{"_id":"6917349e97188a8add00d95c","slug":"bike-collides-with-tractor-trolley-parked-in-the-dark-roorkee-news-c-5-1-drn1027-834362-2025-11-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Roorkee News: अंधेरे में खड़ी ट्रैक्टर–ट्रॉली से बाइक टकराई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Roorkee News: अंधेरे में खड़ी ट्रैक्टर–ट्रॉली से बाइक टकराई
विज्ञापन
हुसैनपुर गांव के पास बृहस्पतिवार देर शाम सड़क हादसे में बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। अंधेरे में बिना किसी चेतावनी के सड़क किनारे खड़ी गन्नों से लदी ट्रैक्टर–ट्रॉली से बाइक टकराने पर युवक सड़क पर गिरकर घायल हो गया। पीछे से आ रहे सेना के जवानों ने मानवता का परिचय देते हुए घायल युवक को अपनी गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया।
प्रत्यक्षदर्शी एक व्यक्ति ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि एक किसान गन्नों से भरी ट्रैक्टर–ट्रॉली लेकर लक्सर शुगर मिल की ओर जा रहा था। रास्ते में ट्रॉली का पहिया पंक्चर हो गया जिससे किसान ट्रैक्टर–ट्रॉली को लक्सर–रुड़की एनएच पर ही खड़ा कर मिस्त्री लाने चला गया।
ट्रॉली को अंधेरे में बिना लाइट या चेतावनी चिह्न के सड़क पर छोड़ दिया गया था। करीब शाम 7 बजे शुभम बाइक से रुड़की की ओर से लौट रहा था। अंधेरा होने के कारण उसे ट्रॉली दिखाई नहीं दी और बाइक सीधे ट्रॉली के पीछे जा भिड़ी। टक्कर इतनी तीव्र थी कि शुभम गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा।
विज्ञापन
राहगीरों ने तुरंत मदद के लिए आसपास के लोगों को बुलाया और यातायात रोककर स्थिति संभालने की कोशिश की। इसी दौरान रुड़की की ओर से कार में आए दो पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने घायल को तुरंत अस्पताल ले जाने की अपील की लेकिन पुलिसकर्मियों ने 108 पर कॉल करने की सलाह दी और अपनी गाड़ी में ले जाने से मना कर दिया।
थोड़ी देर बाद पीछे से आ रहे सेना के जवानों ने घायल शुभम को सड़क पर पड़ा देखा। उन्होंने बिना देर किए घायल को उठवाकर अपनी गाड़ी में बैठाया और तुरंत अस्पताल ले गए। जवानों के इस संवेदनशील कदम की ग्रामीणों ने जमकर सराहना की। लोगों ने कहा कि आर्मी जवानों ने साबित कर दिया कि मानव सेवा ही सर्वोपरि है और जय जवान, जय किसान का नारा आज भी जीवंत है।
विज्ञापन
प्रत्यक्षदर्शी एक व्यक्ति ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि एक किसान गन्नों से भरी ट्रैक्टर–ट्रॉली लेकर लक्सर शुगर मिल की ओर जा रहा था। रास्ते में ट्रॉली का पहिया पंक्चर हो गया जिससे किसान ट्रैक्टर–ट्रॉली को लक्सर–रुड़की एनएच पर ही खड़ा कर मिस्त्री लाने चला गया।
विज्ञापन
ट्रॉली को अंधेरे में बिना लाइट या चेतावनी चिह्न के सड़क पर छोड़ दिया गया था। करीब शाम 7 बजे शुभम बाइक से रुड़की की ओर से लौट रहा था। अंधेरा होने के कारण उसे ट्रॉली दिखाई नहीं दी और बाइक सीधे ट्रॉली के पीछे जा भिड़ी। टक्कर इतनी तीव्र थी कि शुभम गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा।
विज्ञापन
राहगीरों ने तुरंत मदद के लिए आसपास के लोगों को बुलाया और यातायात रोककर स्थिति संभालने की कोशिश की। इसी दौरान रुड़की की ओर से कार में आए दो पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने घायल को तुरंत अस्पताल ले जाने की अपील की लेकिन पुलिसकर्मियों ने 108 पर कॉल करने की सलाह दी और अपनी गाड़ी में ले जाने से मना कर दिया।
थोड़ी देर बाद पीछे से आ रहे सेना के जवानों ने घायल शुभम को सड़क पर पड़ा देखा। उन्होंने बिना देर किए घायल को उठवाकर अपनी गाड़ी में बैठाया और तुरंत अस्पताल ले गए। जवानों के इस संवेदनशील कदम की ग्रामीणों ने जमकर सराहना की। लोगों ने कहा कि आर्मी जवानों ने साबित कर दिया कि मानव सेवा ही सर्वोपरि है और जय जवान, जय किसान का नारा आज भी जीवंत है।