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रुड़की में हिंसा: युवक की मौत के बाद बवाल, पथराव और आगजनी में दो इंस्पेक्टर समेत पांच घायल, धारा 144 लागू

Mon, 12 Jun 2023 10:00 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की
संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की Published by: आकाश दुबे Updated Mon, 12 Jun 2023 10:00 PM IST
सार

रुड़की के सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र स्थित बेलड़ा गांव निवासी पंकज (35) बाइक से अपने गांव लौट रहा था। रात 11 बजे के करीब वह ट्रैक्टर की चपेट में आ गया। सोमवार को युवक के परिजन और ग्रामीणों ने कुछ लोगों पर सरिये से हमला करने का आरोप लगाते हुए कोतवाली घेरते हुए हंगामा किया।

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After death of young man in Roorkee Civil Lines relatives created a ruckus pelted stones at police
परिजनों को समझाते पुलिस के अधिकारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रुड़की में ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से युवक की मौत के बाद विवाद इतना बढ़ गया कि ग्रामीणों ने पुलिस पर पत्थरबाजी कर दी। इसमें दो इंस्पेक्टर, एक दरोगा समेत पांच लोग घायल हो गए। उपद्रवियों ने एक बाइक को भी आग के हवाले कर दिया। बवाल बढ़ने पर पुलिस ने पहले तो आंसू गैस के गोले छोड़े, लेकिन हालात नियंत्रण में न आने पर लाठीचार्ज किया। देर शाम गांव की 10 किलोमीटर की परिधि में धारा 144 लागू कर दी गई। देर रात जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की। पुलिस ने पथराव करने वाले करीब 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है।

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रविवार रात सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र स्थित बेलड़ा गांव निवासी पंकज (35) बाइक से अपने गांव लौट रहा था। रात 11 बजे के करीब वह ट्रैक्टर की चपेट में आ गया। सोमवार को युवक के परिजन और ग्रामीणों ने कुछ लोगों पर सरिये से हमला करने का आरोप लगाते हुए कोतवाली घेर ली। दोपहर बाद लोगों ने पुलिस से धक्कामुक्की और हाथापाई भी की। पुलिस ने लाठियां फटकारकर किसी तरह लोगों को वहां से खदेड़ा तो लोग बेलड़ा गांव पहुंच गए। हाईवे जाम करने की आशंका के चलते भारी पुलिस बल भी वहां पहुंच गया। यहां ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इसमें दो इंस्पेक्टर, एक दरोगा घायल हो गए। घायल पुलिस अधिकारियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस का दावा है कि रात आठ बजे तक बवाल शांत कर लिया गया था।

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हत्या का आरोप लगाकर पहले कोतवाली फिर गांव में हुआ बवाल
रुड़की के बेलड़ा गांव के लोगों ने युवक की हत्या का आरोप लगाकर सुबह कोतवाली का घेराव किया। वहां से हटे तो नगर निगम चौक में हंगामा किया। वहां से फिर गांव पहुंचे और गांव में आए पुलिसकर्मियों पर पथराव कर दिया। इसके बाद गांव में देर शाम तक बवाल चलता रहा। गांव में तनाव के कारण बड़ी मात्रा में पुलिस बल तैनात रहा। सुबह करीब आठ बजे युवक के परिजन और ग्रामीण सिविल लाइंस कोतवाली पहुंचे। उन्होंने गांव के ही कुछ लोगों पर लोहे के सरियों से हमला कर हत्या करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पंकज रात को जब गांव के पास पहुंचा तो डीजे बज रहा था। पंकज ने डीजे की आवाज कम करने की बात कही तो उक्त लोगों ने हमला किया था।

हादसे की बात को लेकर भड़के परिजन
पुलिस ने परिजनों को बताया कि जांच में हादसे की बात सामने आई है। इससे परिजन नाराज हो गए और उन्होंने कोतवाली को घेर लिया। बवाल की आशंका को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने पीएसी और आसपास के थानों से पुलिस बल बुला लिया। साथी पुलिस अधिकारी आठ बजे से लेकर शाम चार बजे तक परिजनों को समझाने की कोशिश करते रहे लेकिन परिजन और ग्रामीण कोतवाली में ही डटे रहे। इस बीच पुलिस को सूचना मिली कि शव को कोतवाली लाने की कोशिश की जा रही है। इस पर एसपी देहात एसके सिंह, एएसपी निहारिका तोमर और सीओ पल्लवी त्यागी भारी फोर्स के साथ तैनात हो गए। इसके बाद ग्रामीण वहां से चले गए।

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गांव में तनाव को देखते हुए सात थानों और कोतवाली की फोर्स तैनात
पुलिस ने सिविल अस्पताल से शव को दूसरे रास्ते से गांव भेजा। सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण भी गांव पहुंच गए। यहां हाईवे जाम करने की आशंका को देखते हुए एसपी देहात फोर्स के साथ गांव पहुंचे। शाम छह बजे परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इससे भगदड़ मच गई। हमले में मंगलौर कोतवाली प्रभारी मनोज मैनवाल एवं भगवानपुर प्रभारी निरीक्षक राजीव रौथाण गंभीर रूप से घायल हो गए। दरोगा बारु सिंह चौहान को भी हल्की चोटें आई हैं। गांव में तनाव को देखते हुए सात थानों और कोतवाली का पुलिस बल तैनात किया गया है। खबर लिखे जाने तक पुलिस अधिकारी गांव में डेरा डालकर ग्रामीणों को समझाने में जुटे रहे। वहीं, परिजन हत्या का केस दर्ज करने के बाद ही शव का अंतिम संस्कार करने की जिद पर अड़े रहे।
 

