीं लगाया गया है।
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अस्पताल में चिकित्सकों की कमी, मरीज परेशान
सीएचसी भगवानपुर क्षेत्र और गांवों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र हैं। यहां रोजाना सैकड़ों की संख्या में मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचते हैं लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण गंभीर मरीजों को उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल में जनरल सर्जन, फिजिशियन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ और रेडियोलॉजिस्ट तक की कमी बनी हुई है। ऐसे में मरीजों को रुड़की या फिर अन्य निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।

सीएचसी भगवानपुर में वार्ड में लगी खिड़कियों की टूटी पड़ी जाली - संवाद

सीएचसी भगवानपुर में वार्ड में लगी खिड़कियों की टूटी पड़ी जाली - संवाद