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विधायक के सामने ही पिट गया भाजपा नेता, पुलिस ने दौड़ा दौड़ाकर पीटा

Thu, 02 Sep 2021 11:42 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 02 Sep 2021 11:42 PM IST
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BJP leader was beaten up by police in front of MLA
मंगलौर कोतवाली में पुलिस व भाजपाइयों के बीच हुए विवाद के बाद लक्सर सीओ से वार्ता करते विधायक देशर - फोटो : ROORKEE
रुड़की/मंगलौर। इसे मित्र पुलिस की कार्यशैली कहें या भाजपा कार्यकर्ताओं की गुंडागर्दी। यह सवाल उस समय लोगों के जेहन में तैरने लगा, जब बुधवार देर रात मंगलौर कोतवाली में भाजपा नेता के आरोपों पर कोतवाली प्रभारी ने अपना आपा खो दिया। उन्होंने झबरेड़ा विधायक के सामने ही भाजपा नेता के साथ न केवल गालीगलौज की बल्कि लाठियों से पीटते हुए कोतवाली के बाहर खदेड़ दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामले में देर रात समझौता तो हो गया, लेकिन बृहस्पतिवार को विधायक और भाजपाइयों ने देहरादून पहुंचकर मुख्यमंत्री से पुलिस की कार्यशैली की शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। मामले में डीजीपी अशोक कुमार ने एसएसपी हरिद्वार को जांच के आदेश दिए हैं।
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बुधवार को मंगलौर कोतवाली में बबिता सैनी ने पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। दोपहर में पुलिस ने एक आरोपी अमित सैनी को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ता सागर गोयल के नेतृत्व में कोतवाली पहुंचे। यहां मामले को लेकर भाजपाइयों और पुलिस के बीच विवाद हो गया था। भाजपाइयों ने कोतवाल पर अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए कोतवाली के गेट पर धरना शुरू कर दिया था। देर रात भाजपा विधायक देशराज कर्णवाल, पूर्व दर्जाधारी शोभाराम प्रजापति, सीओ लक्सर बीएस चौहान, सीओ रुड़की विवेक कुमार के बीच मध्यस्थता को लेकर वार्ता चल रही थी। बताया जाता है कि भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला मंत्री शमशाद ने पुलिस पर पैसे लेकर कार्रवाई करने का आरोप लगा दिया। इससे कोतवाली प्रभारी यशपाल बिष्ट ने आपा खो दिया और गालीगलौज शुरू कर दी।
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पुलिस अधिकारियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन कोतवाल भाजपा नेता शमशाद के पीछे दौड़ पड़े। जैसे ही शमशाद कमरे से बाहर निकले तो पुलिसकर्मियों ने उन पर लाठियां भांजनी शुरू कर दीं और दौड़ा-दौड़ाकर पीटते हुए बाहर खदेड़ दिया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस घटना से मौके पर मौजूद भाजपा विधायक देशराज कर्णवाल, भाजपा नेता जयभगवान सैनी, पूर्व दर्जाधारी शोभाराम प्रजापति, ऋषिपाल बालियान समेत कार्यकर्ता स्तब्ध रह गए। अपने सामने भाजपा नेता की पिटाई से आहत विधायक देशराज कर्णवाल ने खुद धरना देने की चेतावनी देते हुए हिरासत में लिए जिला मंत्री को तत्काल छोड़ने की जिद पर अड़ गए।
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इस पर पुलिस ने भाजपा नेता को छोड़ दिया। वहीं, बबीता सैनी के पति उत्तम सैनी, ठगी के आरोप में हिरासत में लिए गए अमित सैनी के परिजन और सैनी समाज के बीच में समझौता होने पर पुलिस ने कुछ ही देर बाद अमित को भी जमानत दे दी। इसके बाद मामला शांत हो गया। वहीं, शुक्रवार को मामले को लेकर भाजपाइयों में आक्रोश बढ़ने लगा। रुड़की में विधायक देशराज कर्णवाल ने भाजपाइयों के साथ बैठक की और पुलिस के व्यवहार को गलत बताते हुए कार्यकर्ताओं के साथ देहरादून रवाना हो गए। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर पूरे मामले से अवगत कराया। डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि एसएसपी हरिद्वार को मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।
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आपस में ही उलझते रहे भाजपा कार्यकर्ता
पुलिस के खिलाफ धरने पर बैठे भाजयुमो कार्यकर्ता अधिकतर समय आपस में ही झगड़ते रहे। कुछ कार्यकर्ता धरने का विरोध कर रहे थे तो कुछ विरोध करने वालों से उलझ रहे थे। यही नहीं, कार्यकर्ता आपस में एक-दूसरे को चुनाव में देख लेने तक की धमकी देते दिखाई दिए।
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अपनी ही सरकार की कराई किरकिरी
धरने पर बैठे भाजयुमो ने अपनी ही सरकार की किरकिरी करा दी। उन्होंने तालिबानी कानून मुर्दाबाद, तालिबानी कानून नहीं चलेगा... के नारे लगाकर सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया। साथ ही पुलिस के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर सामूहिक इस्तीफे और कोतवाली के गेट पर आत्मदाह की चेतावनी भी दी गई। पुलिस ने उनके पास से डीजल की बोतलें बरामद कीं।

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खटाना के खिलाफ की नारेबाजी
विश्व हिंदू परिषद के नेता चौधरी संदीप खटाना और उनके साथी भी धरनास्थल पहुंचे। उन्होंने युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं से धरना समाप्त करने के लिए कहा। आरोप है कि इस पर कार्यकर्ता उनसे भिड़ गए और संदीप खटाना के खिलाफ की नारेबाजी करने लगे। नौबत गालीगलौज और मारपीट तक आ गई। पुलिस ने बमुश्किल मामला संभाला और संदीप खटाना को भीड़ से निकाला गया।
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जांच में स्पष्ट हो जाएगा कि भाजपाइयों ने अनावश्यक तरीके से आरोपी को छोड़ने का दबाव बनाया था और पुलिस के साथ अभद्रता भी की थी।
-यशपाल सिंह बिष्ट, कोतवाली प्रभारी
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