चौक में 20 मिनट किया हंगामा, पुलिस ने लाठी फटकारकर खदेड़ा
परिजन व ग्रामीण कोतवाली से नगर निगम चौक पर पहुंच गए और हंगामा करते हुए बवाल कर दिया। पुलिस ने समझाने का प्रयास किया तो महिलाओं ने पुलिस अधिकारियों से धक्कामुक्की और हाथापाई की। इस पर पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए लाठियां फटकारकर भीड़ को खदेड़ा। नगर निगम चौक पर 20 मिनट तक हंगामा चलता रहा। नगर निगम चौक पर धक्कामुक्की के दौरान एएसपी निहारिका तोमर के हाथ से एक महिला ने डंडा छीन लिया। इसे लेकर एएसपी और महिला के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने महिला को फटकारकर शांत किया। उधर, नगर निगम चौक पर जाम लग गया।

युवक की मौत के मामले में पूरी जांच कराई गई है। इसमें हादसे में मौत होना निकला है। जिन्होंने माहौल खराब है, उन्हें चिह्नित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। -स्वप्न किशोर सिंह, एसपी देहात
 

एक गेट किया बंद, दूसरे पर बैरिकेड लगाए
पुलिस ने मामला बढ़ता देख सिविल लाइंस कोतवाली का एक गेट पूरी तरह से बंद कर दिया। एक गेट को बैरिकेडिंग लगाकर बंद कर दिया गया ताकि ग्रामीणों की भीड़ वापस कोतवाली में घुस पाए।

पुलिस ने घर में घुसकर मारी लाठियां, कई लोग घर छोड़कर भागे
देर शाम बेलड़ा में पथराव करने के बाद पुलिस ने भीड़ को शांत करने के लिए आंसू गैसे गोले छोड़े, लेकिन भीड़ फिर भी शांत नहीं हुई और पुलिस पर पथराव करती रही। करीब पंद्रह मिनट तक पथराव होता रहा। इस पर पुलिस के सब्र का बांध टूट गया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। लाठीचार्ज होता देख भीड़ घरों में घुसने लगी। ग्रामीणों के मुताबिक, पुलिस भी घर में घुसकर लाठी बरसाती रही। पुलिस के तेवर देख पथराव करने वाले महिला व पुरुष अपना-अपना घर छोड़कर फरार हो गए। वहीं, इस बीच एसएसपी अजय सिंह, जेएम अभिनव शाह भी गांव पहुंचे और हालात की जानकारी ली। साथ ही कुछ ग्रामीणों से वार्ता की और शांति बनाए रखने की अपील की।

दूसरे बिरादरियों के घर पर भी किया पथराव
बेलड़ा गांव में मृतक पक्ष के लोगों ने दूसरी बिरादरी के घरों पर भी पथराव किया। बताया जा रहा है कि घर में घुसकर तोड़फोड़ भी की। साथ ही कई बाइकें और अन्य वाहन भी तोड़ दिए। इससे तनाव बढ़ गया और वह भी सामने आ गए। वहीं, बताया जा रहा है कि भगदड़ में कई ग्रामीण भी घायल हो गए हैं।

मृतक के शरीर पर थे चोट के निशान
परिजनों और ग्रामीणों का कहना था कि था कि मृतक के शरीर पर चोट के निशान थे। उसके मुंह, छाती और सिर पर काफी गहरे निशान थे। इसके अलावा एक पैर में फ्रेक्चर भी थी। परिजनों का कहना था कि उसकी पीट-पीटकर हत्या की गई है।

भीम आर्मी के कार्यकर्ता भी पहुंचे कोतवाली
सोमवार की सुबह युवक की मौत के मामले में कार्रवाई को लेकर भीम आर्मी के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में सिविल लाइंस कोतवाली पहुंचे। इस दौरान उनकी पुलिस से तीखी नोकझोंक भी हुई। भीम आर्मी कार्यकर्ता भी शाम तक कोतवाली में डटे रहे। उधर, बताया जा रहा है कि गांव में कुछ बाहरी लोग भी पहुंचे थे, जिनकी वजह से बवाल ने बड़ा रूप ले लिया।
 

गांव के 10 किलोमीटर की परिधि में लगी धारा 144: एसएसपी
परिजन व ग्रामीण की युवक की हत्या करने की बात कह रहे थे। पुलिस ने जांच की तो ऐसा कुछ नहीं निकला। पुलिस सुबह से लेकर संयम बरतकर समझाने का प्रयास कर रही थी, लेकिन शाम को गांव पहुंचने पर कुछ अराजक तत्वों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। पुलिस ने मुश्किल से मामला शांत कराया है। जांच में सामने आया है कि कुछ बाहरी लोग वाहनों से गांव आए थे, जिन्होंने माहौल खराब किया है। उन्हें चिह्नित किया जा रहा है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी। साथ ही माहौल को देखते हुए गांव के 10 किलोमीटर की परिधि में धारा 144 लागू कर दी गई है। अब किसी ने माहौल खराब किया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -अजय सिंह, एसएसपी

पुलिस ने पुरानी घटना से लिया सबक
पुलिस ने पिछले दिनों बैंककर्मी की मौत के बाद शव को गंगनहर कोतवाली में टेबल पर रखने की घटना से सबक लिया। पुलिस को आशंका थी कि मृतक पंकज के परिजन भी शव को कोतवाली में लाकर रख सकते हैं। इसे लेकर पुलिस फोर्स कोतवाली के बाहर और दो चौराहों पर तैनात रही।

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